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अल्बानिया पर साइबर हमले को लेकर अमेरिका ने ईरान पर लगाए प्रतिबंध, ईरानी दूतावास से देश छोड़ने को कहा

अल्बानिया पर साइबर हमले को लेकर अमेरिका ने ईरान पर लगाए प्रतिबंध. (फोटो: रॉयटर्स )

अल्बानिया पर साइबर हमले को लेकर अमेरिका ने ईरान पर लगाए प्रतिबंध. (फोटो: रॉयटर्स )

अमेरिका ने यह कदम तब उठाया है, जब अल्बानिया में उसी घटना को वापस दोहराया गया जिसके बाद बुधवार को अल्बानिया की ओर से बय ...अधिक पढ़ें

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वॉशिंगटन. संयुक्त राज्य अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान के खुफिया और सुरक्षा मंत्रालय और उसके मंत्री पर प्रतिबंध लगा दिया है. दरअसल, अमेरिका ने ईरान पर साइबर हमले से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है. अमेरिका ने कहा कि एक जुलाई में अल्बानिया (Albania) पर हुए साइबर हमले में ईरान का हाथ था.

रायटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने यह कदम तब उठाया है, जब अल्बानिया में उसी घटना को वापस दोहराया गया जिसके बाद  बुधवार को अल्बानिया की ओर से बयान आया कि वह  ईरान के साथ राजनयिक संबंध तोड़ रहा है यानी ईरानी राजनयिकों और दूतावास के कर्मचारियों को 24 घंटे के भीतर देश को छोड़ने के लिए आदेश दिया गया.

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने एक बयान में कहा कि साइबर हमलों में शामिल होने वाले लोगों के कई नेटवर्क है और ये सभी ईरानी सरकार के समर्थक है. ट्रेजरी के अंडर सेक्रेटरी फॉर टेररिज्म एंड फाइनेंशियल इंटेलिजेंस, ब्रायन नेल्सन ने बयान में कहा, “हम ईरान की तेजी से आक्रामक साइबर गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे.”

Microsoft, जिसकी साइबर सुरक्षा अनुसंधान टीम ने घटना की जांच में मदद की, उसने गुरुवार को एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि ईरानी साइबर ऑपरेशन में डिजिटल जासूसी तकनीक, डेटा वाइपिंग मैलवेयर और ऑनलाइन सूचना संचालन का संयोजन शामिल था. शोधकर्ताओं के अनुसार, हैकर्स का लक्ष्य अल्बानियाई सरकारी अधिकारियों को शर्मिंदा करना था.

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जुलाई के हमलों ने सरकारी वेबसाइटों और अन्य सार्वजनिक सेवाओं को अस्थायी रूप से बाधित कर दिया गया था. विश्लेषकों का कहना है कि ऑपरेशन का उद्देश्य अल्बानिया को नीचा दिखाने के लिए करना था क्योंकि वह देश में स्थित एक समूह जाहिदीन-ए-खल्क (एमईके) का समर्थन कर रहा था. वहीं ईरान के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है.

Tags: America, Cyber Attack, Iran

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