लाइव टीवी

मोदी और जिनपिंग के बीच इन मुद्दों पर होगी बात, जानें 10 खास बातें

News18Hindi
Updated: October 11, 2019, 10:48 AM IST
मोदी और जिनपिंग के बीच इन मुद्दों पर होगी बात, जानें 10 खास बातें
ष्ट्रपति जिनपिंग की भारत यात्रा ऐसे समय पर हो रही है, जबकि दो दिन पहले ही उनकी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के मीटिंग हुई है.

महाबलीपुरम (Mahabalipuram) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच शिखर वार्ता होगी. इस शिखरवार्ता में ना तो कोई एमओयू साइन किया जाएगा और न ही कोई साझा बयान जारी किया जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 11, 2019, 10:48 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) अपने दो दिवसीय भारत यात्रा पर शुक्रवार को महाबलीपुरम (Mahabalipuram) पहुंच रहे हैं. इस दौरान राष्ट्रपति जिनपिंग के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूसरी अनौपचारिक मीटिंग होगी. गौरतलब है कि दोनों नेताओं के बीच पहली अनौपचारिक मीटिंग चीन के हुवान में पिछले साल हुई थी, जो काफी सफल रही थी. इस शिखरवार्ता के बीच दोनों नेताओं के बीच भारत के प्राचीन नगर महाबलीपुरम में अनौपचारिक और प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत होगी.

बता दें कि राष्ट्रपति जिनपिंग की भारत यात्रा ऐसे समय पर हो रही है, जबकि दो दिन पहले ही उनकी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के मीटिंग हुई है. इस मीटिंग में पीएम इमरान ने कश्मीर मुद्दे को उठाया है. वहीं चीन ने अपने पहले दिए बयान से  यूटर्न लेते हुए कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के तहत शांति पूर्ण समाधान पर जो दिया है. इससे पहले भी चीन ने पिछले महीने यूएन की जनरल असेंबली में भारत की आलोचना की थी.

चीन ने पिछले महीने यूएन की जनरल एजेंबली में भारत की आलोचना की थी.


1.राष्ट्रपति जिनपिंग की भारत यात्रा के दौरान उनकी और पीएम मोदी के बीच वार्ता शनिवार सुबह महाबलीपुरम में होगी. सरकारी सूत्रों का कहना है कि इस शिखरवार्ता में ना तो कोई एमओयू साइन किया जाएगा और न ही कोई साझा बयान जारी किया जाएगा. इस वार्ता का प्रमुख उद्देश्य शीर्ष स्तर पर संबंधों का विस्तार करना और प्रमुख विषयों पर एक दूसरे के विचार साझा करना है.

2. सूत्रों का कहना है कि इस शिखर वार्ता के प्रमुख विंदु आतंकवाद, आतंकवादियों की ट्रेनिंग, आतंंकवादी संगठनों को आर्थिक सहायता और आतंकी संगठनों को अन्य मदद जैसे विषयों पर वार्ता होगी.  साथ ही व्यापार, रक्षा और सीमा विवाद से संबंधित मुद्दों पर भी बातचीत होगी.

महाबलीपुरम रथ मंदिर


3. राष्ट्रपति जिनपिंग शुक्रवार दोपहर 2 बजे चेन्नई पहुंचेगे और इसके बाद वह महाबलीपुरम जाने का प्रोग्राम निश्चित किया गया है. प्रधानमंत्री मोदी जिनपिंग को तीन प्राचीन धरोहनों को दिखाएंगे. अर्जन की तपस्या स्थली, पंच रथ और तटीय मंदिरों का दर्शन कराएंगे.
Loading...

4.  शनिवार सुबह दोनों नेता ताज फिशमैन के रिजार्ट और स्पा में अनौपचारिक मुलाकात करेंगे. साथ ही प्रतिनिधि स्तर पर बातचीत होगी. साथ मोदी जिनपिंग के साथ लंच और डिनर की मेजवानी करेंगे.

महाबलीपुरम तटीय मंदिर


5. पीएम मोदी और राष्ट्रपति जिनपिंग की पहली अनौपचारिक शिखरवार्ता चीन के झीलों के शहर हुवान में हुआ था. जिसके महीने भर बाद डोकलाम विवाद हुआ था. जिसमें दोनों देश की सेनाएं 73 दिनों तक एक दूसरे के आमने सामने थीं.

6. डोकलाम विवाद को पीछे छोड़ते हुए मीटिंग में दोनों देशों की सेनाओं के बीच सीमा में शांति के लिए नए रास्ते निकाले जाएंगे.  दोनों ही देश सीमा पर शांति और स्थिरता को बनाए रखने के लिए सहमत हैं.

शनिवार को महाबलीपुरम में मोदी और जिनपिंग के बीच शिखर वार्ता होगी.


7. साथ दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों का विकास करना है. विदेश मंत्री जे जयशंकर ने कहा कि हुवान शिखरवार्ता से दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों के विकास और स्थायित्व को लेकर यह सहमति बन सकी है. वो दोनों देशों के बीच मतभेद को विवाद नहीं देंगे.

8. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि हुवान शिखरवार्ता से दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों के विकास और स्थायित्व को लेकर यह सहमति बन सकी है. वो दोनों देशों के बीच मतभेद को विवाद नहीं बनने देने पर सहमति बनी है.

9. प्रधानमंत्री इमरान खान से मीटिंग के बाद जिनपिंग ने कहा कि मुख्य विंदुओं पर पाकिस्तान को समर्थन देने का आश्वासन दिया. साथ ही उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को शांतिपूर्ण ढंग से यूएन चार्टर, यूएन सुरक्षा परिषद और द्विपक्षीय समझौतों के तहत सुलझाना चाहिए. वहीं राष्ट्रीय न्यूज एजेंसी जिनहुआ कहा कि पाकिस्तान और भारत सभी विवादित मुद्दों को शांति पूर्वक बातचीत के जरिए सुलझांए.

10. इसके जवाब में भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत का जम्मू-कश्मीर को लेकर एकदम स्पष्ट और हमेशा से यह मानना रहा है कि यह भारत का आंतरिक क्षेत्र है. चीन हमारे स्थित से अच्छी तरह वाकिफ है. भारत के आंतरिक मामले में कोई दूसरा देश हस्ताक्षेप नहीं कर सकता है. सरकार ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर कोई भी फैसला करसकती है यह हमारा आंतरिक मामला है.

ये भी पढ़ें: 

पाकिस्‍तानी सेना ने राफेल विमान पूजन मामले में राजनाथ सिंह का किया बचाव

'करवा चौथ' स्पेशल ट्रेन करनी पड़ी रद्द, सिर्फ दो दंपतियों ने खरीदा था टिकट

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए दुनिया से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 11, 2019, 9:24 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...