चीन में मानवाधिकार की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता, कहा-समीक्षा की जरूरत

शी जिनपिंग प्रशासन पर मानवाधिकार हनन के आरोप लगते रहे हैं. (फाइल फोटो)

शी जिनपिंग प्रशासन पर मानवाधिकार हनन के आरोप लगते रहे हैं. (फाइल फोटो)

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त मिचशेल बैशलेट (Michelle Bachelet) ने कहा है कि चीन में कार्यकर्ताओं, वकीलों और मानवाधिकार के रक्षकों पर झूठे मामले चलाकर उन्हें बंदी बनाया जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 26, 2021, 10:40 PM IST
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जिनेवा. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख (UN High Commissioner for Human Rights) ने शुक्रवार को कहा कि चीन के शिनजियांग क्षेत्र (Jinxiang) में मानवाधिकार की स्थिति की 'स्वतंत्र और व्यापक' समीक्षा की जाने की जरूरत है. उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि चीन में कार्यकर्ताओं, वकीलों और मानवाधिकार के रक्षकों पर झूठे मामले चलाकर उन्हें बंदी बनाया जा रहा है.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त मिचशेल बैशलेट (Michelle Bachelet) ने कहा कि उनका कार्यालय, शिनजियांग की यात्रा के लिए 'परस्पर सहमति वाले बिंदुओं' पर काम कर रहा है. सितंबर 2018 में मानवाधिकार आयुक्त का पद संभालने से पहले से ही बैशलेट की शिनजियांग यात्रा की योजना बनाई जा रही थी. विश्व भर में मानवाधिकार की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद को अपना नियमित ब्योरा देते हुए बैशलेट ने चीन के विषय पर चर्चा की.

कोविड-19 के नाम पर मौलिक अधिकार और नागरिक स्वतंत्रता का हनन किया जा रहा है
उन्होंने कोविड-19 की रोकथाम के लिए चीन की सराहना की लेकिन यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और कोविड-19 के नाम पर मौलिक अधिकार और नागरिक स्वतंत्रता का हनन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि हांगकांग में विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए छह सौ से ज्यादा लोगों की जांच की जा रही है. चीन के शिनजियांग में मुस्लिम उइगर समुदाय और अन्य लोगों को हिरासत केंद्र में रखे जाने से कई महीनों से वैश्विक समुदाय में रोष है लेकिन बैशलेट के कार्यालय और चीनी अधिकारियों के बीच बैशलेट की यात्रा को लेकर सहमति नहीं बन पाई है.
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