नाइजीरिया: जिहादियों ने संयुक्त राष्ट्र के हेलीकॉप्टर को बनाया निशाना, गोलीबारी में दो की मौत

नाइजीरिया: जिहादियों ने संयुक्त राष्ट्र के हेलीकॉप्टर को बनाया निशाना, गोलीबारी में दो की मौत
फोटो सौ. (डिफेंस वेब)

शनिवार को हुए इस हमले की हालांकि अभी तक किसी ने कोई जिम्मेदारी नहीं ली है. नाइजीरिया (Nigeria) में संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार संचालक एडवर्ड कैलन ने कहा कि मृतकों में पांच वर्षीय एक बच्चा भी शामिल है.

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डकार. उत्तर पश्चिम नाइजीरिया (Nigeria) में सप्ताहांत में संदिग्ध इस्लामिक जिहादियों ने संयुक्त राष्ट्र के एक हेलीकॉप्टर पर गोलीबारी की, जिसमें दो लोगों की जान चली गई. राष्ट्रपति मोहम्मद बुहारी ने हमले के लिए कट्टरपंथी समूह बोको हराम से जुड़े आतंकवादियों (Terrorists) को जिम्मेदार ठहराया और इसके कड़े परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहने की चेतावनी भी दी. राष्ट्रपति ने एक बयान में कहा, 'बोको हराम के आतंकवादी स्पष्ट रूप से पूरी तरह पिछड़ चुके हैं और अब मासूम नागरिकों, संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर हमले बढ़ा रहे हैं. यह अपनी नाकामी को छुपाने और खुद को मजबूत दिखाने की उनकी निराशा को प्रदर्शित करता है.'

उत्तर पश्चिम नाइजीरिया में सहायता समूहों की सुरक्षा हमेशा से ही एक चिंता का विषय रहा है, जहां बोको हराम करीब एक दशक से मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का अपहरण और उनकी हत्या कर रहा है. शनिवार को हुए इस हमले की हालांकि अभी तक किसी ने कोई जिम्मेदारी नहीं ली है. नाइजीरिया में संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार संचालक एडवर्ड कैलन ने कहा कि मृतकों में पांच वर्षीय एक बच्चा भी शामिल है. चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और हमले के समय हेलीकॉप्टर में कोई सहायता कर्मी सवार नहीं था. उत्तर पश्चिम नाइजीरिया में जिहादी हिंसा के कारण करीब 19 लाख लोग विस्थापित हुए हैं और संयुक्त राष्ट्र विश्व भोजन कार्यक्रम ने चेताया है कि यहां करीब 30 लाख लोग भुखमरी की मार झेल रहे हैं.

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बगदाद में रॉकेट दागे गए
वहीं इससे पहले, इराक की राजधानी बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास और एक मिलिट्री बेस को निशाना बनाकर रविवार को फिर से रॉकेट दागे गए. इराकी सेना ने बताया कि ये रॉकेट बगदाद के ग्रीन जोन में अमेरिकी दूतावास के पास गिरे, जिसमें एक बच्चा घायल हो गया है. वहीं, दूसरा रॉकेट हमला बगदाद के ताजी मिलिट्री बेस पर किया गया. इस मिलिट्री बेस पर अमेरिकी सैनिक भी रहते हैं. माना जा रहा है कि रॉकेट हमला उन्हीं को निशाना बनाकर किया गया था. रिपोर्ट्स की मानें तो पिछले साल अक्टूबर से लेकर अब तक अमेरिकी दूतावास और सेना पर कथित तौर पर ईरान समर्थक विद्रोही गुटों ने 35 से ज्यादा बार रॉकेट दागे हैं. हालांकि ईरान ने हमेशा से इन हमलों में अपना हाथ होने से इनकार किया है. इस बार भी ईरान समर्थित संगठनों ने कहा है कि हमले में उसका कोई हाथ नहीं है. रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला तब किया गया जब अमेरिका ने कुछ ही घंटों पहले अपने सी रैम नाम के नए मिसाइल डिफेंस सिस्टम का परीक्षण किया था. यह डिफेंस सिस्टम अपनी तरफ आती किसी भी मिसाइल को हवा में ही गोलियां दाग कर नष्ट कर सकता है.
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