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तुर्की ने सीरियाई कुर्दों के खिलाफ अभियान शुरू किया : एर्दोआन

भाषा
Updated: October 9, 2019, 9:22 PM IST
तुर्की ने सीरियाई कुर्दों के खिलाफ अभियान शुरू किया : एर्दोआन
तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने बुधवार लड़ाई की घोषणा की

राष्ट्रपति ने लिखा है कि हमारा मिशन हमारी दक्षिणी सीमा पर एक आतंकी गलियारे के निर्माण को रोकना और क्षेत्र में शांति लाना है.

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इस्तांबुल. तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन (Recep Tayyip Erdoğan) ने बुधवार को कहा कि उनके देश ने उत्तरी सीरिया (North Syria) में कुर्दिश लड़ाकों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है. एर्दोआन ने ट्विटर पर अंग्रेजी में लिखा कि तुर्की सशस्त्र बलों ने सीरियन नेशनल आर्मी (अंकारा के समर्थन वाला विद्रोही समूह) के साथ मिलकर अभी ‘ऑपरेशन पीस स्प्रिंग’ शुरू किया है. उन्होंने कहा कि हमले में उत्तर सीरिया में कुर्दिश लड़ाकों और इस्लामिक स्टेट समूह (Islamic state) को निशाना बनाया जाएगा.

राष्ट्रपति ने लिखा है कि हमारा मिशन हमारी दक्षिणी सीमा पर एक आतंकी गलियारे के निर्माण को रोकना और क्षेत्र में शांति लाना है.



तुर्की, कुर्दिशों को आतंकवादी मानता है. वह उत्तर सीरिया में कुर्दिश बलों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की लंबे समय से योजना बना रहा था, क्योंकि कुर्दिश बलों का कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) के साथ रिश्ता है. पीकेके ने 1984 में तुर्की के खिलाफ बगावत की थी और उससे लड़ाई लड़ी थी जिसमें काफी खून-खराबा हुआ था.

ट्रंप ने कहा- मिडिल ईस्ट में सेना भेजना हमारी गलती
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि मिडिल ईस्ट (Middle East) में अमेरिका द्वारा सेना भेजना सबसे बड़ी गलती थी. ये पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने ऐसा बयान दिया हो. वह इससे पहले भी दुनिया भर में चल रहे सैन्य अभियानों पर अपनी असहमति जता चुके हैं. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में भी इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया था, और कहा था कि वह कोशिश करेंगे कि अमेरिकी सैनिक जल्द से जल्द अपने देश वापस लौट सकें.

ट्रंप ने कहा था स्थिति से खुद निपटें तुर्की-कुर्द
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इससे पहले सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया से लगती तुर्की की सीमा से अमेरिकी सैनिकों को हटाने के फैसले को सही ठहराते हुए कहा था कि क्षेत्र को ‘‘स्थिति से खुद निपटना’ होगा. उन्होंने कहा था कि अमेरिका को इस ‘बेतुकी अंतहीन युद्ध’ से बाहर निकलने की जरूरत है.

रविवार देर शाम को अमेरिका ने सीरिया की उत्तरी सीमा के अहम ठिकानों से अपने सैनिकों को हटाने की घोषणा की थी. यह नीति में बड़े परिवर्तन को दिखाता और तथाकथित इस्लामिक स्टेट (आईएस) समूह के खिलाफ वर्षों की लड़ाई में अमेरिकी के मुख्य सहयोगी रहे कुर्दों को मंझदार में छोड़ता है.

ट्रंप ने ट्वीट किया कि तुर्की, यूरोप, सीरिया, ईरान, इराक, रूस और कुर्दों को स्थिति से खुद निपटना होगा और वे अपने-अपने क्षेत्रों से पकड़े गए आईएस के लड़ाकों के साथ जो करना चाहते हैं, वो करें.

उन्होंने कहा कि ज्यादातर युद्ध कबायलियों के बीच हो रहे हें और इस ‘बेतुके अंतहीन युद्ध’ से निकलने का वक्त है और हमें सैनिकों को वापस घर बुलाना है. हम वह लड़ाई लड़ते हैं जो हमारे हित की होती है और सिर्फ जीतने के लिए लड़ते हैं.

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First published: October 9, 2019, 7:51 PM IST
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