बैन के बाद TikTok को चुपके से अमेरिका को ही बेचने की तैयारी में चीन

बैन के बाद TikTok को चुपके से अमेरिका को ही बेचने की तैयारी में चीन
अमेरिका को ही टिकटॉक बेचने की तैयारी में चीन

एक तरफ अमेरिका (US), ब्रिटेन (UK) और कई अन्य देश भी TikTok को बैन करना चाहते हैं वहीं चीन इसे कुछ अमेरिकी कंपनियों को ही बेचने के लिए बातचीत कर रहा है. चीन अमेरिका में टिकटॉक को बैन से बचाने के लिए इसकी हिस्सेदारी कुछ अमेरिकी कंपनियों को ही बेचने की फ़िराक में है.

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बीजिंग. भारत (India) और ऑस्ट्रेलिया (Australia) में बैन चीन (China) की सोशल मीडिया ऐप कंपनी टिकटॉक (Tiktok) को अब चीन बेचने की तैयारी में है. एक तरफ अमेरिका (US), ब्रिटेन (UK) और कई अन्य देश भी इसे बैन करना चाहते हैं वहीं चीन इसे कुछ अमेरिकी कंपनियों को ही बेचने के लिए बातचीत कर रहा है. चीन अमेरिका में टिकटॉक को बैन से बचाने के लिए इसकी हिस्सेदारी कुछ अमेरिकी कंपनियों को ही बेचने की फ़िराक में है.

द गार्जियन के मुताबिक, सिकोइया और जनरल अटलांटिका इसे खरीदने की योजना बना रही है. ट्रेजरी डिपार्टमेंट से इस बारे में बातचीत चल रही है. कंपनियां यह पता लगा रही हैं कि वे अगर टिकटॉक में इन्वेस्ट करती हैं तो क्या यह ऐप अमेरिका में बैन नहीं होगा. बता दें कि अमेरिका टिकटॉक से से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा होने की बात कह रहा है, भारत में भी इसे इसी तर्क के आधार पर बैन किया गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, विदेश मंत्री माइक पोम्पियो समेत कई नेता टिकटॉक को बैन करने की बात कह चुके हैं. सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बाइट डांस चीन में डायजिन ऐप चलाता है. इसकी ब्रांडिंग और लोगो टिकटॉक जैसा है.






हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में
अमेरिकी कंपनियों से हो रही डील के तहत इस ऐप का कुछ हिस्सा बेचा जा सकता है. अब तक टिकटॉक ने डील को लेकर कुछ साफ नहीं किया है. हालांकि, एक महीने पहले इसने कुछ बदलाव करने की बात कही थी. दोनों अमेरिकी कंपनियों ने भी डील को लेकर कोई खुलासा नहीं किया है. टिकटॉक मैनेजमेंट कुछ महीनों से बीजिंग से दूरी बनाने में जुटा है. मई में ही इसने डिजनी से जुड़े केविन मेयर को अपना सीईओ बनाया है. इसकी पैरेंट कंपनी बाइट डांस के ऑफिस लास एंजिल्स, लंदन, पेरिस, बर्लिन, दुबई, मुंबई, सिंगापुर, जकार्ता, सिओल और टोक्यो में हैं. कंपनी ने पिछले महीने अपना हेडक्वार्टर बीजिंग से वॉशिंगटन शिफ्ट करने की बात भी कही थी.

जिनपिंग के आलोचकों पर कार्रवाई जारी
उधर कोरोना वायरस महामारी से निपटने के मुद्दे पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सार्वजनिक रूप से आलोचना करने वाले सरकारी रियल एस्टेट कंपनी के पूर्व अध्यक्ष रेन झिकियांग को सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित कर दिया गया और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर मुकदमा चलाया जाएगा. प्रेस पर नियंत्रण (सेंसरशिप) और अन्य संवेदनशील विषयों के बारे में अपनी बेबाक राय रखने वाले रेन झिकियांग मार्च में एक लेख ऑनलाइन प्रकाशित करने के बाद से ही सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे, इस लेख में उन्होंने शी पर वुहान में दिसंबर में शुरू होने वाले प्रकोप को नहीं संभाल पाने का आरोप लगाया था.

बीजिंग में शीचेंग जिले के अनुशासन निरीक्षण आयोग ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि 69 वर्षीय रेन पर भ्रष्टाचार, गबन, रिश्वत लेने और सरकार के स्वामित्व वाली एक कंपनी में अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप है. एजेंसी ने कहा कि हॉयुआन समूह के पूर्व अध्यक्ष और पार्टी के उप सचिव को सत्तारूढ़ पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है और उनके मामले को अभियोजन पक्ष को सौंप दिया गया. उसने अपराध के बारे में कोई विवरण नहीं दिया. चीन में 2012 में सत्तारूढ़ पार्टी के नेता बने शी ने आलोचनाओं को दबाने, सेंसरशिप को सख्त करने और गैर आधिकारिक संगठनों पर नकेल कसने का काम किया है. दर्जनों पत्रकार, श्रम और मानवाधिकार कार्यकर्ता और अन्य लोग कैद किए गए हैं.
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