ब्रिटेन में एस्ट्राजेनेका टीका लगवाने के बाद 30 लोगों में जमे खून के थक्के, लेकिन खतरे से ज्यादा हैं फायदे

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने देशों से इस टीके का इस्तेमाल जारी रखने का आग्रह किया है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने देशों से इस टीके का इस्तेमाल जारी रखने का आग्रह किया है.

Corona vaccine: एस्ट्राजेनेका के टीके से संबंधित चिंताओं के कारण कनाडा, फ्रांस, जर्मनी और नीदरलैंड जैसे कुछ देशों ने बुजुर्गों को मना किया है कि वे यह टीका न लगवाएं. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने देशों से इस टीके का इस्तेमाल जारी रखने का आग्रह किया है.

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लंदन. ब्रिटेन के औषधि नियामक ने कहा है कि उसने एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) के कोरोना वायरस रोधी टीके (Coronavirus Vaccine) से संबंधित खून के थक्के जमने के 30 मामलों की पहचान की है लेकिन जोर दिया है कि किसी खतरे की तुलना में टीके के फायदे अधिक हैं. औषधि एवं स्वास्थ्य देखभाल नियामक एजेंसी ने कहा कि इस तरह से खून के थक्के जमने से संबंधित खतरा ‘बहुत कम है’ और लोगों को यह टीका लगवाना जारी रखना चाहिए.

एजेंसी ने कहा कि ये मामले 24 मार्च तक के हैं जिस दौरान टीके की 1.81 करोड़ खुराकें लगाई गई हैं और उसे फाइजर-बायोएनटेक के टीके के संबंध में इस तरह की रिपोर्ट नहीं मिली हैं.

कई देशों में बुजुर्गों को वैक्सीन के लिए किया गया मना
एस्ट्राजेनेका के टीके से संबंधित चिंताओं के कारण कनाडा, फ्रांस, जर्मनी और नीदरलैंड जैसे कुछ देशों ने बुजुर्गों को मना किया है कि वे यह टीका न लगवाएं. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने देशों से इस टीके का इस्तेमाल जारी रखने का आग्रह किया है.
अब तक 1.7 करोड़ लोगों ने लगवाया टीका


कंपनी ने कहा कि यूरोपीय संघ और ब्रिटेन में उसका कोविड-19 का टीका 1.7 करोड़ से अधिक लोगों ने लगवाया है, लेकिन किसी भी मामले में ब्लड क्लॉट की वजह से फेफड़ों में रुकावट या प्लेटलेट्स की कमी का मामला सामने नहीं आया है. कंपनी ने कहा कि आबादी के आकार को देखते हुए यह संख्या काफी कम है. अन्य लाइसेंस वाली कोविड-19 की वैक्सीन में भी इस तरह के मामले आए हैं.

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गौरतलब है कि एस्ट्राजेनेका/ऑक्सफोर्ड का कोविड-19 टीके का उत्पादन सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने किया है और यह भारत में चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान का हिस्सा है. इस अभियान के तहत भारत में कोविशील्ड (एस्ट्राजेनेका/ऑक्सफोर्ड) और कोवैक्सिन (भारत बायोटेक) टीका लगाया जा रहा है.
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