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नासा का यह स्पेसक्राफ्ट जल्द ही खींचेगा सूर्य के ध्रुवों की पहली तस्वीर

News18Hindi
Updated: January 28, 2020, 7:48 PM IST
नासा का यह स्पेसक्राफ्ट जल्द ही खींचेगा सूर्य के ध्रुवों की पहली तस्वीर
सोलर आर्बिटर, सूर्य और सौर हवाओं का अध्ययन करेगा, जिसके जरिए धरती के अंतरिक्ष के मौसम का निर्माण होता है (फोटो- Nasa)

सोलर ऑर्बिटर, ESA और NASA का एक साझा अंतरराष्ट्रीय प्रयास है. जो सूर्य (Sun) और सौर हवाओं का अध्ययन करेगा, जिसके जरिए धरती के अंतरिक्ष के मौसम का निर्माण होता है.

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  • Last Updated: January 28, 2020, 7:48 PM IST
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नई दिल्ली. नासा (NASA) और यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) एक 'सोलर ऑर्बिटर' (Solar Orbiter) को लॉन्च करने की तैयारी कर रहे हैं. यह एक नया स्पेसक्राफ्ट (spacecraft) होगा जो कि सूर्य की यात्रा करेगा और सूर्य के उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव की पहली तस्वीरें लेगा. स्पेसक्राफ्ट शुक्र (Venus) और धरती (Earth) के गुरुत्वाकर्षण का प्रयोग खुद को एक्लिप्टिक प्लेन (ecliptic plane) से निकालने के लिए करेगा. एक्लिप्टिक प्लेन अंतरिक्ष में एक ऐसी पट्टी है, जो कि सूर्य के बीचोबीच से जाने वाली एक रेखा के सामने ही रहती है. इसी पट्टी में ही सभी ग्रह चक्कर लगाते हैं.

इस स्पेसक्राफ्ट (spacecraft) को केप केनेवरल (Cape Canaveral) से 7 फरवरी, 2020 को स्थानीय समयानुसार रात्रि 11 बजकर 15 मिनट पर लॉन्च किया जाएगा. भारतीय समयानुसार यह समय 8 फरवरी, 2020 का सवेरे का 9 बजकर 45 मिनट होगा. स्पेसक्राफ्ट के एक बार एक्लिप्टिक प्लेन से बाहर निकलने के बाद यह सूर्य के ध्रुवों की पहली तस्वीर लेने के लिए बढ़ जाएगा. नासा ने बताया कि यह सूर्य के दोनों ध्रुवों की विहंगम (ऊपर से) तस्वीर लेगा.

इस तरह से सूर्य के ध्रुवों को देखेगा सोलर ऑर्बिटर
वॉशिंगटन डीसी में नेवल रिसर्च लैब के स्पेस साइंटिस्ट और सोलर ऑर्बिटर के दस उपकरणों में से एक के प्रमुख निगरानीकर्ता रसेल हॉवर्ड ने कहा, 'ऊपर सोलर ऑर्बिटर तक, सभी सोलर इमेजिंग उपकरण या तो एक्लिप्टिक प्लेन (ecliptic plane) में रहेंगे या इसके बहुत करीब रहेंगे. अब हम ऊपर से नीचे सूर्य को देख सकेंगे.'



जैसा कि हम जानते हैं, सूर्य हमारे आसपास के अंतरिक्ष के निर्माण में केंद्रीय भूमिका निभाता है और इसका बड़ा गुरुत्वीय क्षेत्र (Gravitational field) प्लूटो के भी आगे तक फैला रहता है, जिससे एक सुपरहाइवे का निर्माण चार्ज सौर कणों के समूह के लिए हो जाता है. जब इस पथ पर ये तेजी से गति करते हैं तो इन्हें ही सौर हवाएं कहा जाता है.



मौसम की भविष्यवाणी के लिए होगी और सटीक आंकड़ों की जरूरत
वैज्ञानिक सूर्य के गुरुत्वीय क्षेत्र का अध्ययन आने वाले सौर तूफानों से पहले तैयारी के लिए कर रहे हैं. लेकिन हमें एक्लिप्टिक प्लेन से सूर्य के ध्रुवों के एक ही हिस्से की झलक मिलेगी, जिसके चलते डेटा में बड़ी कमियां सामने आएंगीं. वैज्ञानिक मानते हैं कि मौसम से संबंधित बदलावों की भविष्यवाणी के लिए हमें सूर्य के गुरुत्वीय क्षेत्र (Gravitational field) के और सटीक आंकड़ों की जरूरत होगी.

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First published: January 28, 2020, 7:48 PM IST
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