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भारत नहीं, दुनिया के इस देश में हैं सबसे कम टॉयलेट

सांकेतिक तस्वीर
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रिपोर्ट में बताया गया है कि हर साल करीब 140,000 छात्रों की डायरिया और दूसरी बीमारियों की वजह से मौत हो जाती है, जबकि खराब सिनेटेशन की वजह से 289,000 बच्चों की मौत स्कूल पहुंचने से पहले ही हो जाती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 17, 2018, 10:30 AM IST
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दुनिया के किसी और देश की तुलना में इथियोपिया के लोगों की अच्छे टॉयलेट तक पहुंचने की संभावना सबसे कम होती है, शुक्रवार को एक नए अध्ययन में ये बात कही गई. वाटरएड ने अपने अध्य्यन में पाया टॉयलेट की कमी के मामले में इथियोपिया दुनिया का नेतृत्व करता है. अफ्रीका महाद्वीप के दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाले देश में 93 प्रतिशत लोगों के पास टॉयलेट नहीं है.

संयुक्त राष्ट्र संघ के एनुअल वर्ल्ड टॉयलेट डे से पहले जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि 620 मिलियन स्कूली छात्रों समेत दुनियाभर में 2.3 बिलियन लोगों के घर में टॉयलेट नहीं है. वाटरएड के कैंपेन डायरेक्टर सेवियो कारवाल्हो के अनुसार, "यह इसलिए अचंभित करने वाला है क्योंकि यह न केवल उनके स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए खतरनाक है बल्कि उनके भविष्य के लिए भी खतरनाक है."

टॉयलेट की कमी के घातक परिणाम हो सकते हैं, खासकर विद्यार्थियों के लिए. रिपोर्ट में बताया गया है कि  हर साल करीब 140,000 छात्रों की डायरिया और दूसरी बीमारियों की वजह से मौत हो जाती है, जबकि खराब सिनेटेशन की वजह से 289,000 बच्चों की मौत स्कूल पहुंचने से पहले ही हो जाती है.



पिछले कुछ सालों से इथियोपिया की अर्थव्यवस्था में वृद्धि देखने को मिली है और यह अफ्रीका महाद्वीप के सबसे तेजी से आर्थिक प्रगति करने वाले देशों में शामिल रहा है, लेकिन इसके बावजूद इथियोपिया व्यापक गरीबी से संघर्ष कर रहा है.
जातीय संघर्ष इस देश की परेशानी की वजह बने हुए हैं. इस साल की शुरुआत से ही अब तक यहां 1.4 मिलियन लोग विस्थापित हो चुके हैं जो संख्या दुनिया में सबसे अधिक है. इसके अलावा सूखा और बाढ़ भी इस देश की गरीबी की बड़ी वजह हैं.

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