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तबाही के खतरनाक मुहाने पर है दुनिया, 100 सेकेंड पर आया 'कयामत की घड़ी' का कांटा

News18Hindi
Updated: January 24, 2020, 11:22 AM IST
तबाही के खतरनाक मुहाने पर है दुनिया, 100 सेकेंड पर आया 'कयामत की घड़ी' का कांटा
साल 1947 से काम कर रही यह घड़ी DoomsDay Clock बताती है कि दुनिया पर परमाणु हमले की आशंका कितनी है.

साल 1947 से काम कर रही यह घड़ी DoomsDay Clock बताती है कि दुनिया पर परमाणु हमले की आशंका कितनी है.

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  • Last Updated: January 24, 2020, 11:22 AM IST
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वॉशिंगटन. परमाणु वैज्ञानिकों ने दुनिया के बदलते हालात के मद्देनजर चेतावनी दी है कि इस समय विश्व भर में परमाणु युद्ध का खतरा सबसे ज्यादा है. 'द बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक साइंटिस्ट्स' (बीएएस) ने गुरुवार को बताया कि दुनिया तबाही के खतरनाक मुहाने पर है. वैज्ञानिकों ने ऐसा कयामत की घड़ी (Dooms Day Clock) की गणना के आधार पर कहा है. इस घड़ी में आधी रात होने में 2 मिनट से भी कम या 100 सेकेंड का अंतर रह गया है.

क्या है कयामत की घड़ी?
शिकागो यूनिवर्सिटी के 15 वैज्ञानिकों की एक टीम 'द बुलेटिन ऑफ़ द एटॉमिक साइंटिस्ट्स' (बीएएस) ने 1947 में 'डूम्स डे क्लॉक' यानी कयामत की घड़ी बनाई थी. यह घड़ी मानवता के खतरों को जाहिर करने के लिए परमाणु विस्फोट (आधी रात) की कल्पना और शून्य की उलटी गिनती (काउंटडाउन) का इस्तेमाल करती है.

क्या है इसका मतलब?

'कयामत की घड़ी' के कांटे को आगे-पीछे करने का काम बीएएस को ही सौंपा गया है. इस घड़ी में 12 बजने का मतलब है कि दुनिया का अंत किसी भी समय हो सकता है या फिर दुनिया पर परमाणु हमले की संभावना 100 फीसदी है. अब तक इसमें 19 बार बदलाव किया जा चुका है. साल 1949 में जब रूस ने अपने पहले परमाणु बम RDS 1 का टेस्ट किया और दुनिया में न्यूक्लियर पावर बनने की दौड़ शुरू हुई उस वक्त डूम्स डे क्लॉक में तीन मिनट का फासला था.

'दक्षिण एशिया को बताया टिंडर बॉक्स'
साल 1953 में आधी रात होने में फासला घटकर 2 मिनट रह गया था. 1991 में मध्यरात्रि से इसे 17 मिनट पहले कर दिया गया था. वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर नज़र रखने वाले गैर लाभकारी संगठन बीएएस ने कहा कि डूम्स डे क्लॉक अब '73 साल के इतिहास में विध्वंस के सबसे करीब  है.'भारत या पाकिस्तान का नाम लिए बिना बीएएस के विशेषज्ञों ने दक्षिण एशिया को 'परमाणु टिंडरबॉक्स' बताया, जहां मध्यस्थता की संभावना बहुत कम हैं.  संस्था ने दुनिया भर के नेताओं से अपील की है कि वह मानवता को आगे बढ़ाएं और सद्भावना के साथ दुनिया के विकास में योगदान दें.

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First published: January 24, 2020, 8:38 AM IST
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