तो क्या दाऊद के ड्रग्स के पैसों के भरोसे रह गया है पाकिस्तान का शेयर बाजार?

दरअसल, दुनियाभर में दाऊद इब्राहिम की संपत्तियों को जब्त किया जा चुका है. जिसके बाद दाऊद अपने गुर्गों की मदद से नशे का कारोबार और मनीलॉन्ड्रिंग करता है.

News18Hindi
Updated: July 28, 2019, 9:36 PM IST
तो क्या दाऊद के ड्रग्स के पैसों के भरोसे रह गया है पाकिस्तान का शेयर बाजार?
दाऊद इब्राहिम के नशे के कारोबार का पैसा पाकिस्तानी स्टॉक एक्सचेंज में लगाया जा रहा है (फाइल फोटो)
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Updated: July 28, 2019, 9:36 PM IST
भारत के मोस्ट वांटेड अपराधियों की लिस्ट में टॉप पर रहने वाले दाऊद के बारे में नई ख़बर सामने आई है. दरअसल, दाऊद अपने नशे के कारोबार से मोटा पैसा कमा रहा है और इस पैसे को पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज (PSX) में निवेश कर रहा है. दाऊद के जरिए किया जाने वाला यह इंवेस्टमेंट कई अलग-अलग कैपिटल सिक्योरिटी कंपनियों के जरिए पाकिस्तान के सभी तीन स्टॉक एक्सचेंज में किया जा रहा है.

भारतीय एजेंसियां दाऊद इब्राहिम से जुड़े धन निवेश के बारे में और जानकारियां हासिल करने की कोशिश में जुटी हैं. प्राथमिक तौर पर यही पता चला है कि दाऊद ने इंवेस्ट किए जाने वाले पैसे को अपने मादक पदार्थों की तस्करी, हथियारों की तस्करी, जाली भारतीय मुद्रा (FICN) का गिरोह चलाकर और वसूली करके हासिल किया है.

हबीब बैंक की मिलीभगत से हो रहा है काम
प्राप्‍त जानकारी के मुताबिक, दाऊद की डी-कंपनी का संदिग्ध जाबिर मोती ऐसी लगभग पांच कंपनियां चलाता है. ये सभी कंपनियां 2016 में PSX में मिल जाने वाले कराची स्टॉक एक्सचेंज के अंतर्गत चलती हैं. जाबिर मोती के अलावा दाऊद ने कई फर्जी कंपनियों के माध्यम से हबीब बैंक की सहयोगी और पाकिस्तान की एक शीर्ष इक्विटी ब्रोकरेज कंपनी हबीब मेट्रोपॉलिटिन फाइनेंशियल सर्विसेज (HMFS) में भी भारी इंवेस्टमेंट कर रहा है. खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हबीब बैंक के शीर्ष प्रबंधन से दाऊद का परिचय पूर्व क्रिकेटर, हबीब बैंक के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष और दाऊद की बेटी मेहरीन इब्राहिम के ससुर जावेद मियांदाद ने कराया था.

हबीब बैंक पर अमेरिका के वित्तीय सेवा विभाग ने 2017 में मनीलॉन्ड्रिंग और आतंकियों को पैसा पहुंचाने का आरोप भी लगाया था. यह बैंक पाकिस्तान में ही नहीं बल्कि नेपाल में भी आतंकियों को आर्थिक मदद पहुंचाने के मामले में संदिग्ध माना जाता है. दरअसल, यह पाक-नेपाल संयुक्त परियोजना के अंदर नेपाली हिमालयन बैंक का संचालन करता है.

सामने आ सकता है पाकिस्तान की दोहरी नीति का सच
जो रिपोर्ट्स अभी तक सामने आई हैं, उनके मुताबिक साल 2012 के करीब दाऊद इब्राहिम कराची स्टॉक एक्सचेंज के तत्कालीन निदेशक जफर मोती के संपर्क में उनके पारिवारिक सदस्य जाबिर मोती के चलते आया था. जिसे बाद में स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस की सूचना पर FBI ने अगस्त, 2018 को एक होटल में गिरफ्तार कर लिया था. फिलहाल जाबिर पर प्रत्यर्पण केस में मामला चल रहा है.
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भारत सरकार में उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक दाऊद इब्राहिम ने अपने सहयोगी जाबिर मोती के माध्यम से पाकिस्तानी शेयर बाजार में निवेश किया गया था. अगर यह अवैध धन मिल जाता है तो आतंकवाद पर पाकिस्तान की दोहरी नीति और उसकी खूफिया एजेंसी ISI का अंतरराष्ट्रीय अपराधियों के साथ संबंध का खुलासा हो जाएगा. जाबिर के प्रत्यर्पण मामले पर भारतीय एजेंसियां भी नज़र बनाए हुए हैं

14 लाख डॉलर की मनीलॉन्ड्रिंग का है आरोप
जाबिर मोती पर विदेशों में गिरोह को मादक पदार्थ पहुंचाने का भी आरोप है. एफबीआई ने लंदन की अदालत में खुलासा किया, "पाकिस्तानी नागरिक जाबिर डी-कंपनी में शीर्ष प्रतिनिधि है और यह सीधे दाऊद इब्राहिम को रिपोर्ट करता है. मादक पदार्थो की तस्करी का आरोपी जाबिर पर डी-कंपनी की तरफ से 14 लाख डॉलर की मनीलॉन्ड्रिंग करने का आरोप है." भारतीय रुपये में यह रकम करीब 96 करोड़ रुपये होती है.

एफबीआई जहां जाबिर मोती के प्रत्यर्पण की सुनवाई प्रक्रिया जोरों से चला रहा है, वहीं लंदन स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग इस पूरी प्रक्रिया को विफल करने की पूरी कोशिश कर रहा है, क्योंकि अमेरिका में उसके मामले की सुनवाई होने पर पाकिस्तान के स्टॉक एक्सचेंज और डी-कंपनी के संगठित अपराध तथा आतंकवाद अभियानों के बीच संबंध का खुलासा हो जाएगा.

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First published: July 28, 2019, 7:24 PM IST
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