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Corona Vaccine: कोरोना वैक्सीन के ट्रायल में शामिल वॉलंटियर ने सुनाई अपनी दास्तां

मॉडर्ना ने घोषणा की थी कि उनकी प्रयोगात्मक वैक्सीन 95 फीसदी तक कारगर है.(सांकेतिक फोटो)

मॉडर्ना ने घोषणा की थी कि उनकी प्रयोगात्मक वैक्सीन 95 फीसदी तक कारगर है.(सांकेतिक फोटो)

Coronavirus Vaccine: एक नर्स ने सुपरमैन की पोशाक की तरह पीछे एक कपड़ा बांधा था. मैंने इसका कारण पूछा तो उन्होंने कहा, ' ...अधिक पढ़ें

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    वॉशिंगटन. कोरोना वायरस (Corna Virus) से जंग में वैक्सीन की आस देख रही दुनिया को निर्माता मॉडर्ना (Moderna) ने सोमवार को नई उम्मीद दी थी. कंपनी का कहना था कि उनकी वैक्सीन 95 फीसदी तक असरदार है. फिलहाल दुनियाभर में सैकड़ों वैक्सीन का ट्रायल जारी है, लेकिन फाइजर (Pfizer), मॉडर्ना जैसी कुछ कंपनियां रेस में बढ़त हासिल किए हुए हैं. तीसरे फेज के ट्रायल के लिए निर्माता इंसानों पर वैक्सीन टेस्ट कर रहे हैं. इस काम में हजारों लोगों ने अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है.

    ठीक इसी तरह एएफपी की एक पत्रकार लीला मैकॉर भी क्लीनिकल ट्रायल्स में शामिल हुईं. मॉडर्ना के ट्रायल्स में शामिल होने के बाद उन्होंने अपने अनुभवों को साझा किया है. खास बात है कि अस्थमा से जूझ रहीं लीला ने इस काम के जरिए अपने पिता को खोने के दुख से निजात पा ली है.

    अंदर की शांति की खोज में किया वॉलंटियर बनने का फैसला
    लीला कहती हैं कि एक ओर हमारा परिवार बुरे दौर से गुजर रहा था, तो दूसरी ओर मैं एक खतरनाक असलियत का सामना कर रही थी. मियामी, अमेरिका का हॉटस्पॉट बनता जा रहा था और मेरा काम इस स्टोरी को कवर करना था. वह कहती हैं कि जीवन पूरी तरह बदल गया. पिता को खो दिया, मुझे अस्थमा भी है और अगर मैं कोरोना से संक्रमित होती हूं तो परिणाम बहुत भयानक हो सकते हैं.

    इस खतरनाक मेडिकल संकट के दौर में मदद करने के आइडिया ने मुझे अंदर कुछ शांति दी. मैंने अपने दोस्तों और परिवार से बात की. इन लोगों ने मेरी यह फैसला लेने में मदद की कि ट्रायल्स से होने वाले साइड इफेक्ट्स कोविड 19 से ज्यादा बुरे नहीं होंगे.

    लीला बताती हैं कि वह फ्लॉरिडा में फेज 3 ट्रायल की स्टोरी कवर करने के दो दिन बाद मियामी स्थित रिसर्च सेंटर ऑफ अमेरिका पहुंच गई. यहां फाइजर और मॉडर्ना के ट्रायल चल रहे हैं. मैंने अगस्त के मध्य में मंगलवार का अपॉइंटमेंट फिक्स किया और इस दिन मॉडर्ना के ट्रायल किए जाने थे.

    उन्होंने बताया कि लैब स्टाफ ने मुझ पर एक नाम का टैग लगाया और मुझे एक ऑफिस में लाया गया. यहां मुझे समझाया गया कि क्या होगा. इसके साथ ही उन्होंने मुझे 22 पन्नों का एक डॉक्यूमेंट भी दिया. लीला बताती हैं कि इस ट्रायल में दो डोज थे और दो वॉलंटियर्स को दो साल की स्टडी के लिए 2400 डॉलर दिए गए थे. शोधकर्ताओं ने इसके संभावित साइड इफेक्ट्स के बारे में बताया.

    दो हिस्सों में बांटे गए 30 हजार वॉलंटियर्स
    लीला ने बताया कि 30 हजार लोगों को दो समूहों में बांटा गया. एक समूह में वे लोग थे, जिन्हें वैक्सीन दी जानी थी और दूसरे समूह को प्लेसबो दिए जाने थे. उन्होंने कहा, 'नर्स ने बताया कि यहां तक कि हमें भी नहीं पता था कि कौन किस ग्रुप में था.'

    लीला ने कहा कि मैंने एंटीबॉडी टेस्ट करने के लिए कहा, लेकिन नर्स ने कहा कि इसके परिणाम एकदम सटीक नहीं होते हैं. नर्स ने जब मेरा ब्लड प्रेशर लेते हुए कहा, 'प्लेसबो भी वैक्सीन की तरह ही जरूरी हैं. ट्रायल में कंट्रोल ग्रुप की जरूरत होती है और आप किसी भी तरीके से इंसानियत की मदद कर रहे हैं.'

    नर्स ने 6-8 वायल खून लिया, प्रेग्नेंसी टेस्ट किया और ट्रायल के दौरान कॉन्ट्रसेप्टिव के उपयोग पर जोर डाला. जानकारों ने बताया कि फीटस पर साइड इफेक्ट्स के बारे में पूरी जानकारी नहीं है. इसके बाद दो लोग वैक्सीन लेकर आए या शायद वह एक प्लेसबो था.

    यहां हम सब हीरो हैं
    लीला ने कहा कि उस इंजेक्शन से मुझे दर्द नहीं हुआ और उन्होंने मुझे आधे घंटे तक ऑब्जर्वेशन में रखा. उन्होंने बताया कि एक नर्स ने सुपरमैन की पोशाक की तरह पीछे एक कपड़ा बांधा था. मैंने इसका कारण पूछा तो उन्होंने कहा, 'यहां हम सभी सुपरहीरो हैं.' लैब ने मुझे तापमान और दूसरे लक्षणों को ट्रैक करने के लिए एक ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा.

    जब मैं घर लौटी तो हाथ में थोड़ा दर्द था. वैक्सीन का दूसरा डोज सितंबर में मिला. हालांकि, इस बार दर्द ज्यादा हुआ. उन्होंने बताया कि जहां इंजेक्शन लगा, वहां एक लाल गांठ पड़ गई थी. खास बात है कि उन्हें अब तक नहीं पता कि वह वैक्सीन थी या प्लेसबो.

    लीला कहती हैं कि मुझे एहसास हुआ कि ट्रायल में भाग लेना मेरे दुखों से निपटने की एक प्रक्रिया थी. यह बहुत छोटा योगदान था, लेकिन केवल एक यही तरीका मुझे पता था, जो मुझे भरोसा दिलाता था कि हम लड़ रहे हैं.

    Tags: Corona Virus, Covid-19 vaccine, Moderna, Pfizer, Vaccine Trial, Vaccine trials

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