अमेरिका कस रहा है हाफिज़ सईद पर अपना शिकंजा

सईद को कई बार गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन 2009 में लाहौर हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ सभी आतंकवाद के आरोपों को रद्द कर दिया था और उन्हें मुक्त कर दिया था.

News18Hindi
Updated: February 16, 2018, 12:07 AM IST
अमेरिका कस रहा है हाफिज़ सईद पर अपना शिकंजा
सईद को कई बार गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन 2009 में लाहौर हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ सभी आतंकवाद के आरोपों को रद्द कर दिया था और उन्हें मुक्त कर दिया था.
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Updated: February 16, 2018, 12:07 AM IST
पाकिस्तान ने मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद द्वारा संचालित सेमिनरी और स्वास्थ्य सुविधाओं पर कार्रवाई शुरू कर दी है. विश्व स्तर पर प्रतिबंध लगाए गए समूहों की प्रगति की समीक्षा करने के लिए एक उच्च स्तरीय संयुक्त राष्ट्र की टीम ने पिछले महीने पाकिस्तान का दौरा किया था.

क्या हुआ  है?

पंजाब सरकार के निर्देशों के बाद, रावलपिंडी के जिला प्रशासन ने सईद से जुड़े जमात-उद-दावा (जेयूडी) और फलाह-इ-इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) द्वारा संचालित एक विद्यालय और चार डिस्पेंसरी को अपने नियंत्रण में ले लिया.

डॉन की रिपोर्ट में  का गया है कि धार्मिक संपत्तियों पर नियंत्रित करने वाले अक्फैफ विभाग को यह विद्यालय सौंप दिया गया है. पिछले हफ्ते, पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र के निर्वाचित समूहों की सूची में हाफिज सईद से जुड़े जमात-उद-दावा और फलाह-इ-इनसानियत फाउंडेशन और अन्य आतंकवादी संगठनों को शामिल करने के लिए एक राष्ट्रपति के अध्यादेश के जरिए आतंकवाद विरोधी कानूनों को बदल दिया था,

सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद) की प्रतिबंध सूची में जेयूडी, एफआईएफ और अन्य संगठनों को दान देने पर प्रतिबंध लगाया था.

हाफिज सईद है कौन?
जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद मुंबई में 2008 में हुए 26/11 हमले का मास्टरमाइंड है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान पर आतंकवादियों को आश्रय देने का आरोप लगाया था और सुरक्षा सहायता के लिए लगभग 2 बिलियन अमरीकी डालर को निलंबित कर दिया  था जिसके बाद पाकिस्तान आतंकवादी समूहों पर लगाम लगाने के लिए तीव्र दबाव में आया.

हाफिज सईद का जन्म पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा में हुआ था. अरबी और इंजीनियरिंग का पूर्व अध्यापक सईद अब जमात-उद-दावा का संस्थापक है. सईद के अनुसार विभाजन के बाद उसका परिवार पाकिस्तान के सरगोधा में बस गया जहां पर उसके रिश्तेदारों ने उसके पिता को रहने के लिए एक मिट्टी की बनी झोपड़ी दी थी. बाद में उसके परिवार को सरगोधा के पास ही स्थित एक गांव में 15 एकड़ जमीन मिली, जहां से उसके परिवार ने जीवन की दूसरी शुरुआत हुई.

क्यों है बदनाम?
यह चरमपंथी इस्लामी संगठन है जिसका मकसद भारत के कुछ हिस्सों और पाकिस्तान में इस्लामी शासन स्थापित करना है. हाफिज ने यह संगठन तब बनाया था जब पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा पर प्रतिबंध लगा दिया गया था.

11 सितंबर 2001 में अमेरिका पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने लश्कर-ए-तैयबा को विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया था. वर्ष 2002 में पाकिस्तानी सरकार ने भी लश्कर पर प्रतिबंध लगा दिया.  उसके बाद हाफिज सईद ने लश्कर-ए-तैयबा का नया नाम जमात-उद-दावा रखा, हालांकि हाफिज सईद इस बात से इन्कार करता है कि जमात-उद-दावा का लश्कर से कोई संबंध है.



भारत के साथ संबंध?


भारत सरकार 2003, 2005 और 2008 में हुए आतंकी हमलों के लिए लश्कर-ए-तैयबा को जिम्मेदार मानती है. भारतीय संसद पर हमले की कड़ी भी इसी गुट से जुड़ती है. मुंबई आतंकी हमलों में उसकी भूमिका को लेकर भारत ने सईद के खिलाफ इंटरपोल रेड कार्नर नोटिस जारी कर रखा है, वहीं अमेरिका ने इसे विशेष निगरानी सूची में रखा है.

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार सईद पाकिस्तान में खुला घूमता है और मजे से रहता है. सईद ने टाइम्स को एक साक्षात्कार में कहा था, "मैं एक साधारण व्यक्ति की तरह ही आगे बढ़ा हूं, मेरा भाग्य परमेश्वर के हाथों में है, न कि अमेरिका."

अमेरिका और हाफिज सईद

सईद को कई बार गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन 2009 में लाहौर हाईकोर्ट ने उसके खिलाफ सभी आतंकवाद के आरोपों को रद्द कर दिया था और उन्हें मुक्त कर दिया था.

अमेरिका ने सईद को पकड़ने के लिए जानकारी देने के लिए 10 मिलियन डॉलर के पुरस्कार की घोषणा की थी जिससे वह दुनिया के सबसे ज्यादा वांछित आतंकवादियों में से एक बन गया.

युनाइटेड स्टेट, युनाइटेड किंग्डम, यूरोपियन यूनियन, रूस और ऑस्ट्रेलिया ने भी जमात उद दावा पर बैन लगाया हुआ है. दिसंबर 2008 में संयुक्त राष्ट्र ने भी जमात उद दावा को एक आतंकी संगठन और हाफिज को एक आतंकी घोषित कर दिया था.

लश्कर के साथ अपने रिश्ते और 2008 के मुंबई हमले को लेकर हाफिज भारत के लिए मोस्ट वांटेड आतंकवादी है. एनआईए की मोस्ट वांटेड लिस्ट में सईद का भी नाम शामिल है और भारत ने उसके संगठन को आतंकी संगठन के तौर पर प्रतिबंधित किया हुआ है.

हाफिज सईद का परिवार 

सईद के अनुसार उसकी दो शादियां हुई हैं. पहली शादी तो परिवार की ही एक महिला से हुई थी. उससे उसके तीन बच्चे पैदा हुए. उसमें से दो बेटे फिलहाल हाफिज सईद के साथ ही हैं जबकि बेटी की मौत हो गई. एक बेटा लाहौर यूनिवर्सिटी में पढ़ाता है. हाफिज सईद ने दूसरी शादी 2002 में की जो एक विधवा थी.
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