संयुक्त राष्ट्र ने दी चेतावनी, इन चार देशों के लोगों की जिंदगी खतरे में...

संयुक्त राष्ट्र ने दी चेतावनी, इन चार देशों के लोगों की जिंदगी खतरे में...
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संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के मानवीय सहायता प्रमुख मार्क लोकॉक ने कहा कि महामारी की वजह से अर्थव्यवस्था (Economy) में गिरावट आई है और इसका सबसे बड़ा असर खाद्य सुरक्षा और कृषि उत्पादन पर पड़ा है और चरमपंथी इसका लाभ उठा सकते हैं.

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  • Last Updated: September 5, 2020, 5:26 PM IST
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संयुक्त राष्ट्र. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस (Antonio Guterres) ने चेतावनी देते हुए कहा कि संघर्ष प्रभावित कांगो, यमन, दक्षिणी सूडान और पूर्वोत्तर नाइजीरिया (Nigeria) में अकाल पड़ने और खाद्य असुरक्षा पैदा होने का खतरा है और इससे लाखों लोगों की जिंदगी खतरे में हैं. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को भेजे नोट-जिसकी प्रति शुक्रवार को एसोसिटेड प्रेस को प्राप्त हुई-में संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि चार देश दुनिया के खाद्य संकट रैंकिग में सबसे ऊपर है. उन्होंने यह जानकारी खाद्य संकट और हालिया खाद्य सुरक्षा विश्लेषण-2020 के हवाले से दी और कहा कि इससे निपटने के लिए बहुत कम कोष मुहैया कराया गया है.

गुतारेस ने कहा, 'अब कार्रवाई करने की जरूरत है.' उन्होंने कहा, 'वर्षों से सशस्त्र संघर्ष से घिरे डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, यमन, पूर्वोत्तर नाइजीरिया और दक्षिणी सूडान में एक बार फिर खाद्य सुरक्षा पर गंभीर संकट है और वे संभावित अकाल का सामना करने की कगार पर है.' संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि सोमालिया, बुर्किना फासो और अफगानिस्तान सहित अन्य संघर्ष ग्रस्त देशों के अहम संकेतों में गिरावट आ रही है.

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अर्थव्यवस्था में गिरावट
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता प्रमुख मार्क लोकॉक ने कहा कि महामारी की वजह से अर्थव्यवस्था में गिरावट आई है और इसका सबसे बड़ा असर खाद्य सुरक्षा और कृषि उत्पादन पर पड़ा है और चरमपंथी इसका लाभ उठा सकते हैं.
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