ट्रंप ने दी ईरान को खुली धमकी, कहा- इस्लामी आतंकवाद को खत्म करने के लिए उठाएंगे कड़े कदम

ट्रंप ने दी ईरान को खुली धमकी, कहा- इस्लामी आतंकवाद को खत्म करने के लिए उठाएंगे कड़े कदम
डोनाल्‍ड ट्रंप ने दी ईरान को धमकी.

ट्रंप (Trump) ने कहा कि हम अमेरिका के लोगों के जीवन को बचाने के लिए कभी संकोच नहीं करेंगे और ना ही कोई बहाना बनाएंगे. कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद को खत्म करने के लिए जो भी कदम उठाना पड़ा उठाएंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 10, 2020, 11:28 AM IST
  • Share this:
वॉशिंगटन. अमेरिका (America) और ईरान (Iran) के बीच बढ़े तनाव के कारण युद्ध जैसी स्थिति बन गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर ईरान को खुले तौर पर धमकी दी है. ट्रंप ने कहा, 'हम अमेरिका के लोगों के जीवन को बचाने के लिए कभी संकोच नहीं करेंगे और ना ही कोई बहाना बनाएंगे. कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद को खत्म करने के लिए जो भी कदम उठाना पड़ा उठाएंगे. दुश्मनों के खिलाफ कार्रवाई करने में कोई हिचकिचाहट नहीं होगी.

बता दें कि कुद्स फोर्स के प्रमुख मेजर जनरल कासिम सुलेमानी (General Qasem Soleimani) की मौत के बाद से ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध जैसी स्थिति बन गई है. अमेरिकी कांग्रेस (US Congress) ने इस जंग को रोकने के लिए सीनेट के निचले सदन में प्रस्ताव पारित कर दिया है. ट्रंप के अधिकार सीमित करने के लिए 'वॉर पावर्स' प्रस्ताव पारित किया गया है. निचले सदन (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में वोटिंग के दौरान प्रस्ताव के पक्ष में 194 वोट पड़े. अब इस प्रस्ताव को सीनेट के ऊपरी सदन में पेश किया जाएगा.

इसके बाद ट्रंप ने शुक्रवार को ओहियो में रैली को संबोधित करते हुए एक ऐसा बयान दिया, जिससे ईरान को फिर झटका लग सकता है. ट्रंप ने ट्वीट कर ईरान को एक बार फिर खुली धमकी दे डाली.
अगर अमेरिकी कांग्रेस के ऊपरी सदन में भी यह प्रस्ताव पास हो गया, तो इसे लागू करने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर की जरूरत नहीं पड़ेगी. हालांकि, रिपब्लिकन सांसदों की मेजॉरिटी वाले सीनेट में इस प्रस्ताव का पास होना काफी मुश्किल लग रहा है.ट्रंप ने डेमोक्रेट पर निशाना साधा और उसे ज़बरदस्त भ्रष्टाचार की पार्टी बताया. ट्रंप ने कहा कि उनकी रिपब्लिकन पार्टी अमेरिकी परिवार और अमेरिकी ड्रीम की पार्टी है.




ईरान ने अमेरिकी एयरबेस पर कई मिसाइल दागी थींं. साथ ही दावा किया था कि उसने 80 से ज्यादा अमेरिकी सैनिकों मारा गिराया, जिसे अमेरिका ने सिरे से खारिज किया था. ये हमला अमेरिका के ड्रोन हमले में ईरानी सेना के कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद बदले की भावना से किया गया था. सुलेमानी को मारने का आदेश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिया था.

ये भी पढ़ें : ईरान पर चाहकर भी हमला नहीं कर सकेंगे डोनाल्ड ट्रंप, ये है वजह
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज