रैनसमवेयर हमले के बाद अमेरिका की बड़ी पाइपलाइन ने काम रोका, बाइडन प्रशासन के लिए नई चुनौती

साइबर हमला. (सांकेतिक तस्वीर)

साइबर हमला. (सांकेतिक तस्वीर)

Ransomware Attack on US Fuel Pipeline: कंपनी पर हुआ यह हमला अहम ढांचों के बेहद नुकसानदेह साबित होने वाले साइबर हमलों की चपेट में आने की संवेदनशीलता को दर्शाता है.

  • ए पी
  • Last Updated: May 9, 2021, 3:45 PM IST
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वॉशिंगटन. रैनसमवेयर हमले के बाद पूरे ईस्ट कोस्ट में ईंधनों का परिवहन करने वाली अमेरिका की बड़ी पाइपलाइन ने अपना परिचालन रोक दिया है. व्हाइट हाउस अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि सरकार आपूर्ति संबंधी संभावित समस्याओं को दूर करने के लिए राज्य एवं स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर उपायों पर काम कर रही है और कई तरह के परिदृश्यों की योजना बना रही है.

विशेषज्ञों का कहना है कि हमले से गैसोलिन की आपूर्ति और कीमतों पर प्रभाव पड़ने की आशंका तब तक कम है, जब तक कि इसके कारण पाइपलाइन को बहुत लंबे समय तक बंद न रखना पड़े. रैनसमवेयर हमला ऐसा मालवेयर (दुर्भावना से बनाया गया सॉफ्टवेयर) होता है जो किसी कंप्यूटर सिस्टम को ब्लॉक कर देता है और उसका डेटा वापस करने या कंप्यूटर को फिर से खोल सकने के लिए फिरौती की मांग करता है. आपराधिक हैकर ऐसे साइबर हमलों को अंजाम देते हैं.

कोलोनियल पाइपलाइन ने यह नहीं बताया कि किस चीज की मांग की गई और किसने मांग की है. यह कंपनी ईस्ट कोस्ट पर उपभोग होने वाला 45 फीसदी ईंधन मुहैया कराती है. कंपनी पर हुआ यह हमला अहम ढांचों के बेहद नुकसानदेह साबित होने वाले साइबर हमलों की चपेट में आने की संवेदनशीलता को दर्शाता है.

यह प्रशासन के लिए नई चुनौती लेकर आया है जो कुछ महीने पहले हुए हैकिंग संबंधी बड़े हमलों से अब भी निपट ही रही है. इसमें सरकारी एजेंसियों और कॉर्पोरेशन में बड़े पैमाने पर किया गया अतिक्रमण शामिल है जिसके लिए अमेरिका ने पिछले महीने रूस पर प्रतिबंध लगा दिया था.

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