भ्रष्टाचार बनी वैश्विक समस्या, हुआ अरबों डॉलर का नुकसान

महासचिव गुतेरेस ने सोमवार को शांति और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा में भ्रष्टाचार का योगदान से संबंधित सेमिनार को संबोधित किया. जिसमें उन्होंने ने वैश्विक सुरक्षा के लिए भ्रष्टाचार को समाप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया.

भाषा
Updated: September 11, 2018, 10:31 PM IST
भ्रष्टाचार बनी वैश्विक समस्या, हुआ अरबों डॉलर का नुकसान
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Updated: September 11, 2018, 10:31 PM IST
भ्रष्टाचार की समस्या आज एक देश तक ही सीमित न होकर वैश्विक हो गयी है, ऐसा संयुक्त राष्ट्र संघ का मानना है. यूएन के महासचिव एंतोनियो गुतेरेस ने कहा है कि, भष्टाचार की समस्या के कारण विश्व अर्थव्यवस्था का  2600 अरब डॉलर का नुकसान हो रहा है. उन्होंने विश्व समुदाय से भ्रष्टाचार को समाप्त करने की अपील की है. विश्व बैंक के आंकड़ों का हवाला देते हुुए गुतेरेस ने कहा की करीब 1000 अरब डॉलर की रकम केवल घूस के रूप में दिया जाता है.

दरअसल महासचिव गुतेरेस ने सोमवार को शांति और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा में भ्रष्टाचार का योगदान विषय  से संबंधित सेमिनार को संबोधित किया. जिसमें उन्होंने ने वैश्विक सुरक्षा के लिए भ्रष्टाचार को समाप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया. भ्रष्टाचार के जरिए एक बहुत बड़ी रकम दुनिया में आशांति पैदा करने में खर्च की जाती है. महासचिव ने भ्रष्टाचार से अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को आगाह किया. साथ ही इसे रोकने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग, कर चोरी तथा धन के अवैध प्रवाह को बंद करने वाले उपायों पर जोर देने को कहा है.

गुतेरेस का मानना है कि भ्रष्टाचार की समस्या किसी देश की सीमाओं में नहीं बंधी है. यह सभी देशों में चाहे वह गरीब हो, या फिर विकसित राष्ट्र हो या फिर विकासशील सभी देशों में यह बीमारी फैल चुकी है. उन्होंने भ्रष्टाचार को लेकर एक चौकाने वाला आंकड़ा पेश किया. जिसमें यह अनुमान लगाया गया है कि भ्रष्टाचार की वजह से करीब 2600 अरब डॉलर या वैश्विक अर्थव्यवस्था की जीडीपी का करीब 5 प्रतिशत धन का नुकसान होता है. वर्तमान समय में न तो कोई कंपनी और न ही कोई व्यक्ति इस बीमार से अछूता रह गया है.

संयुक्त राष्ट्र का सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता करते हुुए अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने कहा कि हिंसा और अशांति को फैलाने में भ्रष्टाचार ने महती भूमिका अदा की है. गुतेरेस ने समाज में भ्रष्टाचार को लेकर फैल रहे आक्रोश का जिक्र करते हुुए कहा कि, लोगों का नेताओं और जुम्मेदार लोगों के प्रति नफरत काफी बढ़ गयी है. वैश्व शासन व्यवस्था में हो रहे परिवर्तन इसके परिचाय हैं. लोग अब एक जवाब देय और पारदर्शी शासन व्यवस्था चाहते हैं.

महासचिव ने कहा कि भ्रष्टाचार सत्ता प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ लोगों को उनके अधिकारों से वंचित भी कर रहे हैं. इसके अलावा वैश्विक निवेश में भी भ्रष्टाचार की वजह से कमी आई है. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से कमाया हुुआ धन अकसर आतंकवाद और हिंसा फैलाने में खर्च किया जाता है. साथ ही मादक पदार्थों और मानव तस्करी और अवैध हथियारों के खरीद फरोख्त में भी भ्रष्टाचार का धन खपाया जाता है.

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