UN में बरसे ट्रंप, कहा- चीन की करतूतों से फैला कोरोना, उसे जिम्मेदार ठहराएं

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र में डोनाल्ड ट्रंप ने सात मिनट के भाषण में 11 बार चीन का नाम लिया.
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र में डोनाल्ड ट्रंप ने सात मिनट के भाषण में 11 बार चीन का नाम लिया.

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGCA) के 75वें सत्र के 22 सितंबर 2020 को हुई उच्च स्तरीय आम बहस में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने केवल सात मिनट का भाषण दिया. उन्होंने पूरे भाषण में 11 बार चीन का नाम लिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 23, 2020, 3:39 PM IST
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वाशिंगटन. संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGCA) के 75वें सत्र के 22 सितंबर 2020 को हुई उच्च स्तरीय आम बहस में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने केवल सात मिनट का भाषण दिया. उन्हें आवंटित किये समय के आधे से कम समय में उन्होंने अपनी बात खत्म कर दी. भाषण के अधिकांश भाग में चीन पर हमला किया गया था. उन्होंने पूरे भाषण में 11 बार चीन का नाम लिया. भाषण की  शुरुआत के कुछ सेकंड में उन्होंने कोविड-19 को "चीन वायरस" का नाम दिया था, और बीजिंग को इसके लिए जवाबदेह ठहराया. ट्रम्प ने कोरोना की  दूसरे विश्व युद्ध से तुलना करते हुए इसे भीषण वैश्विक संघर्ष (great global struggle) बताया.

गार्जियन के सम्पादक जूलियन बोर्जर ने ट्विटर पर ट्रम्प के भाषण को विश्लेषित करते हुए लिखा है कि यह भाषण आभासी अभियान रैली के लिए डिज़ाइन किया गया भाषण था.

'चीन ने घरेलू उड़ान पर रोक लगाई लेकिन अंतरराष्ट्रीय पर नहीं'



डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हम एक उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं. ऐसे में जो देश पूरी दुनिया में कोरोना के प्लेग को फैलाने का जिम्मेदार है, वह चीन है. वायरस फैलने के शुरूआती दिनों में चीन ने घरेलू स्तर पर यात्रा को बंद कर दिया लेकिन चीन से अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को जारी रखा और इस तरह दुनिया को संक्रमित कर दिया.


चीन को उनके करतूतों के लिए जिम्मेदार ठहराए संयुक्त राष्ट्र

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि चीनी सरकार और डब्ल्यूएचओ जो वस्तुतः चीन द्वारा नियंत्रित है, इन दोनों ने मिलकर यह झूठ फैलाया कि (कोरोना वायरस) इंसान से इंसान तक इसके प्रसार का कोई सुबूत नहीं है. इन्होने बाद में फिर एक झूठ कहा कि जिन लोगों में कोरोना के लक्षण नहीं हैं उन लोगों से यह बीमारी नहीं फैलती. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को चीन को उनके करतूतों के लिए जिम्मेदार ठहराना चाहिए.



जूलियन बोर्जर ने ट्रम्प के किये झूठे दावों की भी पोल खोली

जूलियन बोर्जर ने ट्रम्प के भाषण की आलोचना करते हुए लिखा कि ट्रम्प ने संयुक्त राष्ट महासभा में कोरोना को भीषण वैश्विक संघर्ष बताया लेकिन एक दिन पहले ही अपनी चुनावी रैली में उन्होंने इसे ज्यादा महत्वपूर्ण समस्या (virtually nobody) नहीं बताया था. उन्होंने महामारी को लेकर अमेरिकी सरकार के कदमों के बारे में ट्रम्प के किये झूठे दावों की भी पोल खोली.

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जूलियन बोर्जर  ने लिखा ट्रम्प ने सभा में कहा था कि हमने दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे आक्रामक लामबंदी शुरू की. इस पर जूलियन बोर्जर का कहना था वास्तव में अमेरिका की संघीय सरकार ने कोरोना से जुड़े मामलों से निपटने के लिए सारी जिम्मेदारी राज्यों पर छोड़ दी है जिससे भ्रामक सूचनाएं प्रसारित हो रही हैं. ट्रम्प ने अमेरिका में कोरोना महामारी से हुई 2 लाख मौतों का भी कोई जिक्र नहीं किया.
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