UK: भगौड़े नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण पर कोर्ट 25 फरवरी को सुनाएगा फैसला

नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण के मामले में ब्रिटेन कोर्ट 25 फरवरी को अपना फैसला सुनाएगी.

नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण के मामले में ब्रिटेन कोर्ट 25 फरवरी को अपना फैसला सुनाएगी.

Nirav Modi Extrradition Case: 25 फरवरी को ब्रिटेन की एक अदालत (Britain Court) नीरव मोदी के प्रत्यर्पण पर फैसला देगी. मोदी की वकील क्लेयर मोंटगोमरी ने एक और तर्क दिया कि नीरव मोदी के मामले की भारत में निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो पाएगी और न ही उसके मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सही इलाज हो सकेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 9, 2021, 12:50 PM IST
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लंदन. 25 फरवरी को ब्रिटेन की एक अदालत (Britain Court) नीरव मोदी के प्रत्यर्पण (Extradition Of Nirav Modi) पर फैसला देगी. नीरव मोदी की वकील क्लेयर मोंटगोमरी और भारत का प्रतिनिधित्व कर रही क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस की हेलेन मेल्कम ने ईमेल, गवाहों के बयान, बैंक और अन्य दस्तावेजों के आधार पर अपने अपने विचार रखे. इन दोनों ने भारतीय जेल के बारे में अपना मंतव्य प्रस्तुत करते हुए कहा कि यदि नीरव मोदी को प्रत्यर्पित किया जाता है तो उन्हें भारत की जेल (Jail in India) के हालात के मद्देनजर मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सा संबंधी सुविधा नहीं मिल पाएगी और भारतीय अदातल (Indian Court) में निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो पाएगी.

वेस्टमिंस्टर कोर्ट में मोदी पर आएगा फैसला

जज सैमुअल गूजी ने दो दिन तक बचाव पक्ष की अंतिम दलीलों को सुनने के बाद शुक्रवार को यह घोषणा की कि 25 फरवरी को वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में नीरव मोदी प्रत्यर्पण मामले में फैसला सुनाया जाएगा. ब्रिटेन-भारत प्रत्यर्पण संधि के तहत भारत को ब्रिटेन की अदालतों में यह तथ्य स्थापित करने की जरूरत है कि प्रत्यर्पण अनुरोध किए गए व्यक्ति के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला है, दोषसिद्धि का मामला नहीं.  यह मामला उन आरोपों के आधार पर है जो दोनों देशों में कानून के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार हैं.

दोनों पक्षों के वकीलो ने दिए ये तर्क...
नीरव मोदी की वकील क्लेयर मोंटगोमरी की नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण पर की गई प्रमुख आपत्तियों में से एक यह है कि नीरव मोदी के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला नहीं बनता है जिसे हेलेन मैल्कम ने इस तर्क से काउंटर किया कि मोदी पर लगे आरोप ब्रिटिश कानून के तहत समान आपराधिक आरोप है. मेल्कम ने यह भी कहा कि नीरव मोदी के खिलाफ काफी सबूत हैं. उन्होंने अदालत को बताया कि मोदी ने मुंबई में पंजाब नेशनल बैंक से ऋण लेने के संबंध में धोखाधड़ी की और ये सबूत मोदी के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनाने के लिए पर्याप्त हैं. मैल्कम ने भारत के उन आरोपों को भी दोहराया जिनमें मोदी ने गवाहों को परेशान किया और वह सर्वर और मोबाइल फोन को नष्ट करने में भी शामिल रहा. उसने एक गवाह को मारने की भी धमकी भी दी थी.

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मोदी की वकील क्लेयर मोंटगोमरी ने एक और तर्क दिया कि नीरव मोदी के मामले की भारत में निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो पाएगी और न ही उसके मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सही इलाज हो सकेगा. उन्होंने मोदी द्वारा आत्महत्या किये जाने के खतरे के प्रति भी अदालत को आगाह किया.
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