सिंगापुर में जॉबलेस हुए हजारों भारतीय, वतन लौटने के लिए करवा रहे हैं रजिस्ट्रेशन

सिंगापुर में जॉबलेस हुए हजारों भारतीय, वतन लौटने के लिए करवा रहे हैं रजिस्ट्रेशन
सिंगापुर में हजारों भारतीयों की नौकरी चली गई है और वे वतन लौटने को मजबूर हुए हैं . (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कोरोनोवायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के कारण बर्बाद हुए कामकाज के चलते सैंकड़ों भारतीय सिंगापुर (Indian Jobless in Singapore) से देश लौटने को मजबूर हो रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 9, 2020, 9:28 PM IST
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सिंगापुर. कोरोनोवायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के कारण बर्बाद हुए कामकाज के चलते सैंकड़ों भारतीय सिंगापुर (Indian Jobless in Singapore) से देश लौटने को मजबूर हो रहे हैं. भारतीय उच्चायुक्त पी. कुमारन ने बुधवार को कहा कि सिंगापुर में रहने वाले भारतीयों में लगभग 100 भारतीय हर दिन भारत लौटने के लिए भारतीय उच्चायोग (Indian High Commission) में अपना रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं और अब तक 11,000 से अधिक भारतीय अपना रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं. एक अधिकारी न बताया कि अधिक से अधिक भारतीय कामगार देश वापस लौट रहे हैं क्योंकि सिंगापुर में कोरोनावायरस महामारी के कारण काम काज में भारी कटौती की गई है

वंदे भारत मिशन के तहत विशेष उड़ान की व्यवस्था की गई

वंदे भारत मिशन के तहत विशेष उड़ानों की व्यवस्था की गई है और भारतीय नागरिकों की स्वदेश वापसी के लिए जहाँ भी जरूरत महसूस हो रही है, वहां अधिक उड़ानें जोड़ी जा रही हैं. बहुत से भारतीय सिंगापुर में अपनी नौकरी खो चुके हैं या मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए देश वापस जा रहे हैं. भारतीय उच्चायुक्त पी. कुमारन ने बताया कि भारतीय उच्चायोग ने मई के बाद से 120 विशेष उड़ानों की व्यवस्था करके 17,000 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को भारत वापस भेजा है.



भारतीय उच्चायुक्त ने बताई अपनी प्राथमिकताएं
मीडिया से बातचीत करते हुए कुमारन ने अपनी प्राथमिकताओं पर बात की. उन्होंने बताया कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारत-सिंगापुर संबंधों पर काम करने में अपनी प्राथमिकताओं को सूचीबद्ध किया है. इसके साथ ही राजनीतिक गतिविधियों को और तेज किया है और बढ़ते व्यापार और निवेश प्रवाह, और फिनटेक और स्टार्टअप के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी सहयोग पर भी ध्यान केंद्रित किया है.

भारतीय-आसियान हैकथॉन की है योजना

उन्होंने भविष्य की योजनाओं के विषय में बताया कि इस साल के अंत में एक भारतीय-आसियान हैकथॉन की योजना बनाई गई है जो पहले भी भारतीय और सिंगापुर के बीच हुई हैकथॉन का एक हिस्सा ही है. उनका कहना है कि "हम सहयोग के अन्य अवसरों पर भी काम कर रहे हैं, जैसे कि भारतीय घरेलू RuPay कार्ड के माध्यम से सिंगापुर में डिजिटल पेमेंट्स को सक्षम करना, भारत के स्टैक की तर्ज पर ग्लोबल स्टैक विकसित करने के लिए मिलकर काम करना और हमारे MSME प्लेटफॉर्म को एक दूसरे के इस्तेमाल के लिए (interoperable ) तैयार करना.

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कुमारन ने कहा है कि सिंगापुर भारतीय बाजार के लिए लंबे समय से एफडीआई स्रोत है और एसएमएफ के साथ मिलकर हम देश में विनिर्माण क्षेत्र में और अधिक उद्योगों को लाने का लक्ष्य रखते हैं."
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