अमेरिका की PAK को फटकार- भारत को आंख दिखाने के बदले आतंकियों पर कार्रवाई करो

अमेरिका (USA) के दो डेमोक्रेटिक सांसदों ने कहा, पाकिस्‍तान (Pakistan) जम्‍मू-कश्‍मीर (Jammu And Kashmir) से अनुच्‍छेद-370 (Article 370) हटाए जाने को लेकर भारत के खिलाफ कोई भी आक्रामक कदम उठाने के बजाय अपनी जमीन पर मौजूद आतंकी संगठनों की नकेल कसने के लिए दिखने वाले कदम उठाए. 

News18Hindi
Updated: August 8, 2019, 7:17 PM IST
अमेरिका की PAK को फटकार- भारत को आंख दिखाने के बदले आतंकियों पर कार्रवाई करो
कांग्रेस सदस्‍य एलियट लांस एंजेल (Eliot Lance Engel) और सीनेटर रॉबर्ट मेनेंडेज (Robert Menendez) ने संयुक्‍त बयान जारी कर पाकिस्‍तान को दी सख्‍त हिदायत.
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Updated: August 8, 2019, 7:17 PM IST
जम्‍मू-कश्‍मीर (Jammu-Kasmir) से अनुच्‍छेद-370 (Article-370) हटाए जाने से बौखलाया पाक कभी भारत को युद्ध की गीदड़ भभकी दे रहा है तो कभी व्‍यापारिक संबंध खत्‍म करने के फैसले ले रहा है. इस बीच अमेरिका (US) के दो डेमोक्रेटिक सांसदों ने पाकिस्‍तान (Pakistan) की फटकार लगाई है. उन्‍होंने सख्‍त हिदायत देते हुए कहा कि भारत के खिलाफ कोई भी आक्रामक कदम उठाने के बजाय पाकिस्‍तान अपनी जमीन पर मौजूद आतंकी संगठनों (Terrorist Groups) के खिलाफ ठोस और दिखने लायक कदम उठाए.

भारत के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई से बचे पाक 
सीनेटर रॉबर्ट मेनेंडेज (Robert Menendez) और कांग्रेस सदस्‍य एलियट लांस एंजेल (Eliot Lance Engel) ने संयुक्‍त बयान जारी किया. उन्‍होंने कहा, बेहतर होगा कि पाकिस्‍तान भारत के खिलाफ कोई भी आक्रामक कार्रवाई करने से बचे. वहीं, उन्‍होंने जम्‍मू-कश्‍मीर में आम लोगों पर लगाई गई पाबंदियों पर भी चिंता जाहिर की. बता दें कि पाकिस्‍तान ने बुधवार को भारतीय उच्‍चायुक्‍त (Indian High Commissioner) अजय बिसारिया (Ajay Bisaria) को भारत लौटने का फरमान सुना दिया था. साथ ही जम्‍मू-कश्‍मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्‍छेद-370 को हटाने के फैसले को एकपक्षीय और अवैध करार दिया था.

LoC पर घुसपैठियों की मदद न करे पाक

मेनेंडेज अमेरिकी सीनेट में विदेश संबंध समिति के सदस्‍य हैं, जबकि एंजेल विदेश मामलों की समिति के अध्‍यक्ष हैं. उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तान जवाबी कार्रवाई से बचने के साथ ही नियंत्रण रेखा (LoC) पर घुसपैठियों की मदद भी न करे. वहीं, जम्‍मू-कश्‍मीर में लोगों को हिरासत में लेने और लगाई गई पाबंदियों पर चिंता जताते हुए कहा कि यह भारत के लिए शानदार मौका है. वह दुनिया को सभी नागरिकों के अधिकारों की समान रूप से रक्षा की अहमियत दिखा सकता है. साथ ही बता सकता है कि विधानसभा की स्‍वतंत्रता, हर नागरिक की सूचना तक पहुंच और कानून के तहत सभी नागरिकों की समान रूप से सुरक्षा कैसे की जाती है.

भारत ने कहा, यह हमारा अंदरूनी मसला है
अमेरिकी सांसदों ने कहा कि पारदर्शिता और सियासी सहभागिता लोकतंत्र की खासियत है. हमें उम्‍मीद है कि भारत सरकार जम्‍मू-कश्‍मीर में इन सिद्धांतों को ध्‍यान में रखते हुए ही फैसले लेगी. वहीं, भारत अपने हमेशा के रुख पर कायम रहते हुए दोहराया चुका है कि जम्‍मू-कश्‍मीर भारत का अभिन्‍न हिस्‍सा है. यह हमारा अंदरूनी मामला है. भारत की संसद ने जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद-370 हटाने के संकल्‍प पत्र और सूबे को दो केंद्रशासित राज्‍यों जम्‍मू-कश्‍मीर व लद्दाख में बांटने को मंजूरी दे दी है. लिहाजा, कश्‍मीर घाटी में अफवाहों के कारण किसी भी अनहोनी को टालने के लिए मोबाइल फोन कनेक्टिविटी, लैडलाइन फोन सेवा और इंटरनेट सुविधा कुछ समय के लिए बंद कर दी गई है. साथ ही कुछ संवेदनशील इलाकों में निषेधाज्ञा भी लागू कर दी है.
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First published: August 8, 2019, 6:59 PM IST
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