अमेरिकी सांसदों ने कश्मीर को लेकर जताई चिंता, भारत पर दबाव बनाने की कि मांग

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Updated: September 12, 2019, 11:43 AM IST
अमेरिकी सांसदों ने कश्मीर को लेकर जताई चिंता, भारत पर दबाव बनाने की कि मांग
अमेरिका (America) के दो सांसदों ने चिंता जाहिर करते हुए विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ (Mike Pompeo) से अपील की है कि वह कश्मीर में संचार माध्यमों को तत्काल बहाल करे.

अमेरिका (America) के दो सांसदों ने चिंता जाहिर करते हुए विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ (Mike Pompeo) से अपील की है कि वह कश्मीर में संचार माध्यमों को तत्काल बहाल करे.

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  • Last Updated: September 12, 2019, 11:43 AM IST
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वाशिंगटन: कश्मीर (Kashmir) में मानवाधिकार स्थिति को लेकर अमेरिका (America) के दो सांसदों ने चिंता जाहिर करते हुए विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ (Mike Pompeo) से अपील की है कि वह कश्मीर में संचार माध्यमों को तत्काल बहाल करने और हिरासत में लिए गए सभी लोगों को छोड़ने के लिए भारत सरकार पर दबाव बनाए. पोम्पिओ को 11 सितंबर को लिखे गए पत्र में प्रमिला जयपाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों को तत्काल जम्मू-कश्मीर में जाने की अनुमति मिलनी चाहिए ताकि वह मानवाधिकार उल्लंघनों की जांच कर पाएं.

कौन है प्रमिला जयपाल
प्रमिला हाउफ ऑफ रिप्रजेंटेटिव में पहली और एकमात्र भारतीय अमेरिकी सांसद हैं. 53 वर्षीय जयपाल वाशिंगटन डीसी में एक डेमोक्रेट हैं. अमेरिकी संसद में प्रतिनिधि सभा की अध्यक्षता करने वाली वे पहली दक्षिण एशियाई अमेरिकन महिला हैं. जयपाल के अलावा सांसद जेम्प पी मैकगवर्न ने भी यह पत्र लिखा है.

क्या है इन सांसदों की मांग

भारत सरकार पर कश्मीर में लगाए गए संचार प्रतिबंध को तत्काल समाप्त करने और एहतियात के रूप में हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ने की प्रक्रिया शुरू करने की पत्र लिखकर प्रशासन से अपील की गई है. वहीं भारत सरकार अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करे और एक जगह जुटने तथा प्रार्थना करने के लिए कश्मीरी लोगों के अधिकारों की रक्षा करे.

दोनों सांसदों ने पोम्पिओ से कहा कि वह कश्मीर में मानवीय और मानवाधिकारों के संकट को लेकर बेहद चिंतित हैं. जयपाल ने इस पत्र को एक ट्वीट में टैग किया है. जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को पांच अगस्त को खत्म कर दिया गया था जिसके बाद से वहां प्रतिबंध लगे हुए हैं.

उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि उन्हें पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की ओर से विश्वसनीय रिपोर्ट भी मिली है कि भारत सरकार ने हजारों लोगों को हिरासत में लिया है. कर्फ्यू लगा भी दिया है और लोगों के इंटरनेट कनेक्शन तथा टेलिफोन लाइन काट दी गई हैं. सांसदों ने भारत सरकार से अपील की है कि वह धार्मिक स्वतंत्रता बरकरार रखे.
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First published: September 12, 2019, 11:39 AM IST
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