अब इजराइल कर सकेगा UAE में व्यवसाय, दोस्ती हुई और मजबूत

अब इजराइल कर सकेगा UAE में व्यवसाय, दोस्ती हुई और मजबूत
फाइल फोटो (सौ. अलजजीरा)

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने औपचारिक रूप से इजराइल (Israel) का बहिष्कार खत्म कर दिया है.अब इजराइल पश्चिमी तट के विलय की विवादित योजना पर विराम लगाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 29, 2020, 5:38 PM IST
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दुबई. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शासकों ने शनिवार को एक आदेश जारी कर इजराइल (Israel) के बहिष्कार को औपचारिक रूप से समाप्त कर दिया. दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य करने के लिए अमेरिका ने समझौता कराया जिसके बाद यूएई ने यह कदम उठाया है. इजराइल और यूएई के बीच संबंधों की शुरुआत की घोषणा 13 अगस्त को की गई थी. समझौते के तहत इजराइल पश्चिमी तट के विलय की विवादित योजना पर विराम लगाएगा.

सरकारी डब्ल्यूएएम संवाद समिति ने कहा कि बहिष्कार समाप्त करने की शनिवार को औपचारिक घोषणा शेख खलीफा बिन जायद अल नाहन के आदेशों पर आया जो अबु धाबी के शासक हैं और अमीरात के नेता हैं. डब्ल्यूएएम ने कहा कि नये आदेश में इजराइल और इजराइल की कंपनियों को यूएई में व्यवसाय करने की इजाजत होगी. यूएई सात अरब प्रायद्वीपों का समूह है. इसने इजराइली सामानों की खरीद-बिक्री की भी अनुमति दी. डब्ल्यूएएम ने कहा, 'इजराइल के साथ राजनयिक एवं व्यावसायिक सहयोग बढ़ाने के यूईए के प्रयास के तहत नये कानूनों की घोषणा की गई है.' वहीं, ट्रंप प्रशासन की अरब-इजराइल शांति को और बढ़ावा देने की कोशिशों को गति देने के उद्देश्य से पश्चिम एशिया का दौरा शुरू करने वाले अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अन्य अरब राष्ट्र भी इजराइल के साथ कूटनीतिक संबंध स्थापित करेंगे.

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'लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार'
पोम्पियो ने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि अन्य अरब राष्ट्र भी इसमें शामिल होंगे.' उन्होंने कहा, 'उनके पास साथ मिलकर काम करने, इजराइली राष्ट्र को मान्यता देने और उसके साथ काम करने से न सिर्फ पश्चिम एशिया के लोगों के जीवन में स्थिरता आएगी बल्कि उनके अपने देश के लोगों के जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार होगा.' इस समझौते को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति की एक प्रमुख उपलब्धि माना जा रहा है जो इस साल फिर से इस पद के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं. ईरान फलस्तीन के लिए व्यापक परंपरागत अरब समर्थन हासिल कर रहा है और ऐसे में इजराइल से यूएई के कूटनीतिक संबंधों की शुरुआत बड़ी कामयाबी के तौर पर देखी जा रही है.
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