Home /News /world /

क्या भविष्य में होगी कोविड के बूस्टर डोज की जरूरत? दुनिया के टॉप हेल्थ एक्सपर्ट्स ने दी ये सलाह

क्या भविष्य में होगी कोविड के बूस्टर डोज की जरूरत? दुनिया के टॉप हेल्थ एक्सपर्ट्स ने दी ये सलाह

फाइल फोटो

फाइल फोटो

There be a need of a Covid vaccine booster dose: दुनियाभर में कोरोना वायरस का खतरा अभी टला नहीं है. महामारी विशेषज्ञों के अनुसार, भविष्य में भी इस वायरस के अन्य वेरिएंट्स देखने को मिल सकते हैं. ऐसे में बड़ा सवाल है कि उन्हें अब बेहतर इम्युनिटी के लिए वैक्सीन के और कितने शॉट की जरूरत होगी. हालांकि इससे जुड़े एक अध्ययन में यह सामने आया है कि ना तो कई महीनों तक और ना सालों तक वैक्सीन के अगले डोज की जरूरत होगी.

अधिक पढ़ें ...

न्यूयॉर्क: दुनियाभर में अब लोग कोरोना वायरस (Coronavirus) के साथ जीने को मजबूर हैं और भविष्य में नए वेरिएंट (New Variant) के खतरे से जूझते रहेंगे. ऐसे में बड़ा सवाल है कि उन्हें अब बेहतर इम्युनिटी (Immunity) के लिए वैक्सीन (Vaccine) के और कितने शॉट की जरूरत होगी. हालांकि इससे जुड़े एक अध्ययन में यह सामने आया है कि ना तो कई महीनों तक और ना सालों तक वैक्सीन के अगले डोज की जरूरत होगी. इस स्टडी के अनुसार, कोविड वैक्सीन (Covid Vaccine) के 3 डोज या सिर्फ दो डोज ही काफी हैं. जो ज्यादातर लोगों को कोरोना वायरस से संबंधित गंभीर बीमारियों और इससे होने वाली मौत से लंबे समय तक बचाएंगे.

यूनिवर्सिटी ऑप पेन्सिलवेनिया में इंस्टीट्यूट ऑफ इम्युनोलॉजी के निदेशक जॉन वेहरी ने कहा कि, हम अब अतिरिक्त डोज की संख्या पर कम रिटर्न देखना शुरू कर रहे हैं. हालांकि 65 वर्ष से अधिक या उच्च जोखिम वाले लोगों को वैक्सीन की चौथी खुराक से लाभ हो सकता है, लेकिन ज्यादातर लोगों के लिए यह अनावश्यक हो सकती है.

वहीं बिडेन प्रशासन में शीर्ष COVID सलाहकार डॉ एंथनी फाउची समेत फेडरल हेल्थ ऑफिसर ने भी कहा है कि वे किसी भी प्रकार की आकस्मिक स्थिति से पहले चौथी खुराक की सिफारिश करने की संभावना नहीं रखते हैं.

यह भी पढ़ें: कोरोना से ठीक होने वाले लोग अपने हार्ट का रखे खास ध्यान, जा सकती है जान: एक्सपर्ट

ओमिक्रॉन वैरिएंट एंटीबॉडी को चकमा दे सकता है-इम्युन मॉलेकल जो वायरस को कोशिकाओं को संक्रमित करने से रोकते हैं- एक COVID वैक्सीन की दो खुराक के बाद उत्पन्न होते हैं. लेकिन फाइजर-बायोएनटेक या मॉडर्न द्वारा बनाए गए एमआरएनए टीकों का तीसरा शॉट शरीर को एंटीबॉडी की एक विस्तृत विविधता बनाने के लिए प्रेरित करता है. जिसे कोई भी वेरिएंट आसानी से नष्ट नहीं कर सकता
है. हाल ही में हुई एक स्टडी में इसका खुलासा हुआ है.

वहीं अन्य वेरिएंट्स से संक्रमित होने पर एंटीबॉडीज और विकसित होती है. डॉ जूली मैकएलारथ का कहना है कि अगर लोग ओमिक्रॉन सरीखे किसी और वेरिएंट्स से संक्रमित होते हैं तो उनके प्रतिरक्षा तंत्र में और वृद्धि होती है. इसके अलावा इम्युन सिस्टम के अन्य भाग कई महीनों तक वायरस के प्रभाव को कम या खत्म कर देते हैं. पिछले कुछ महीनों में पब्लिश कई स्टडीज में यह बात की गई है.

रिसर्च में पाया गया कि COVID वैक्सीन के चार ब्रांड्स – फाइजर-बायोएनटेक, मॉडर्न, जॉनसन एंड जॉनसन और नोवावैक्स, द्वारा टी कोशिकाओं नामक विशिष्ट प्रतिरक्षा कोशिकाएं ओमिक्रॉन वेरिएंट के खिलाफ लगभग 80% तक असरदार हैं. शोधकर्ताओं ने कहा कि भले ही पिछले वेरिएंट से ओमिक्रॉन के म्यूटेशन कितने अलग हैं लेकिन इसकी अधिक संभावना है कि टी कोशिकाएं भविष्य के किसी भी वेरिएंट पर इसी तरह से मजबूत हमला करेंगी.

नई स्टडी में पाया गया है कि वैक्सीन का तीसरा शॉट दूसरे शॉट की तुलना में बी कोशिकाओं का एक समृद्ध पूल बनाता है, और वे जो एंटीबॉडी उत्पन्न करते हैं वे विभिन्न प्रकार के रूपों को पहचानते हैं. प्रयोगशाला में किए गए अध्ययन के अनुसार, ये एंटीबॉडी बीटा, डेल्टा और ओमिक्रॉन वेरिएंट को रोकने में सक्षम थी.

Tags: Coronavirus, Omicron

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर