अनोखी पहल : तुर्की में अब कोरोना मरीजों को पकड़ेगी डॉक्‍टरों की जासूसी टीम

अनोखी पहल : तुर्की में अब कोरोना मरीजों को पकड़ेगी डॉक्‍टरों की जासूसी टीम
तुर्की सरकार ने स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत 4 से 5 लोगों की 6,000 जासूसी टीमों का गठन किया है. फाइल फोटो

रिपोर्ट में कहा गया है कि ये टीमें जानकारी मिलने पर या संदेह होने पर कहीं भी पहुंच जाती हैं और इसके बाद लोगों की जांच की जाती है. टेस्‍ट पॉजिटिव आने पर हासिल की गई मालूमात के मुताबिक उनकी और जासूसी करते हैं.

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अंकारा. कोरोना वायरस (Corona virus) से सबसे ज्यादा प्रभावित इस्लामिक देश तुर्की (Turkey) ने महामारी से निपटने के लिए थोड़ा अनोखा तरीका अपनाया है. यहां डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की जासूसी टीमों का गठन किया गया है. समाचार एजेंसी 'एएफपी' के अनुसार देश भर में कोरोना मरीजों की खोज के लिए तुर्की सरकार ने स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत 4 से 5 लोगों की 6,000 टीमों का गठन किया है.

तुर्की (Turkey) वर्तमान में इस्लामी दुनिया में सबसे अधिक प्रभावित देश है, लेकिन तुर्की ने 11 मई को लॉकडाउन (Lockdown) में और ढील देने की घोषणा की है, क्योंकि सरकार का कहना है कि उसकी जासूसी टीमें अपनी ज़िम्मेदारियों को पूरा कर रही हैं. वास्तव में तुर्की सरकार ने कोरोना प्रकोप की शुरुआत में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों की जासूसी टीमों की स्थापना की थी, जो मरीजों की जांच करने के लिए घर-घर गईं और पीड़ितों से मिली जानकारी के आधार पर नए मरीजों को खोजने के लिए उन पर जासूसी की.

इस तरह काम करती हैं ये टीमें
इन टीमों में उच्च पेशावर चिकित्सा कर्मचारी शामिल हैं, जिनमें डॉक्टर शामिल भी हैं, जो संदिग्धों से जानकारी लेने और उनकी जांच करने के लिए डोर-टू-डोर जाते हैं और फिर टेस्‍ट पॉजिटिव होने पर उन पर जासूसी करते हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि ये टीमें जानकारी मिलने पर या संदेह होने पर कहीं भी पहुंच जाती हैं और इसके बाद लोगों की जांच की जाती है. टेस्‍ट पॉजिटिव आने पर हासिल की गई मालूमात के मुताबिक उनकी और जासूसी करते हैं.
हालांकि इन पर आरोप भी लग रहे


तुर्की के सरकारी अधिकारियों और मंत्रियों ने कोरोना के रोगियों की जासूसी टीमों को एक अत्यधिक प्रभावी रणनीति कहा है. कुछ मानवाधिकार नेताओं ने टीमों के बारे में चिंता व्यक्त की है. कुछ कार्यकर्ताओं के अनुसार सरकार कोरोना के मरीजों का पता लगाने के नाम पर जासूसी करके लोगों का डेटा एकत्र कर रही है. हालांकि इन जासूसी टीमों ने तुर्की को कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने में मदद की है और देश में कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के लिए इस तरह से लॉकडाउन को नरम करने में इस रणनीति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. देश में अब तक इस महामारी से प्रभावित लोगों की तादाद 1 लाख, 37,000 है. तुर्की में कोरोना से मरने वालों की संख्या ईरान की तुलना में कम है, जबकि ईरान में तुर्की की तुलना में कम मरीज हैं.

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