June दुनिया में इतिहास का सबसे गर्म महीना रिकॉर्ड हुआ: EU सैटेलाइट एजेंसी

यूरोपीय यूनियन कॉपर्निकस क्लाइमेट चेंज एजेंसी की स्टडी से पता चलता है कि यूरोप के सामान्य तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तापमान में वृद्धि दर्ज की गई. जबकि सम्पूर्ण दुनिया के पिछले जून के तापमान में .01 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई.

News18Hindi
Updated: July 3, 2019, 7:13 AM IST
June दुनिया में इतिहास का सबसे गर्म महीना रिकॉर्ड हुआ: EU सैटेलाइट एजेंसी
इस साल का जून महीना सबसे गर्म रहा
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Updated: July 3, 2019, 7:13 AM IST
पूरी दुनिया में पिछला जून का महीना आज तक के इतिहास का सबसे गर्म रिकॉर्ड किया गया है. मंगलवार को एक उपग्रह डाटा के जरिए एक रिपोर्ट जारी की गई है. जिसमें पूरी दुनिया के साथ ही पश्चिम यूरोप को रिकार्ड ब्रेकिंग हीटवेव के रूप में दिया गया है. यूरोपीय यूनियन द्वारा संचालित कॉपर्निकस क्लाइमेट चेंज द्वारा हाल ही में सेटेलाइट के माध्यम से एक स्टडी की गई है.

सहारा से यूरोप तक हीटवेव ने तोड़े सारे रिकॉर्ड

एजेंसी की स्टडी से पता चलता है कि यूरोप के सामान्य तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तापमान में वृद्धि दर्ज की गई. जबकि सम्पूर्ण दुनिया के पिछले जून के तापमान में .01 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई.
गौरतलब है कि सहारा से लेकर सम्पूर्ण यूरोप में पिछले हफ्ते का हीटवेव ने गर्मी के एक दिन के सारे पिछले रिकॉर्डों को तोड़ दिया.

सहारा से चले हीटवेब के चलते पश्चिम यूरोप के जून के तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि रही.


पश्चिमी यूरोप के तापमान में 10 डिग्री की वृद्धि

सहारा से चले हीटवेव के कारण फ्रांस, जर्मनी, उत्तरी स्पेन और इटली के तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस तापमान की वृद्धि दर्ज की गयी थी. कोपरनिकस टीम का कहना है कि जलवायु परिवर्तन को लेकर सीधे तौर पर रिकॉर्ड ब्रेकिंग महीना कहना मुश्किल है लेकिन अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिकों के एक दल ने अपने एक अलग विश्लेषण में कहा है कि ग्लोबल वार्मिंग के चलते हीटवेव में पांच गुने तक की वृद्धि हुई है.
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दुनिया के औसत तापमान में 3 डिग्री की वृद्धि

कॉपरनिकस टीम ने अपने अध्ययन में पाया है कि यूरोप के तापमान में 2019 के जून का तापमान, 1850 से 1900 की तुलना में औसत रूप से तीन डिग्री सेल्सियस तापमान की वृद्धि दर्ज की गई. कापरनिकस टीम के एक सदस्य जीन नोएल थापुत का कहना है कि हमारे आंकडे़ के अनुसार जून के अंतिम सप्ताह के दौरान यूरोप के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में असामान्य रूप से अधिक तापमान था. उन्होंने कहा कि भविष्य में ग्लोबल वार्मिंग के चलते हम इसमें और अधिक वृद्धि देख सकते हैं.

दुनिया के औसत तापमान में .01 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई.


भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार भारत के प्रमुख शहरों का तापमान में सभी समय में वृद्धि दर्ज की गई है. इस साल जून में दिल्ली में इतिहास का सर्वाधिक 48 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. जबकि धौलपुर में इस मौसम का सर्वाधिक 51 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है. बीकानेर में 48.9 डिग्री सेल्सियस और शिलांग में 29.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है.

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First published: July 3, 2019, 7:02 AM IST
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