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ईरान के इतने बड़े हमले में कैसे बचे अमेरिकी सैनिक, पढ़ें पूरी कहानी

रॉयटर्स
Updated: January 14, 2020, 7:05 PM IST
ईरान के इतने बड़े हमले में कैसे बचे अमेरिकी सैनिक, पढ़ें पूरी कहानी
इराक में अमेरिका के एयरबेस पर ईरान ने हवाई हमला किया था. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

इस हमले को लेकर अमेरिकी सैनिकों (American Troops) का जवाब सामने आया है. अमेरिकी सैनिकों ने कहा कि इस हमले की तीव्रता ने उन्हें हैरान कर दिया और वह इससे सकुशल बचने के लिए आभारी हैं.

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समारा. ईरान (Iran) की ओर से रविवार को इराक (Iraq) के अमेरिकी एयरबेस (American Airbase) पर हमला किया गया. हालांकि इस हमले में कोई अमेरिकी सैनिक (American Troops) हताहत नहीं हुआ लेकिन चार इराकी सैनिक इसमें घायल हो गए. वहीं अब इस हमले को लेकर अमेरिकी सैनिकों का जवाब सामने आया है. अमेरिकी सैनिकों ने कहा कि इस हमले की तीव्रता ने उन्हें हैरान कर दिया और वह इससे सकुशल बचने के लिए आभारी हैं.

ऐन अल-असद बेस में हुई तबाही के मंजर से इस धमाके की तीव्रता जाहिर होती है, इसे लेकर ही अमेरिकी सैनिक परेशान हैं क्योंकि उनका मानना है कि राज्य में फैले ईरान के सहयोगी संगठन फिर से अमेरिका पर हमला कर सकते हैं.

'हमले से बचना चमत्कार जैसी बात'
एयरफील्ड चलाने वाली अमेरिकी एयरफोर्स के ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल स्टेसी कोलेमन ने कहा कि चमत्कार जैसी ही बात है कि किसी को भी चोट नहीं पहुंची. इराक के पश्चिम में अनबर रेगिस्तान के पास अमेरिका का यह कैंप बना हुआ था जिसमें कि करीब 1500 अमेरिकी तैनात थे. उन्होंने कहा कि किसे पता था कि वह उन पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करेंगे और किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं होगा.

अमेरिकी बेस पर करीब एक दर्जन मिसाइलों से हमला किया गया. इस बेस में अमेरिका द्वारा कोई भी एयर डिफेंस नहीं किया जा रहा था इसकी जिम्मेदारी लोकल कमांडर्स को दी गई थी.

पहले ही मिल गई थी जानकारी
अमेरिकी स्टाफ के सारजेंट टॉमी काल्डवेल ने कहा कि हमें हमले से कुछ देर पहले जानकारी मिली थी कि कुछ देर में वहां हमला हो सकता है इसलिए हमने कुछ घंटे पहले ही अपने हथियार वहां से हटा दिए थे. उन्होंने कहा कि वह आतंक जैसा था.लेफ्टिनेंट कर्नल कोलेमन ने कहा कि रात दस बजे तक जिस स्टाफ की वह निगरानी करती हैं वह कवर लेने के लिए तैयार थे. लोगों ने इसे बहुत गंभीरता से लिया. उन्होंने कहा कि साढ़े तीन घंटे बाद मिसाइलों का हमला शुरू हो गया. कुछ सैनिकों ने बताया कि यह कई घंटों तक जारी रहा.

गौरतलब है कि हाल के महीनों में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती वाले शिविरों पर रॉकेटों और मोर्टार से लगातार हमले हो रहे हैं. हालांकि इन हमलों में ज्यादातर इराकी सैनिक ही घायल होते हैं, लेकिन पिछले महीने एक अमेरिकी ठेकेदार भी मारा गया था.

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First published: January 14, 2020, 7:05 PM IST
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