कोरोना ने बढ़ाई असमानताएं, UN प्रमुख ने कहा- अमीरों पर लगे संपत्ति कर

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने वैश्विक स्तर पर कोरोना वायरस का सामना करने के लिए संपत्ति कर लगाने की बात कही है. (रॉयटर्स फाइल फोटो)

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने वैश्विक स्तर पर कोरोना वायरस का सामना करने के लिए संपत्ति कर लगाने की बात कही है. (रॉयटर्स फाइल फोटो)

Coronavirus in World: संयुक्त राष्ट्र (United Nations) प्रमुख ने सरकारों से 'भयंकर असमानताओं को खत्म करने के लिए महामारी के दौरान मुनाफा कमाने वालों पर एकजुटता या धन कर लगाने पर विचार करने की अपील की है.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 13, 2021, 11:01 AM IST
  • Share this:
जेनेवा. कोरोना वायर के कारण दुनिया में बड़े स्तर पर असमानता (Inequalities) आ गई है. यह दावा संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस (Antonio Guterres) ने किया है. उन्होंने सोमवार को कहा है कि कोविड-19 को नियंत्रित करने के लिए दुनिया एकजुट नहीं हो सकी, जिसकी वजह से बड़े स्तर पर असमानताएं आई हैं. इस दौरान उन्होंने अमीरों की बड़ी दौलत पर बात की. उन्होंने विश्व में आर्थिक तौर पर कोरोना वायरस का सामना करने के लिए संपत्ति कर लगाने की बात कही है.

यूएन प्रमुख ने कहा है कि ताजा रिपोर्ट् बताती हैं 'बीते साल में अमीरों की संपत्ति में 5 ट्रिलियन डॉलर की बढ़त हुई है.' उन्होंने सरकारों से 'भयंकर असमानताओं को खत्म करने के लिए महामारी के दौरान मुनाफा कमाने वालों पर एकजुटता या धन कर लगाने पर विचार करने की अपील की है.' इस दौरान उन्होंने 30 लाख मौतें, बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण, 90 सालों में सबसे खराब मंदी, कुछ 120 मिलियन लोग दोबारा गरीबी का शिकार हो गए और 255 मिलियन लोगों ने अपने रोजगार खोने की ओर इशारा किया.

यह भी पढ़ें: एशियाई मूल के लोगों के खिलाफ बढ़ती हिंसा को लेकर UN चीफ ने जताई चिंता

उन्होंने दुनियाभर के कई देशों में जारी वैक्सीन प्रोग्राम को लेकर कहा 'टीकाकरण प्रयास केवल एक उदाहरण है.' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल 10 देशों ने ही वैश्विक टीकाकरण किया है और कई देशों ने तो अब तक अपने स्वास्थ्य कर्मियों और सबसे ज्यादा जोखिम वाले नागरिकों को टीका लगाना शुरू भी नहीं किया है. गुटेरेस ने देशों की तरफ से नागरिकों को दिए जा रहे राहत पैकेज पर भी चर्चा की.


उन्होंने कहा कि एकजुटता में कमी का मतलब यह भी है कि जब दूसरे देशों ने नागरिकों के लिए अरबों डॉलर की कोविड-19 राहत दी है, तो 'कई विकासशील देश कर्ज के बोझ का सामना कर रहे हैं.' वे कर्ज चुकाने या जिंदगियां बचाने के बीच चुनने को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने सभी के लिए और सभी जगह वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आह्वान किया.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज