एक फिल्म पर क्यों भड़के हुए है पाकिस्तान के इस्लामिक कट्टरपंथी? संसद पहुंचा मामला

पाकिस्‍तान में फिल्‍म 'जिंदगी तमाशा' पिछले साल रिलीज होनी थी, लेकिन इसकी रिलीज को लेकर हंगामा अभी तक जारी है. फोटो साभार/ट्विटर

पाकिस्‍तान में फिल्‍म 'जिंदगी तमाशा' पिछले साल रिलीज होनी थी, लेकिन इसकी रिलीज को लेकर हंगामा अभी तक जारी है. फोटो साभार/ट्विटर

सेंसर बोर्ड की ने कहा है क‍ि इसके लिए बीच का रास्‍ता निकाला जाएगा. पहले इस्‍लामिक वैचारिक परिषद की कमेटी को फिल्‍म दिखाई गई और उनकी राय के बाद ही फिल्‍म की रिलीज के बारे में कोई फैसला किया जाएगा.

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  • Last Updated: March 12, 2020, 12:55 PM IST
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इस्‍लामाबाद. पाकिस्तान (Pakistan) के केंद्रीय फिल्‍म सेंसर बोर्ड का कहना है कि फिल्म 'जिंदगी तमाशा' पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया, लेकिन फिल्म की रिलीज को लेकर इस्लामिक वैचारिक परिषद से राय जरूर मांगी गई है. इस बाबत इस्लामाबाद में केंद्रीय फिल्म सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष दानियाल गिलानी ने 'उर्दू न्‍यूज डॉट कॉम' को बताया कि पाकिस्तानी फिल्म 'जिंदगी तमाशा' पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है. उन्‍होंने यह भी कहा कि फिल्म के निर्माता से अनुरोध किया गया है कि वह कुछ समय के लिए फिल्म को रिलीज न करें.

इस्‍लाममिक वैचारिक परिषद के दबाव में बनाया फिल्‍म का तमाशा
वहीं सीनेट की फंक्‍शनल कमेटी के अध्‍यक्ष मुस्‍तफा नवाज खोखर ने कहा है कि 'इस्‍लामिक वैचारिक परिषद को फिल्‍म की रिलीज का मामला भेजने का अधिकार संसद के पास है. केंद्रीय फिल्‍म सेंसर बोर्ड के अध्‍यक्ष को कहा गया है कि फिल्‍म पहले सीनेट की स्‍थायी समिति को दिखाई जाएगी. अगर इस कमेटी ने समझा कि फिल्म 'जिंदगी तमाशा' में कोई दृश्‍य या संवाद विवादास्‍पद नहीं है, तो इसको रिलीज की अनुमति दे दी जाएगी. अगर इसमें कुछ विवादास्‍पद हुआ तो इस्‍लाममिक वैचारिक परिषद से राय मांगी जाएगी.'

वहीं कमेटी के सदस्‍य उस्‍मान काकड़ ने कहा है कि बताया जाए कि 'जिंदगी तमाशा' में क्‍या तमाशा है. यहां तो सारी जिंदगी ही तमाशा बनी हुई है.' हालांकि जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक फिल्‍म में विवादास्‍पद (Controversial) कुछ भी नहीं है. हालांकि इसके बाद 'तहरीक लबबैक' इस मामले को अदालत में ले गई और 17 जनवरी को फिल्‍म की रिलीज रोकने के लिए देश भर में हड़ताल का ऐलान कर दिया गया.
प्रमाण पत्र जारी होने के बावजूद अधर में लटका है फिल्‍म का प्रदर्शन


सेंसर बोर्ड के अध्‍यक्ष दानियाल गिलानी ने बताया कि पिछले साल 26 जुलाई को फिल्‍म की रिलीज के लिए आग्रह किया गया था. इस पर सेंसर बोर्ड ने फिल्‍म को दोबारा देखने का फैसला किया. इसके बाद इसके कुछ विवादास्पद दृश्यों को हटा दिया गया था और 14 अक्टूबर को फिल्म को प्रमाण पत्र भी जारी किया गया था.' वहीं सेंसर बोर्ड की ओर से कहा गया है कि इस मामले के लिए बीच का रास्‍ता निकालने के लिए इस्‍लामिक वैचारिक परिषद की कमेटी को फिल्‍म दिखाई गई और उनकी राय के बाद ही फिल्‍म की रिलीज के बारे में कोई फैसला किया जाएगा.

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