...जब व्हाइट हाउस में मची भगदड़, राष्ट्रपति ट्रंप को भी बंकर में छुपाना पड़ा

...जब व्हाइट हाउस में मची भगदड़, राष्ट्रपति ट्रंप को भी बंकर में छुपाना पड़ा
चीन का ट्रंप से सवाल- हांगकांग में प्रदर्शन करना ठीक तो अमेरिका में आतंकवाद कैसे हो गया?

बीते शुक्रवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी व्हाइट हाउस के बाद बाहर इकठ्ठा हो गए जिसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को सुरक्षा के मद्देनज़र बंकर में ले जाया गया. मीडिया में आई जानकारी के मुताबिक प्रदर्शनकारियों की भीड़ अचानक आ जाने से व्हाइट हाउस में भगदड़ मच गयी जिसके बाद ट्रंप को भी बंकर में छुपाना पड़ा था.

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वाशिंगटन. अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड (George Floyd Death) की पुलिस कस्टडी में बर्बरता के बाद हुई मौत के बाद अमेरिका (US) में जारी प्रदर्शन की जांच अब व्हाइट हाउस (White House) पहुंच गयी है. बीते शुक्रवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी व्हाइट हाउस के बाद बाहर इकठ्ठा हो गए जिसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को सुरक्षा के मद्देनज़र बंकर में ले जाया गया. मीडिया में आई जानकारी के मुताबिक प्रदर्शनकारियों की भीड़ अचानक आ जाने से व्हाइट हाउस में भगदड़ मच गयी जिसके बाद ट्रंप को भी बंकर में छुपाना पड़ा था.

न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी एक खबर के मुताबिक व्हाइट हाउस के बाहर स्थिति संभालने तक ट्रंप को बंकर में रखना पड़ा. ट्रंप करीब 1 घंटे से ज्यादा वक़्त तक बंकर में रहे थे. हालांकि ये स्पष्ट है कि फर्स्ट लेडी मेलेनिया ट्रंप और बैरॉन ट्रंप को बंकर में ले जाया गया था या नहीं. सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत राष्ट्रपति के पूरे परिवार को ऐसी स्थिति में बंकर में शिफ्ट कर दिया जाता है. हालांकि ट्रंप ने देश में जारी प्रदर्शनों से निपटने के लिए नेशनल गार्ड और सीक्रेट सर्विस की काफी तारीफ की है.

आंसू गैस के गोले दागे और लाठियां बरसाईं
हालांकि शनिवार को व्हाइट हाउस के बाहर काफी सावधाने बरती गयी. शनिवार को भी प्रदर्शनकारी व्हाइट हाउस के बाहर इकठ्ठा हुए लेकिन पुलिस ने कुछ ही मिनटों बाद उन्हें आंसू गैस के गोलों और लाठीचार्ज कर हटा दिया. ट्रंप ने आरोप लगाया है कि डेमोक्रेट गवर्नर अपने समर्थकों को व्हाइट हाउस के बाहर इकठ्ठा होने और उग्र प्रदर्शन करने के लिए उकसा रहे हैं. शनिवार को व्हाइट हाउस के बाहर ट्रंप के समर्थक भी पहुंच गए थे जिसके बाद स्थिति और गंभीर हो गयी थी. ट्रंप ने इस घटना के बाद कई ट्वीट भी किये और बताया कि कैसे सीक्रेट सर्विस ने व्हाइट हाउस को एक किले में तब्दील कर दिया है. ट्रंप ने कहा कि व्हाइट हाउस के बाहर हुए लाठीचार्ज की इजाजत भी वाशिंगटन डीसी के गवर्नर मुरियल बॉसर ने दी थी.
जी7 सम्मेलन भी टला


उधर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने G-7 शिखर सम्मेलन को सितंबर तक टाल दिया है और विश्व की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों के इस समूह में भारत और तीन अन्य देशों को शामिल करने के साथ ही इस 'पुराने' समूह का विस्तार जी10 या जी11 तक करने की इच्छा व्यक्त की है. ट्रंप ने पहले सुझाव दिया था कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के बीच जून के अंत तक अमेरिका में जी7 शिखर सम्मेलन कराने से बेहतर देश को फिर से खोलने का कोई और उदाहरण नहीं होगा.

ट्रंप ने फ्लोरिडा से वाशिंगटन डीसी जाते हुए एयर फोर्स वन विमान में पत्रकारों को बताया कि वह 'इसे सितंबर तक स्थगित कर रहे हैं' और इसमें रूस, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया तथा भारत को शामिल किए जाने की योजना है. उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि जी7 के तौर पर यह दुनिया में जो चल रहा है उसका उचित तरीके से प्रतिनिधित्व करता है. यह देशों का बहुत पुराना समूह है. इसलिए यह जी10, जी11 हो सकता है और अमेरिका में चुनाव खत्म होने के बाद इसका विस्तार हो सकता है.' ट्रंप ने कहा, 'शायद मैं चुनाव के बाद यह करुंगा.' उन्होंने रूस का जिक्र किए बगैर कहा, 'हम ऑस्ट्रेलिया को चाहते हैं, हम भारत को चाहते हैं, हम दक्षिण कोरिया को चाहते हैं. यह देशों का अच्छा समूह है.' ट्रंप पहले ही रूस को फिर से इसमें शामिल करने के बारे में बात कर चुके हैं जिसे इस समूह से बाहर कर दिया गया था. रूस पूर्ववर्ती ओबामा प्रशासन के दौरान जी8 समूह का हिस्सा था.

 

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