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ट्रंप की चेतावनी- अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर देंगे बाइडन, जॉर्जिया में फिर री-काउंट की अपील

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेरिस समझौते को बताया खतरनाक (फाइल फोटो)
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेरिस समझौते को बताया खतरनाक (फाइल फोटो)

Trump on Paris climate accord: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को G20 समिट को भेजे एक वीडियो संदेश में कहा कि पेरिस जलवायु समझौता अमेरिका समेत सभी बड़े देशों की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा ख़तरा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 23, 2020, 7:14 AM IST
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वाशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने रविवार को एक डिजिटल सम्मेलन में पेरिस जलवायु समझौते (Paris climate accord) का विरोध करते हुए वैश्विक नेताओं से कहा कि इस समझौते को धरती को बचाने के लिए नहीं बल्कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने के लिये तैयार किया गया है. ट्रंप ने बाइडन का नाम नहीं लिया लेकिन कहा कि इस समझौते में वापसी अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए खतरनाक है. बता दें कि प्रेजिडेंट इलेक्ट बाइडन ने जीत के बाद पहला ऐलान पेरिस समझौते में वापसी का किया था.

सऊदी अरब द्वारा आयोजित जी-20 सम्मेलन में व्हाइट हाउस से भेजे गए वीडियो बयान में ट्रंप ने कहा, 'अमेरिकी कामगारों की रक्षा के लिये मैंने अमेरिका को अन्यायपूर्ण और पक्षपाती पेरिस जलवायु समझौते से बाहर निकाल लिया था। यह अमेरिका के लिये बेहद नुकसानदायक था.' धरती को बचाने के विषय पर दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों के बीच चर्चा के दौरान ट्रंप ने ये टिप्पणियां की. उन्होंने कहा कि इस समझौते का मकसद पर्यावरण को बचाना नहीं बल्कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बर्बाद करना है. वहीं ट्रंप से उलट अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन कह चुके हैं कि वह इस समझौते में अमेरिका को दोबारा शामिल करेंगे, जिसे आकार देने में पांच साल पहले उन्होंने मदद की थी.

जॉर्जिया में फिर री-काउंट की अपील- पेनसेल्वेनिया में हार के बाद अब ट्रंप के प्रचार अभियान ने जॉर्जिया में मतों की फिर से गिनती के लिए याचिका दायर की है. रिपब्लिकन पार्टी का गढ़ माने जाने वाले जॉर्जिया में अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने 12000 से ज्यादा मतों से जीत हासिल की थी. बाइडन 1992 के बाद से इस महत्वपूर्ण चुनावी राज्य में जीतने वाले पहले डेमोक्रेट उम्मीदवार हैं. जॉर्जिया में 1992 में बिल क्लिंटन के बाद से अब तक किसी भी डेमोक्रेटिक उम्मीदवार को जीत नहीं मिली थी. फिर से मतों की गिनती होने पर यहां चुनाव अधिकारियों को पचास लाख से ज्यादा मतों की गणना करनी होगी.





पेनसिल्वेनिया में मुकदमा खारिज- उधर अमेरिका में एक संघीय न्यायाधीश ने देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अभियान की ओर से पेनसिल्वेनिया में दायर उस मुकदमे को खारिज कर दिया है जिसमें लाखों मतों को अवैध घोषित करने की मांग की गई थी. न्यायाधीश ने कहा कि आरोप अटकलों पर आधारित हैं. यूएस मिडल डिस्ट्रिक्ट ऑफ पेनसिल्वेनिया के न्यायाधीश मैथ्यू ब्रान ने ट्रंप अभियान का अनुरोध शनिवार को खारिज कर दिया, जिससे तीन नवंबर को हुए चुनाव के परिणामों को चुनौती देने के राष्ट्रपति ट्रंप के प्रयासों को खासा झटका लगा है. राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन विजयी रहे हैं।
न्यायाधीश ब्रान ने कुछ दिन पहले आरोप लगाया था कि उन्हें फोन कॉल करके परेशान किया जा रहा है. उन्होंने अपने फैसले में कहा कि ट्रंप अभियान ने 'तोड़-मरोड़ कर और बिना आधार के कानूनी दलीलें' पेश कीं और अटकलों पर आधारित आरोपों के समर्थन में सबूत पेश नहीं किए. ट्रंप अभियान ने मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए इस महीने की शुरुआत में मुकदमा दायर किया था. नव-निर्वाचित राष्ट्रपति बाइडन ने पेनसिल्वेनिया में ट्रंप को 81,000 से भी अधिक मतों के अंतर से पछाड़ दिया. इस महत्वपूर्ण राज्य में 20 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हैं. न्यायाधीश ब्रान ने अपने फैसले में कहा, 'यह अदालत ऐसा कोई आधार नहीं समझ सकी है जिसके तहत वादी ने चुनाव में इतने व्यापक सुधार की मांग की है.'



ट्रंप के पर्यवेक्षकों ने विस्कॉन्सिन में किया बवाल- बता दें कि विस्कॉन्सिन की सबसे बड़ी काउंटी के चुनाव अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पर्यवक्षकों ने राष्ट्रपति पद के चुनाव की पुनर्मतगणना को बाधित करने की कोशिश की और कई बार गणना के लिए निकाले गए हर मतपत्र पर आपत्ति जताई. ट्रंप ने मिलवॉकी और डेन काउंटी में फिर से मतगणना कराने का अनुरोध किया था. डेमोक्रेटिक नेता जो बाइडन ने यहां 20,600 मतों के अंतर से जीत हासिल की है. इससे पहले इतने बड़े अंतर से मिली कोई जीत पुनर्मतगणना के बाद हार में नहीं बदली है. ऐसे में कई लोगों का यह मानना है कि ट्रंप फिर से मतगणना इसलिए करा रहे हैं, ताकि वह अंतत: अदालत में यहां मतदान को चुनौती दे सकें. ट्रंप ने कई अहम राज्यों में चुनाव परिणाम को अदालत में चुनौती दी है.





काउंटी क्लर्क जॉर्ज क्रिस्टनसन ने शनिवार को कहा कि मिलवॉकी में रिपब्लिकन सदस्यों के बार-बार शिकायत करने के कारण पुनर्मतगणना में तय समय से बहुत देरी हुई. उन्होंने कहा कि ट्रंप के पर्यवेक्षक मतगणना करने वालों से बार-बार सवाल करके और टिप्पणियां करके मतों की फिर से गणना को लगातार बाधित करने की कोशिश कर रहे थे. क्रिस्टनसन ने कहा, 'यह अस्वीकार्य है. स्पष्ट रूप से यह पता ही नहीं है, वे क्या कर रहे हैं.' काउंटी के चुनाव आयुक्त टिम पोस्नानस्की ने कहा कि पुनर्मतगणना की एक मेज पर ट्रंप के एक पर्यवेक्षक ने हर उस मतपत्र पर आपत्ति जताई, जिसे बैग से निकाला गया. पोस्नानस्की ने कहा कि इस बात के 'प्रथमदृष्ट्या प्रमाण हैं कि ट्रंप प्रचार मुहिम ने बदनीयत से काम किया.' ट्रंप चुनाव प्रचार मुहिम की ओर से आयोग के सदस्यों से बात करने वाले वकील जो वोइलैंड ने इस बात से इनकार किया कि उनके पक्ष ने बदनीयत से काम किया.
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