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कोविड के नए स्ट्रेन पर क्या कहते हैं दुनिया के टॉप-5 एक्सपर्ट्स, जानें कितना है घातक?

कोविड के नए स्ट्रेन पर क्या कहते हैं दुनिया के टॉप-5 एक्सपर्ट्स, जानें कितना है घातक?

कोरोना वायरस के नए स्वरूप की सबसे पहले पहचान इस हफ्ते दक्षिण अफ्रीका में की गई थी.

कोरोना वायरस के नए स्वरूप की सबसे पहले पहचान इस हफ्ते दक्षिण अफ्रीका में की गई थी.

Coronavirus New Variant B.1.1.529: दक्षिण अफ्रीका में कोरोना वायरस का एक नया स्वरूप सामने आया है, जिसे वैज्ञानिकों ने चिंता का सबब बताया है. उनका कहना है कि देश की सबसे घनी आबादी वाले प्रांत गाउतेंग में युवाओं के बीच यह स्वरूप तेजी से फैला है. सबसे पहले इसकी पहचान इस हफ्ते दक्षिण अफ्रीका में की गई थी और पहले ही बोत्सवाना सहित कई पड़ोसी देशों में फैल चुका है. वहां पता चला है कि वायरस का यह स्वरूप पूरी तरह से टीकाकरण करा चुके लोगों में मिला है.

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    नई दिल्ली. दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना (South Africa & Botswana) में कोरोना वायरस का एक नया स्वरूप बी.1.1.529 (Coronavirus New Variant B.1.1.529) सामने आया है, जिसने पूरी दुनिया के विशेषज्ञों और सरकारों को चिंता में डाल दिया है. वैज्ञानिकों ने भी कोरोना के नए स्ट्रेन को परेशानी का सबब बताया है. उनका कहना है कि देश की सबसे घनी आबादी वाले प्रांत गाउतेंग में युवाओं के बीच यह स्वरूप तेजी से फैला है.

    इस बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना वायरस के नए स्वरूप बी.1.1.529 पर नजर रखे हुए है और ‘विशेष बैठक’ करेगा जिसमें विचार किया जाएगा कि बहुत अधिक बदलाव से पैदा हुए स्वरूप को ‘चिंतित करने वाले स्वरूप’ की सूची में डाला जाए या नहीं.

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    1. डब्ल्यूएचओ में संक्रामक बीमारी महामारी और कोविड-19 तकनीकी समूह का नेतृत्व कर रही मारिया वान केरखोवे ने बृहस्पतिवार को प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान बताया, “100 से भी कम स्वरूप का जीनोम अनुक्रमण उपलब्ध है. हम इसके बारे में अब तक नहीं जानते हैं. हम यह जानते हैं कि इस स्वरूप में अनुवांशिकी रूप से अधिक बदलाव हुए हैं. और जब कई स्वरूप होते हैं तो चिंता होती है कि कोविड-19 वायरस के व्यवहार पर यह कैसे असर डालेगा.”

    2. गुरुवार को एक ब्रीफिंग में दो दक्षिण अफ्रीकी विश्वविद्यालयों में जीन-अनुक्रमण संस्थान चलाने वाले जैव-सूचना विज्ञान के प्रोफेसर ट्यूलियो डी ओलिवेरा ने कहा कि यह वेरिएंट कोविड के अन्य स्वरूपों से ‘स्पष्ट रूप से बहुत अलग’ है.

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    3. यूसीएल जेनेटिक्स इंस्टीट्यूट के निदेशक फ्रेंकोइस बलौक्स (Francois Balloux) ने कहा कि कोरोना का नया वेरिएंट संभवतः एक कमजोर एंटीबॉडी वाले व्यक्ति के पुराने संक्रमण के दौरान विकसित हुआ है. फ्रेंकोइस ने कहा, ‘हो सकता है कि यह स्वरूप एक एचआईवी/एड्स रोगी में मिला हो, जिसने अपना इलाज नहीं करवाया.’

    4. महामारी विज्ञानी एरिक फीगल-डिंग (Epidemiologist Eric Feigl-Ding) ने कोरोना के नए संस्करण की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दक्षिण अफ्रीका में कोविड-19 सकारात्मकता दर 1 प्रतिशत से बढ़कर 30 प्रतिशत हो गई है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “दक्षिण अफ्रीका में कोरोना वायरस का प्रसार काफी अचानक और व्यापक स्तर पर हुआ है. इसी कारण एक सप्ताह में सकारात्मकता दर 1% से अचानक 30% हो गया है.”

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    5. इंपीरियल कॉलेज लंदन के महामारी विज्ञानी नील फर्ग्यूसन (Epidemiologist Neil Ferguson) ने कहा कि बी.1.1.529 में स्पाइक प्रोटीन में उत्परिवर्तन (Mutations) की “अभूतपूर्व” संख्या थी और इसी वजह से दक्षिण अफ्रीका में कोविड-19 मामले की संख्या में हाल ही में तेजी से वृद्धि हुई थी.

    सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में मिला नया स्ट्रेन
    कोरोना वायरस के नए स्वरूप की सबसे पहले पहचान इस हफ्ते दक्षिण अफ्रीका में की गई थी और पहले ही बोत्सवाना सहित कई पड़ोसी देशों में फैल चुका है. वहां पता चला है कि वायरस का यह स्वरूप पूरी तरह से टीकाकरण करा चुके लोगों में मिला है.

    चेतावनी: वायरस के नए स्वरूपों की संख्या बढ़ सकती है
    इस नए स्वरूप के सामने आने के बाद वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि वायरस के नए स्वरूपों की संख्या बढ़ सकती है जो टीका के प्रति अधिक प्रतिरोधी हो सकते हैं और उनके प्रसार की दर और अधिक हो सकती है व कोविड-19 के गंभीर लक्षण वाले मामलों में वृद्धि हो सकती है.

    Tags: Coronavirus, South africa, WHO

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