किसी भी वैक्सीन की तुलना में कोविड-19 से ज्यादा होता है ब्लड क्लॉटिंग का खतरा: रिसर्च

ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन  (फाइल फोटो)

ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन (फाइल फोटो)

ये रिसर्च ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की स्वतंत्र रिसर्च टीम ने की है. ये टीम ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन विकसित करने वाली टीम से अलग है. बता दें कि इस वक्त ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका और जॉनसन&जॉनसन की वैक्सीन पर क्लॉटिंग के मद्देनजर सवाल उठ रहे हैं. भारत में ऑक्सफोर्ड वैक्सीन को सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया कोविशील्ड के नाम से बेच रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 16, 2021, 6:09 PM IST
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लंदन. यूनाइटेड किंगडम के वैज्ञानिकों (UK Scientists) ने एक नई रिसर्च में दावा किया है कि किसी भी वैक्सीन की तुलना में कोविड-19 से ब्रेन में ब्लड क्लॉटिंग का खतरा ज्यादा होता है. ये रिसर्च ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की स्वतंत्र रिसर्च टीम ने की है. ये टीम ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन विकसित करने वाली टीम से अलग है. बता दें कि इस वक्त ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका और जॉनसन&जॉनसन की वैक्सीन पर क्लॉटिंग के मद्देनजर सवाल उठ रहे हैं. भारत में ऑक्सफोर्ड वैक्सीन को सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया कोविशील्ड के नाम से बेच रहा है.

दरअसल एस्ट्राजेनेका वैक्सीन से रेयर क्लॉटिंग की खबरें सबसे पहली बार जर्मनी से आई थीं. सेलेबल वेनस साइनस थ्रोबोसिस (CVST) नाम की इस रेयर ब्लड क्लॉटिंग को जर्मनी के मेडिकल रेगुलेटर Paul Ehrlich Institute इंस्टिट्यूट ने पकड़ा था. मध्य मार्च में इंस्टिट्यूट ने बताया कि ब्लड क्लॉटिंग के मामले ज्यादातर युवा और मध्य उम्र की महिलाओं में सामने आ रहे हैं.

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जांच के बाद स्वीकारा गया था लिंक
हालांकि जांच के बाद ब्रिटेन के औषधि नियामक ने कहा था किसी खतरे की तुलना में टीके के फायदे अधिक हैं. औषधि एवं स्वास्थ्य देखभाल नियामक एजेंसी ने कहा था कि इस तरह से खून के थक्के जमने से संबंधित खतरा ‘बहुत कम है’ और लोगों को यह टीका लगवाना जारी रखना चाहिए.

अन्य वैक्सीन की तुलना में 8-10 गुना खतरा अधिक

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक नए शोध में शोधकर्ताओं का कहना है कि कोविड-19 संक्रमण से CVST का खतरा 8-10 गुना ज्यादा है. रिसर्चर्स का कहना है कि करीब 5 लाख लोगों पर की गई स्टडी में पाया गया कि कोविड-19 संक्रमण से प्रति दस लाख लोगों में 39 को CVST का खतरा है. जबकि ब्रिटेन के औषधि नियामक का कहना था कि एस्ट्राजेनेका वैक्सीन से ये खतरा दस लाख लागों में सिर्फ 5 को है.



रिसर्चर्स के मुताबिक CVST होने के बाद मौत खतरा करीब 20 प्रतिशत है अब चाहे ये वैक्सीन से हो या फिर कोविड-19 संक्रमण से. रिसर्चर्स ने इस बात पर भी जोर दिया है कि कोविड-19 के संक्रमण में CVST के अलावा भी अन्य ब्लड क्लॉटिंग का खतरा ज्यादा होता है. रिसर्चर्स का कहना है कि हालिया बहस पूरी तरह से वैक्सीन पर केंद्रित हो गई है जबकि कोरोना खुद ही ब्लड क्लॉटिंग के लिए एक बड़ा खतरा है.

जॉनसन&जॉनसन की वैक्सीन पर भी तात्कालिक रोक, जांच जारी

अमेरिकी फार्मा कंपनी जॉनसन&जॉनसन की वैक्सीन से ब्लड क्लॉटिंग की खबरें सामने आई हैं. ऐसी खबरें प्रकाश में आने के बाद इस वैक्सीन के जरिए वैक्सीनेशन पर तात्कालिक रोक लगा दी गई है. अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने कहा है कि वो इसे लेकर जांच करवा रहा है. गौरतलब है कि जॉनसन&जॉनसन की वैक्सीन का सिर्फ एक डोज ही दिया जाता है. CDC ने कहा है कि वैक्सीनेशन के बाद देश में 6 महिलाओं को ब्लड क्लॉटिंग होने की खबरें सामने आई हैं.
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