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Tokyo Olympic 2020: भेदभाव मुक्‍त ओलंपिक खेलों को बढ़ावा देने को 'मोबाइल मस्जिद'

News18Hindi
Updated: February 7, 2020, 12:21 PM IST
Tokyo Olympic 2020: भेदभाव मुक्‍त ओलंपिक खेलों को बढ़ावा देने को 'मोबाइल मस्जिद'
मोबाइल मस्जिद को तैयार करने के पीछे की वजह आयोजकों ने यह बताई कि इससे लोगों में भेदभाव रहित ओलंपिक खेलों को बढ़ावा मिलेगा.

मोबाइल मस्जिद में पानी का भी पूरा इंतजाम है. साथ ही भाषा का ध्‍यान रखते हुए और लोगों को दिक्‍कत न हो इसलिए इस पर अरबी भाषा में लिखा गया है.

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  • Last Updated: February 7, 2020, 12:21 PM IST
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टोक्यो. अपनी तकनीक के लिए मशहूर जापान (Japan) ने इस बार के ओलंपिक खेलों (Olympic Games) में मुसलमान खिलाड़ियों के लिए एक चलती-फिरती मस्जिद बनाई है. इस मस्जिद को ट्रक के पिछले हिस्से में बनाया गया है. फिलहाल इस बार के खेलों में यह टोक्यो की सड़कों पर दौड़ती नजर आएगी. साथ ही इस साल जुलाई में होने वाले ओलंपिक खेलों के दौरान खिलाड़ियों की सहूलियत का ध्‍यान रखते हुए खास तरह के कमरों का भी निर्माण किया गया है. इसे बनाने के पीछे वजह यह भी है कि जापान की राजधानी टोक्‍यो में होटल और प्रार्थना स्थलों की कमी है. यही वजह है कि इस कमी को दूर करने के लिए प्रशासन ने मोबाइल मस्जिद (Mobile Mosque) का निर्माण किया है.

ताकि खिलाड़ी पूरी तरह खेल पर ध्‍यान दें
देखने में यह काफी सुविधाजनक लग रहा है. ट्रक के पीछे बना 48 वर्ग मीटर का यह कमरा ही प्रार्थना कक्ष के तौर पर तैयार किया गया है. इसमें जरूरी सभी चीजें हैं, जो प्रार्थना के वक्‍त काम आती हैं. इसमें पानी का भी पूरा इंतजाम है. साथ ही लोगों की भाषा का ध्‍यान रखते हुए और दिक्‍कत न हो इसलिए इस पर अरबी भाषा में लिखा गया है. तमाम सुविधाओं से लैस यह मोबाइल मस्जिद यासु प्रोजेक्ट (Yasu Project) के नाम से तैयार की गई है. इस प्रोजेक्ट को तैयार करने के पीछे मंशा यह है कि खिलाड़ी पूरी तरह ध्‍यान खेल पर लगा सकें.

इस प्रयास से भेदभाव दूर होगा

ओलंपिक आयोजकों का कहना है कि वह बिना किसी भेदभाव के सभी धार्मिक लोगों को सुविधाएं देने का प्रयास कर रहे हैं. वहीं इसके तहत अन्‍य धर्म में आस्‍था रखने वालों की भी एक सूची तैयार की जा रही है. गौरतलब है कि टोक्यो में 24 जुलाई से 09 अगस्त के बीच ओलंपिक खेलों का आयोजन किया जा रहा है.

शांतिपूर्ण ओलंपिक खेलों को बढ़ावा
इस मोबाइल मस्जिद को तैयार करने के पीछे यह ध्‍यान रखा गया है कि लोगों में भेदभाव रहित और शांतिपूर्ण ओलंपिक खेलों को बढ़ावा मिले. सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि जापान में फिलहाल मस्जिदों की संख्या 105 के करीब है. वहीं अधिकांश मस्जिदें टोक्यो से बाहर स्थित हैं. मजहब में आस्‍था रखने वाले और पांच बार नमाज अदा करने वाले मुसलमानों की सुविधा को देखते हुए इसे बनाया गया है. वहीं इस प्रोजेक्ट के सीईओ यासुहारु इनो ने यह भी कहा कि इसे बनाने का मकसद यह है कि खिलाड़ी पूरी एकाग्रता के साथ इन खेलों में शामिल हों.ये भी पढ़ें :-

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First published: February 7, 2020, 11:45 AM IST
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