ईरान पर हमले का आदेश देने के बाद अचानक पीछे क्यों हटे राष्ट्रपति ट्रंप?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट किया है कि ‘ईरान ने बहुत बड़ी गलती की है’ जबकि अमरीकी सेना ने इसे 'बिना किसी कारण का हमला' बताया है.

News18Hindi
Updated: June 21, 2019, 1:25 PM IST
ईरान पर हमले का आदेश देने के बाद अचानक पीछे क्यों हटे राष्ट्रपति ट्रंप?
हमले का आदेश देने के बाद अचानक पीछे हटे ट्रंप.
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Updated: June 21, 2019, 1:25 PM IST
अमेरिकी ड्रोन को ईरानी सुरक्षाबलों द्वारा गिराए जाने की खबर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया और संभावित एक्शन को अमेरिकी मीडिया ने हेडलाइंस बनाया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट किया है कि ‘ईरान ने बहुत बड़ी गलती की है’ जबकि अमरीकी सेना ने इसे 'बिना किसी कारण का हमला' बताया है.

न्यूयॉर्क टाइम्स लिखता है कि ट्रंप प्रशासन की अत्यधिक दबाव और कम कूटनीति के अभियान की वजह से अमेरिका और ईरान अब युद्ध के मुहाने पर आ खड़े हुए हैं. न्यूयॉर्क टाइम्स अमेरिका ड्रोन गिराए जाने की घटना को ट्रंप का सच से सामना बताता है. साथ ही लिखता है कि ये ड्रोन अटैक मामला युद्ध के खतरे और विदेशी युद्ध से बचने के ट्रंप के परस्परविरोधी आवेगों का इम्तिहान होगा.

वहीं वाशिंगटन टाइम्स ड्रोन गिराए जाने की घटना को ट्रंप के लिए निर्णायक क्षण मानता है.अमेरिकी ड्रोन गिराए जाने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले को मंजूरी दे दी थी लेकिन अचानक ही अपना फैसला वापस ले लिया. बड़ा सवाल है कि आखिरी मिनट में ट्रंप ड्रोन अटैक के बाद बदले की कार्रवाई के फैसले से पीछे क्यों हट गए?

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने ड्रोन की घटना पर कहा कि हमारा कोई भी आदमी या महिला ड्रोन में मौजूद नहीं था और अगर ऐसा होता तो ये घटना फिर बहुत बड़ी हो जाती.

वहीं अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने सभी अमेरिकी एयरलाइंस और विमानों को उस ईरानी हवाई क्षेत्र में उड़ान भरने से प्रतिबंधित कर दिया है जिस हवाई क्षेत्र में अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया गया था.

जलडमरू मध्य के हवाई क्षेत्र में उड़ान भर रहे अमरीकी ड्रोन विमान को ईरानी सुरक्षाबलों ने मार गिराया था. ईरान का आरोप है कि अमेरिकी ड्रोन ने ईरानी हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया था जबकि अमेरिकी सेना का कहना है कि हमले के समय वो अंतर्राष्ट्रीय जल सीमा में था.

भारत से मिली सातवीं हार पर पाकिस्तान में नहीं थमा हाहाकार
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16 जून को विश्वकप मुकाबले में भारत से हार के बाद अब तक पाकिस्तानी मीडिया में पाकिस्तानी टीम की हार पर पोस्टमार्टम का सिलसिला जारी है. पाकिस्तान के प्रतिष्ठित अखबार और वेबसाइट डॉन लिखता है कि भारत से मिली हार पर पाकिस्तानी कप्तान सर्फराज को सबसे ज्यादा आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. जबकि एक वक्त ये भी था कि साल 2017 में चैम्पियन्स ट्रॉफी जीतकर घर लौटने पर उनका शहज़ादे की तरह इस्तकबाल हुआ था.

दरअसल, विश्वकप में भारत से लगातार सातवीं हार के बाद न सिर्फ पाकिस्तानी मीडिया, फैन्स बल्कि पूर्व क्रिकेटरों ने भी सर्फराज के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर रमीज़ राजा और शोएब अख्तर ने सर्फराज पर सबसे ज्यादा हमले किए. रमीज़ राजा ने पाकिस्तान की हार को शर्मनाक करार देते हुए ‘थर्ड क्लास परफॉर्मेंस’ कहा था तो पूर्व तेज़ गेंदबाज शोएब अख्तर ने सर्फराज़ को बिना दिमाग का कप्तान कहा था. शोएब अख्तर ने सर्फराज़ की फिज़िकल फिटनेस और लीडरशिप पर सवाल उठाए थे.

टॉस जीतकर बॉलिंग लेने के फैसले की सभी ने जमकर निंदा की थी. खासतौर से पीएम इमरान खान ने भी ट्वीट कर सर्फराज़ को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का मशवरा दिया था. लेकिन सर्फराज़ ने सुनी सबकी और की मन की. हालांकि सर्फराज़ के समर्थन में बल्लेबाज हाफिज़ सईद उतरे हैं. उनका कहना है कि किसी के ट्वीट से टॉस जीतकर फैसला नहीं किया जा सकता है.

जबकि पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व मैनेजर इंतखाब आलम का कहना है कि पाकिस्तान के घटिया प्रदर्शन के लिए टीम मैनजमेंट जिम्मेदार है.

डॉन लिखता है कि आगे के चारों मैच जीतना पाकिस्तान के लिए बड़ी चुनौती है और जीतना जरूरी है तभी वो विश्वकप में बने रह सकता है. रविवार के दिन पाकिस्तान का दक्षिण अफ्रीका के साथ मुकाबला है. वर्ल्ड कप में दोनों टीमों की एक जैसी हालत है. फिलहाल पाइंट्स टेबल में पाकिस्तान नौवें नंबर पर अफगानिस्तान से ऊपर है जबकि उसने इंग्लैंड जैसी टीम को हरा कर अपना दम दिखाया था.

द गार्डियन में कुलू बस हादसे की खबर बनी हेडलाइंस
ब्रिटेन के प्रतिष्ठित अखबार और न्यूज़ वेबसाइट द गार्डियन ने भारत में हिमाचल प्रदेश के कुलू में हुए बस हादसे को प्रमुखता से प्रकाशित किया. कुल्लू में गुरूवार को एक प्राइवेट बस के 500 फीट गहरी खाई में गिरने से 44 यात्रियों की मौत हो गई. द गार्डियन लिखता है कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है.

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First published: June 21, 2019, 1:25 PM IST
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