न्यूयॉर्क का वो इकलौता जोड़ा जिसका लॉकडाउन में भी कराया गया तलाक

अदालत ने एक जोड़े के तलाक के मामले को इमरजेंसी करार देते हुए लॉकडाउन में उनका तलाक करवा दिया.
अदालत ने एक जोड़े के तलाक के मामले को इमरजेंसी करार देते हुए लॉकडाउन में उनका तलाक करवा दिया.

वकील मॉर्गन रिचर्डसन ने कहा, 'मेरी मुवक्किल अपने विदेशी पति से तत्काल तलाक चाहती थीं और इस दर्दनाक रिश्ते से छुटकारा पाने का यही एकमात्र तरीका था. जब तलाक का फैसला किया गया, तो मेरी मुवक्किल खुशी के मारे रोने लगीं. अगर उन्‍हें फौरन तलाक न मिलता तो इससे उनके जीवन पर इसके गंभीर परिणाम होते.

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वाशिंगटन. अमेरिका (America) के शहर न्यूयॉर्क (New York) में जबसे कोरोना वायरस (Corona Virus) की वजह से लॉकडाउन (Lockdown) लगाया गया है तब से किसी भी दंपति के तलाक (Divorce) के मामले का फैसला नहीं किया गया है, लेकिन अब अदालत ने एक जोड़े के तलाक के मामले को इमरजेंसी करार देते हुए उनका तलाक करवा दिया है, जो लॉकडाउन के दौरान होने वाला पहला तलाक है. 'मेल ऑनलाइन' के मुताबिक कानूनी कारणों से इस जोड़े की पहचान गुप्त रखी गई है. यह दंपति मैनहट्टन का था और उसने तलाक के लिए अर्जी दी थी. रिपोर्ट के अनुसार तलाक के वकील मॉर्गन रिचर्डसन ने अदालत की जज मिशेल काट्ज से अनुरोध किया कि चूंकि इस मामले के साथ इसमें इमीग्रेशन का मामला भी शामिल है. इसलिए इसे इमरजेंसी मामला मानते हुए इस पर तुरंत फैसला सुनाया जाना चाहिए.

तलाक का फैसला सुन कर महिला खुशी के मारे रोने लगीं
वहीं जज ने इस अनुरोध को मंजूर कर लिया. चूंकि जज मिशेल लॉकडाउन के कारण घर पर काम कर रही थीं, इसलिए उन्होंने केस के कागजात घर मंगवाए और जोड़े को तलाक दे दिया. वकील मॉर्गन रिचर्डसन ने कहा, 'मेरी मुवक्किल अपने विदेशी पति से तत्काल तलाक चाहती थीं और इस दर्दनाक रिश्ते से छुटकारा पाने का यही एकमात्र तरीका था. जब तलाक का फैसला किया गया, तो मेरी मुवक्किल खुशी के मारे रोने लगीं. अगर उन्‍हें फौरन तलाक न मिलता तो इससे उनके जीवन पर इसके गंभीर परिणाम होते. क्‍योंकि इमीग्रेशन का एक मामला इसके साथ जुड़ा हुआ था.' हालांकि मॉर्गन रिचर्डसन ने यह नहीं बताया कि इमीग्रेशन की क्‍या समस्‍या इस केस से जुड़ी हुई थी. फिलहाल इस जोड़े को तलाक मिल चुका है.

दरअसल, कोरोना वायरस और इसकी रोकथाम के लिए लगाए गए लॉकडाउन ने इंसान के जीवन पर गहरे प्रभाव डाले हैं. इसने सामाजिक, आर्थिक और लोगों के निजी जीवन को पूरी तरह प्रभावित किया है. यही वजह है कि लॉकडाउन के दौरान बहुत से ऐसे मामले भी उभर कर सामने आ रहे हैं जिन्‍होंने सोचने पर विवश किया है.
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