Unicef ने ली जिम्मेदारी, तय करेगा कोविड-19 की वैक्सीन सभी देशों को मिले

Unicef ने ली जिम्मेदारी, तय करेगा कोविड-19 की वैक्सीन सभी देशों को मिले
यूनिसेफ सुनिश्चित करेगा कि सभी देशों को कोरोना वैक्सीन मिले

Covid-19 Vaccine Update: कई कोरोना वायरस वैक्सीन अपने अंतिम ह्यूमन ट्रायल में हैं और जल्द ही इनका प्रोडक्शन भी शुरू हो जाएगा. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष-यूनिसेफ (Unicef) को जिम्मेदारी दी गयी है कि वह सुनिश्चित करेगा कि सभी देशों को वैक्सीन उपलब्ध हो सके.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 7, 2020, 2:10 PM IST
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संयुक्त राष्ट्र. कोविड-19 (Covid-19) महामारी के खिलाफ लड़ाई में टीका (Coronavirus Vaccine) उपलब्ध होने के बाद संभवत: अपनी तरह के सबसे बड़े और तेज अभियान में संयुक्त राष्ट्र बाल कोष-यूनिसेफ (Unicef) कोरोना वायरस के टीकों की खरीद और आपूर्ति की अगुवाई करता नजर आएगा. इस अभियान के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जब यह टीका उपलब्ध हो तो सभी देशों को सुरक्षित, तेजी से और उचित रूप से टीके की प्रारंभिक खुराकें हासिक हो सके.

यूनिसेफ दुनिया का सबसे बड़ा एकल टीका खरीदार है जो सालाना 100 देशों की ओर से नियमित टीकाकरण और संक्रमण रोकने के लिए दो अरब से ज्यादा टीकों की खरीद करता है. यूनिसेफ, रिवॉवल्विंग फंड ऑफ द पैन अमेरिका हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (पीएएचओ) के सहयोग से कोविड-19 टीकों की खरीद और खुराक की आपूर्ति कोवैक्स ग्लोबल वैक्सिन फैसिलिटी की तरफ से 92 निम्न और निम्न मध्यम आय वाले देशों के लिए करेगा. यूनिसेफ ने बताया कि यह संगठन 80 उच्च आय वाले देशों की खरीद को समर्थन देने के लिए खरीद समन्वयक के रूप में भी काम करेगा. इन देशों ने कोवैक्स फैसिलिटी में हिस्सा लेने का इरादा जाहिर किया है और ये सभी अपने बजट से टीके का प्रबंध करेंगे.

170 से ज्यादा देश है शामिल
टीके की खरीद और वितरण प्रयास में 170 से ज्यादा देश शामिल हैं और यह अपनी तरह का दुनिया का सबसे बड़ा और तेज अभियान हो सकता है. यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक हेनरिटा फोर ने कहा कि यह सरकारों, उत्पादनकर्ताओं और बहुपक्षीय सहयोगियों के बीच साझेदारी के जरिए कोविड-19 महामारी के खिलाफ बड़ी लड़ाई जारी रखने का हिस्सा है.
यूनिसेफ यह प्रयास विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), गावी द वैक्सिन अलायंस, द कॉलिशन फॉर एपिडेमिक प्रिपेयर्डनेस इनोवेशन (सीईपीआई), पीएएचओ, विश्व बैंक, द बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर करेगा. कोवैक्स फैसिलिटी दुनिया के हर देश के लिए खुली है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी देश भविष्य में कोविड-19 का टीका हासिल करने से वंचित न रह जाए.



ऑस्ट्रेलिया ने दो संभावित टीकों के लिए 1.7 अरब डॉलर का समझौता किया
कोविड-19 महामारी के खिलाफ संभावित दो टीकों के के निर्माण और आपूर्ति को लेकर ऑस्ट्रेलिया ने दवा कंपनियों के साथ 1.7 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (तकरीबन 90.75 अरब रूपये) के समझौते की सोमवार को घोषणा की. एक सरकारी बयान में बताया गया है कि इस समझौते के तहत ब्रिटेन का ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और एस्ट्राजेनेका तथा ऑस्ट्रेलिया का क्वींसलैंड विश्विद्यालय और सीएसआईएल 2.6 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई लोगों के लिए टीके की 8.48 करोड़ खुराक मुहैया कराएंगे और इसका निर्माण पूरी तरह से ऑस्ट्रेलिया के शहर मेलबर्न में किया जाएगा.

बयान में बताया गया कि ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के टीका की 38 लाख खुराक ऑस्ट्रेलियाई लोगों को अगले साल जनवरी और फरवरी में मिल जाएगी. ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि लोगों को टीका उपब्ध कराने से पहले दोनों ही टीकों को सुरक्षित और प्रभावी होना साबित करना होगा और सभी जरूरी नियामक अनिवार्यता पर खरा उतरना होना होगा। कोई भी टीका ऑस्ट्रेलिया के लोगों को मुफ्त में मिलेगा.
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