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कश्मीर मुद्दे पर फिर अपने देश की आंख में धूल झोंक रहे इमरान खान! किये यह ट्वीट्स

News18Hindi
Updated: January 16, 2020, 3:27 PM IST
कश्मीर मुद्दे पर फिर अपने देश की आंख में धूल झोंक रहे इमरान खान! किये यह ट्वीट्स
जम्मू और कश्मीर मामले पर पाकिस्तान हर बार बेइज्जत होता रहा है. (AP Photo/Anjum Naveed)

भारत (India) के लाख समझाने और दुनिया की ओर से फीका जवाब मिलने के बाद भी पाकिस्तान (Pakistan) जम्मू और कश्मीर (Jammu Kashmir) से जुड़े अपने रुख पर कोई बदलाव करने को तैयार नहीं है और हर बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बेइज्जत होता रहा है.

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  • Last Updated: January 16, 2020, 3:27 PM IST
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इस्लामाबाद. चीन (China) ने न्यूयार्क में बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की बैठक में एक बार फिर कश्मीर मुद्दा उठाने की कोशिश की. लेकिन उसकी यह कोशिश नाकाम हो गई क्योंकि परिषद के अन्य सभी देशों ने इसका विरोध किया. चीन ने ‘कोई अन्य कामकाज बिंदु’ के तहत कश्मीर मुद्दे पर चर्चा का अनुरोध किया था.

UNSC में चीन के कश्मीर के मुद्दे पर मुंह की खाने के बाद भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अपने देश से झूठ बोल रहे हैं. कश्मीर मुद्दे पर UNSC में कथित चर्चा से जुड़े दो ट्वीट्स में इमरान ने अपनी देश की जनता की आंख में धूल झोंकने का काम किया.

इमरान खान ने लिखा- 'जम्मू और कश्मीर की स्थिति पर चर्चा करने वाले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कदम का पाकिस्तान स्वागत करता है. जम्मू-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय विवाद सुरक्षा परिषद के एजेंडे में है और परिषद द्वारा इस पर विचार मौजूदा स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है.'

इमरान खान ने लिखा - 'संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और कश्मीरी लोगों की इच्छा के अनुसार जम्मू-कश्मीर विवाद को हल किया जाना चाहिए. हम कश्मीरी लोगों को तब तक नैतिक, राजनीतिक और कूटनीतिक समर्थन प्रदान करते रहेंगे, जब तक कि वे आत्मनिर्भरता के लिए अपने अधिकार हासिल नहीं कर लेते.'


चीन की दूसरी कोशिश नाकाम
गौरतलब है कि पिछले महीने फ्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन और रूस ने यूएनएससी की बंद कमरे में हुई एक बैठक में कश्मीर मुद्दे पर चर्चा कराने की चीन की कोशिश नाकाम कर दी थी. जम्मू-कश्मीर का भारत द्वारा पुनर्गठन किया जाना चीन को नागवार गुजरा है.पाकिस्तान का प्रयास बुधवार को एक बार फिर असफल हो गया क्योंकि सुरक्षा परिषद के अन्य सदस्य देशों का मानना है कि कश्मीर, भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय मामला है. सुरक्षा परिषद परामर्श कक्ष में बंद कमरे में हुई बातचीत के दौरान पाकिस्तान ने 'अन्य मामलों' के साथ कश्मीर मुद्दे को एक बार फिर उठाने की कोशिश की.

सैयद अकबरुद्दीन ने कहा- 'हम खुश हैं कि...'
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, ‘हमने एक बार फिर देखा कि संयुक्त राष्ट्र के एक सदस्य द्वारा उठाया गया कदम दूसरों द्वारा सिरे से खारिज कर दिया गया.' अकबरुद्दीन ने कहा, 'हम खुश हैं कि संयुक्त राष्ट्र के मंच पर आज पाकिस्तानी प्रतिनिधियों द्वारा पेश की गई भय उत्पन्न करने वाली स्थिति और निराधार आरोप विश्वसनीय नहीं पाए गए.'

उन्होंने कहा, 'हम खुश हैं कि इस प्रयास को भटकाने वाला पाया गया और कई मित्रों ने इस बात का उल्लेख किया गया कि भारत और पाकिस्तान के संबंधों के बीच मौजूद समस्याओं को उठाने और उससे निपटने के लिए कई द्विपक्षीय तंत्र है.'

क्या कहा चीनी राजदूत झांग जून ने 
सुरक्षा परिषद की बैठक में शामिल हुए एक यूरोपीय सूत्र ने बताया कि बंद कमरे की बैठक में कश्मीर मुद्दे को ज्यादा महत्व नहीं दिया गया. शीर्ष यूरोपीय राजदूत ने कहा कि मामले को द्विपक्षीय तौर पर निपटाना चाहिए और यह उनका आपस का मामला है.

चीनी राजदूत झांग जून के साथ बैठक के बाद अकबरुद्दीन ने कहा, ' हमने जम्मू-कश्मीर पर बैठक की. और मुझे विश्वास है कि आप सबको पता होगा कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने सुरक्षा परिषद को पत्र लिख जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति पर गौर करने को कहा है.'

उन्होंने कहा, 'भारत और पाकिस्तान का मुद्दा हमेशा सुरक्षा परिषद का एजेंडा रहा है और आज भी हमने कुछ तनाव देखा, तो सुरक्षा परिषद ने बैठक की .... सदस्यों ने अपने विचार साझा किए.' झांग जून ने बाद में कहा कि चीन ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है. हम कश्मीर की मौजूदा स्थिति को लेकर चिंतित रहेंगे.

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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First published: January 16, 2020, 2:42 PM IST
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