तुर्की में नागरिकों ने तख्तापलट को किया नाकाम, 161 की मौत, 1,500 लोग घायल

तुर्की में सेना ने तख्तापलट की कोशिश की है जिसमें कई लोग मारे गए हैं। एयरपोर्ट सहित कई महत्वपूर्ण जगहों पर विद्रोही सेना कब्जा कर लिया है। सेना ने दावा किया है कि उसने देश की सत्ता पर कब्जा कर लिया है।

News18India.com
Updated: July 16, 2016, 11:51 PM IST
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Updated: July 16, 2016, 11:51 PM IST
अंकारा। तुर्की में सेना ने तख्तापलट की कोशिश की है जिसमें कई लोग मारे गए हैं। एयरपोर्ट सहित कई महत्वपूर्ण जगहों पर विद्रोही सेना कब्जा कर लिया है। सेना ने दावा किया है कि उसने देश की सत्ता पर कब्जा कर लिया है। हालांकि प्रधानमंत्री बिनअली यिलदरिम का कहना है कि सैन्य तख्तातलट की कोशिश नाकाम कर दी गई है। लेकिन इस हिंसा में सैकड़ों की जान चली गई।

इन सब उठापटक के बीच आम जनता भी सड़क पर उतर आई और इसका विरोध किया। इस पर सेना ने इस्तांबुल में भीड़ पर गोलियां दागीं, जिसमें कई लोग मारे गए। संसद के बाहर टैंकों की आवाजाही हो रही है और आसमान पर हवाई जहाज मंडरा रहे हैं। तुर्की की स्टेट मीडिया ने कहा है कि विद्रोही सेना के 754 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

सेना के एक गुट ने इस तख्तापलट को अंजाम दिया है। पहले बताया जा रहा था कि सेना के हमले में करीब 60 लोगों की मौत हो गई है। बाद में एएफपी ने बताया कि हमले में 161 लोगों की मौत हुई है। पुलिस मुख्यालय पर सेना के हमले में 17 पुलिस अधिकारी भी मारे गए  है वहीं 1,500 लोग घायल हो गए, जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।।

तख्तापलट की इस कोशिश के दौरान बागी फौजियों ने लड़ाकू विमानों पर कब्जे कर लिए और उनसे शहर के ऊपर उड़ान भरी। यही नहीं, सेना के टैंकों ने पूरे देश में चहलकदमी की और इस्तांबुक एयरपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण जगहों पर भी कब्जा कर लिया। लेकिन बाद में इन्हें काबू में कर लिया गया।

तुर्की के प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में तख्तापलट के प्रयास के बाद नया कार्यवाहक सैन्य प्रमुख नियुक्त कर दिया गया है। बिन अली यिलदिरिम ने बताया कि फर्स्ट आर्मी के कमांडर जनरल उमित दुनदार को नया कार्यवाहक सैन्य प्रमुख नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने पहले कहा था कि पूर्व सैन्य प्रमुख हुलुसी अकर कहां हैं, इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

हमले के बाद राष्ट्रपति एर्दोगन ने कहा कि हम जल्द हवाई सेवा शुरू कर देंगे। अंकारा में कुछ मुश्किलें हैं लेकिन हम जल्द ही एयरपोर्ट से सेवा शुरू कर देंगे। मैं सभी नागरिकों का धन्यवाद करता हूं, मैं उनके साथ हूं।

दरअसल, राष्ट्रपति के आह्वान के बाद भारी संख्या में आम नागरिक सड़कों पर उतर और सेना को लगातार झड़पों में हार का मुंह देखना पड़ा। हालांकि सेना ने सीधे तौर पर आम लोगों पर हमले नहीं किए, वर्ना स्थिति भयावह हो सकती थी।  राष्ट्रपति ने बाद में बयान दिया कि तख्तापलट की कोशिशें नाकाम कर दी गई हैं और इससे संबंधित 120 सैन्य अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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Military Occupy Strategic Locations In Turkey

एएफपी की रिपोर्ट में बताया गया है कि तख्तापलट में इस्तेमाल किए जा रहे एक हेलीकॉप्टर को एफ-16 विमान ने मार गिराया। वहीं एपी ने रिपोर्ट दी कि अंकारा के बाहरी इलाके में सेना के हेलीकॉप्टर से हमले में विशेष पुलिस बल के 17  अधिकारी मारे गए।

शुक्रवार को सेना ने इस गुट ने दावा किया कि उसने देश की सत्ता पर कब्जा कर लिया है। सेना ने कहा कि उसने देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को बनाए रखने और मानवाधिकार संरक्षित रखने के लिए सत्ता अपने हाथ में ले ली है।



प्रधानमंत्री बिनअली यिलदरिम ने एनटीवी टेलीवीजन को बताया, 'हां यह सही है कि यहां (तख्तापलट की) ऐसी कोशिश की गई।' यिलदिरिम ने इससे जुड़ी कोई विस्तृत जानकारी तो नहीं दी, लेकिन इतना जरूर कहा कि तुर्की 'लोकतंत्र में रोड़ा डालने वाले ऐसे किसी कदम की इजाजत नहीं देगा, तख्तापलट की साजिश रचने वालों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा चुनी गई सरकार अब भी सत्ता में है। यह सरकार तभी हटेगी, जब लोग उसे कहेंगे।

तख्तापलट की इस कोशिश के बीच रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि राष्ट्रपति एर्दोग़ान सुरक्षित हैं। तुर्की के राष्ट्रपति कार्यालय ने एर्दोग़ान के ठिकाने का खुलासा नहीं किया, बस इतना बताया कि वह सुरक्षित स्थान पर हैं। इस बीच राष्ट्रपति एर्दोग़ान ने नागरिकों से सरकार के समर्थन में सड़कों पर उतरने को कहा है।



राष्ट्रपति के आह्वान के बाद भारी संख्या में आम नागरिक सड़कों पर उतरे। जगह जगह आम लोगों और सेना में झड़प भी हुई है।

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First published: July 16, 2016, 4:03 AM IST
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