कोरोना वायरस के कारण इन देशों में हो सकती है 50 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत

बच्‍चों को प्रभावित कर सकता है कोरोना वायरस.
बच्‍चों को प्रभावित कर सकता है कोरोना वायरस.

यूनिसेफ (UNICEF) के क्षेत्रीय निदेशक टेड चाइबन ने एसोसिएटिड प्रेस से कहा कि कोरोना वायरस (Coronavirus) ने प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल तक बच्चों की पहुंच को बाधित किया है. लिहाजा बच्चों के लिए खतरा बढ़ा है.

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नई दिल्‍ली. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने कोरोना वायरस (Coronavirus) के अप्रत्यक्ष प्रभाव के कारण पश्चिम एशिया और उत्तर अफ्रीका (North Africa) में अगले छह महीने में पांच साल से कम उम्र के हजारों बच्चों की मौत होने की आशंका सोमवार को व्यक्त की. यूनिसेफ के क्षेत्रीय निदेशक टेड चाइबन ने एसोसिएटिड प्रेस से कहा कि वायरस ने प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल तक बच्चों की पहुंच को बाधित किया है, जिससे गंभीर कुपोषण, निमोनिया और अन्य बीमारियों का इलाज संभव नहीं हो रहा. लिहाजा बच्चों के लिए खतरा बढ़ा है.

एजेंसी का अंदेशा जॉन हॉपकिंस विश्वविद्यालय द्वारा मई में किए गए अध्ययन पर आधारित है. इसमें कम और मध्यम आय वाले देशों में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर पर महामारी के अप्रत्यक्ष प्रभाव को देखा गया था.

यूनिसेफ ने पश्चिम एशिया और उत्तर अफ्रीका के 10 देशों के बच्चों के लिए आशंका जताई है. इन देशों में पांच साल से कम उम्र के 4.1 करोड़ बच्चे रहते हैं. उन्होंने कहा कि अगर लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध नहीं होती तो अगले छह महीने में पांच साल से कम उम्र के 51000 और बच्चों की मौत हो सकती है, जो पहले के अंदेशा से 40 फीसदी ज्यादा है. उन्होंने कहा कि फिक्र की बात यमन, सूडान, जिबूती जैसे देशों में हैं जहां स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था महामारी के आने से पहले ही लचर थी.



बता दें कि दुनियाभर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. विश्‍व में अब तक कोरोना वायरस के 80,60,677 मामले सामने आ चुके हैं. इसके साथ ही विश्‍व में कोविड 19 के कारण अब तक 4,37,057 लोगों की जान जा चुकी है. वहीं दुनिया में 41,72,126 लोग कोरोना वायरस से ठीक हो चुके हैं.

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