इमरान को दोस्त कहने वाले तुर्की ने दिखाया असली चेहरा, 51 पाकिस्तानी निकाले देश से

इमरान को दोस्त कहने वाले तुर्की ने दिखाया असली चेहरा, 51 पाकिस्तानी निकाले देश से
तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयप एर्दोगान और पाकिस्तनी पीएम इमरान खान (फाइल फोटो)

तुर्की (Turkey) ने 51 पाकिस्तानी नागरिकों (Pakistani Citizenship) को देश से निकाल दिया है. साथ ही आरोप लगाया है कि ये लोग अवैध रूप से वहां रह रहे थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 30, 2020, 11:01 PM IST
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अंकारा. पाकिस्तान के साथ दोस्ती का दिखावा करने वाले तुर्की (Turkey) का असली चेहरा सामने आ गया है. दरअसल, तुर्की ने 51 पाकिस्तानी नागरिकों (Pakistani Citizens) को जबरदस्ती डिपोर्ट कर दिया है. आरोप है कि ये लोग अवैध रूप से अंकारा में रह रहे थे. पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ये लोग वहां कई तरह की अवैध गतिविधियों में लिप्त थे. इन लोगों को तुर्की ने एक स्पेशल फ्लाइट के जरिए इस्लामाबाद भेज दिया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि तुर्की की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग एंड स्मगलिंग सेल (एफआईए) को 33 लोग सौंपे हैं. जबकि बाकी लोगों को पहले ही पकड़ा जा चुका था. इन लोगों को लेकर तुर्की के अधिकारियों ने स्थानीय पाकिस्तानी दूतावास से संपर्क किया. जिसके बाद से इनकी नागरिकता की पुष्टि हुई. इसके बाद एक स्पेशल फ्लाइट के जरिए इन लोगों को वापस भेजा गया.

फरवरी 2020 में भी तुर्की ने पाकिस्तान के 110 नागरिकों को वापस भेज दिया था. बताया जाता है कि अब भी कई पाकिस्तानी तुर्की की जेलों में बंद हैं. इनके उपर अवैध रूप से तुर्की में प्रवेश करने, नशीले पदार्थों की तस्करी समेत कई आरोप लगे हैं. पाकिस्तानी तुर्की का यूरोप में अवैध रूप से प्रवेश करने के लिए उपयोग करते हैं. इस दौरान जो पकड़े जाते हैं उन्हें या तो डिपोर्ट कर दिया जाता है या जेल में डाल दिया जाता है.

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कश्मीर मुद्दे पर पाक का समर्थन करता है तुर्की
तुर्की शुरू से ही कश्मीर को लेकर पाकिस्तान का समर्थन करता रहा है. हाल में ही ईद उल अजहा पर तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयप एर्दोगान ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति आरिफ अल्वी और प्रधानमंत्री इमरान खान से बात करते हुए कश्मीर पर तुर्की के समर्थन का आश्वासन दिया. एर्दोआन ने हदे पार करते हुए कश्मीर की तुलना एक बार फिर फिलिस्तीन से की है. इतना ही नहीं, उन्होंने भारत पर कोरोना काल में भी कश्मीर में अत्याचार का झूठा आरोप भी लगाया है. जबकि सच्चाई यह है कि कश्मीर पर भारत को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रहे एर्दोआन तुर्की में खुद एक कट्टर इस्लामिक तानाशाह के रूप में जाने जाते हैं.
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