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चीन को सबक सिखाने की तैयारी में ट्रंप, 33 कंपनियों को US ने किया ब्लैकलिस्ट

News18Hindi
Updated: May 23, 2020, 8:51 PM IST
चीन को सबक सिखाने की तैयारी में ट्रंप, 33 कंपनियों को US ने किया ब्लैकलिस्ट
अमेरिका ने चीन की 33 कंपनियों और संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट किया

चीनी (China) स्टॉक मार्केट (Stock Market) से अरबों डॉलर के अमेरिकी पेंशन निधि निवेश (US Pension Fund) को वापस लेने के ऐलान के बाद अब अमेरिका चीन की ऐसी 33 कंपनियों और संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट करने जा रहा है जो कथित रूप से चीनी सेना के साथ जुड़ी हैं.

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वाशिंगटन. अमेरिकी (US) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) कोरोना संक्रमण (Coronavirus) को लेकर चीन (China) पर लगातार हमलावर बने हुए हैं. चीनी स्टॉक मार्केट (Stock Market) से अरबों डॉलर के अमेरिकी पेंशन निधि निवेश (US Pension Fund) को वापस लेने के ऐलान के बाद अब अमेरिका चीन की ऐसी 33 कंपनियों और संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट करने जा रहा है जो कथित रूप से चीनी सेना के साथ जुड़ी हैं. ट्रंप लगातार आरोप लगा रहे हैं कोरोना वायरस न सिर्फ वुहान की लैब में पैदा हुआ बल्कि चीन ने जानबूझ कर इसे दुनिया में फैलने दिया.

अमेरिकी वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा है, 'सात कंपनियों और दो संस्थानों को लिस्ट में डाला गया क्योंकि वे ऊइगर और अन्य लोगों के मानवाधिकारों के हनन के चीनी अभियान से जुड़ी थीं जिनके तहत बड़ी तादाद में लोगों को बेवजह हिरासत में लिया जाता है, उनसे बंधुआ मज़दूरी करवाई जाती है और हाई-टेक तकनीक के सहारे उन पर नज़र रखी जाती है.' इसके आलावा दो दर्जन अन्य कंपनियों, सरकारी संस्थाओं और व्यावसायिक संगठनों को भी चीनी सेना के लिए सामान की आपूर्ति करने के कारण लिस्ट में डाला गया है.





ब्लैकलिस्ट होने वाली ये कंपनियाँ आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (एआई) और फ़ेशियल रिकोग्निशन जैसी तकनीकों के क्षेत्र में काम करती हैं. बता दें कि अमेरिका की ही कई बड़ी कंपनियों जिनमें इंटेल कॉर्प और एनविडिया कॉर्प शामिल हैं ने इनमें भारी निवेश किया है. चीन की ब्लैकलिस्ट की गई कंपनियों में नेटपोसा का नाम शामिल है जो चीन की एक बड़ी एआई कंपनी जिसकी फ़ेशियल रिकोग्निशन पर काम करनेवाली सहयोगी कंपनी को मुसलमानों की निगरानी करने में लिप्त बताया जा रहा है.



चीन की लैब में ही पैदा हुआ है कोरोना: ट्रंप
ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि कोरोना वायरस चीन से ही आया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका इसे हल्के में नहीं लेने वाला है. ट्रंप ने बृहस्पतिवार को मिशिगन में अफ्रीकी अमेरिकी नेताओं के साथ एक सुनवाई सत्र में भाग लेने के दौरान कहा, 'कोरोना वायरस चीन से आया है. हम इसे लेकर खुश नहीं हैं. हमने व्यापार समझौता किया, जिसकी स्याही सूखी भी नहीं थी, कि हालात बिगड़ गए.' हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस बात को लेकर कोई संकेत नहीं दिया कि चीन के खिलाफ वह कौन सा कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं. इस बीच, ट्रंप प्रशासन पर कोरोना की स्थिति को लेकर रिपब्लिकन सीनेटर का दबाव बढ़ता जा रहा है.

इससे पहले रिपब्लिकन सीनेटर ट्रेड क्रूज, रिक स्कॉट ने माइक ब्रोन, मार्शा ब्लैकबर्न, जॉनी अर्नस्ट, मार्था मैकेस्ली और टॉम कॉटन के साथ कोविड-19 वैक्सीन प्रोटेक्शन एक्ट पेश किया था ताकि, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से वैक्सीन के शोध को चुराने और गड़बड़ी से बचाया जा सके. इस बिल में होमलैंड सिक्योरिटी विभाग, राज्य विभाग और एफबीआई की तरफ से कोविड- 19 वैक्सीन अनुसंधान से संबंधित गतिविधियों में भाग लेने वाले सभी चीनी छात्र वीजा धारकों को गहन जांच के बाद अनुमति देने की मांग की गई है.

 

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First published: May 23, 2020, 1:23 PM IST
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