सऊदी अरब में रिमोट वर्क वीजा का ऐलान, वहां रहकर दूसरे देशों के लिए कर सकेंगे काम

यूएई में नए वीजा का ऐलान. (File pic)

यूएई में नए वीजा का ऐलान. (File pic)

संयुक्‍त अरब अमीरात (UAE) ने रविवार को अपने यहां दो नए वीजा (VISA) की घोषणा की है. इनमें रिमोट वर्क वीजा (Remote Work Visa) और मल्टीपल एंट्री वीजा शामिल हैं.

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  • Last Updated: March 23, 2021, 1:58 PM IST
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दुबई. खाड़ी देश संयुक्‍त अरब अमीरात (UAE) ने रविवार को अपने यहां दो नए वीजा (VISA) की घोषणा की है. इनमें रिमोट वर्क वीजा (Remote Work Visa) और मल्टीपल एंट्री वीजा शामिल हैं. इन दोनों वीजा के संबंध में यूएई के प्रधानमंत्री व उपराष्‍ट्रपति और दुबई के शासक शेख मोहम्‍मद बिन राशिद अल मख्‍तूम की अध्‍यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया है. इस संबंध में शेख मोहम्‍मद बिन राशिद अल मख्‍तूम ने ट्वीट करके इन वीजा की जानकारी दी है.

दुबई के शासक ने ट्वीट में रिमोट वर्क वीजा के संबंध में जानकारी दी है. उन्‍होंने लिखा, 'मेरी अध्‍यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में देश में रिमोट वर्क वीजा को मंजूरी दी गई है. इस वीजा के अंतर्गत पूरे विश्‍व के कामगार यूएई में रहने के पात्र हैं. वह यहां से किसी भी दूसरे देश में स्थित कंपनी के लिए काम कर सकते हैं.' उन्‍होंने एक अन्‍य ट्वीट में मल्‍टीपल एंट्री टूरिस्‍ट वीजा की जानकारी दी. उन्‍होंने लिखा, 'हमने यूएई को वैश्विक आर्थिक राजधानी बनाने की कोशिश को मजबूती देने के लिए सभी देशों के नागरिकों के लिए मल्टीपल एंट्री टूरिस्ट वीजा को भी मंजूरी दी है.'

हाल ही में संयुक्‍त अरब अमीरात ने कफाला में भी बदलाव किया है. इस नियम के तहत पहले कामगारों को खाड़ी देशों में प्रवेश और निकासी बिना उनकी कंपनी की अनुमति के संभव नहीं होता था. वे इस नियम के अनुसार कंपनी की अनुमति लिए बिना नौकरी भी नहीं बदल सकते थे. लेकिन अब यूएई ने नया कफाला स्‍पॉन्‍सरशिप सिस्‍टम लागू कर दिया है. ऐसे में अब कामगारों को नौकरी बदलने व अपने देश लौटने के लिए अनुमति की जरूरत नहीं होगी.

ऐसे में रिमोर्ट वर्क वीजा को काफी अहम माना जा रहा है. रिमोट वर्क वीजा के अंतर्गत अब किसी भी देश के लोग यूएई में रहने के दौरान दुनिया की किसी भी कंपनी के लिए काम कर सकेंगे. यह रिमोट वर्क वीजा की वैधता एक साल होगी. रहने और काम करने की शर्तों को वीजा जारी करने के समय बता दिया जाएगा. इसका मकसद सार्वजनिक और निजी सेक्टर की मदद करना है.
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