अमेरिकी चैनल का दावा- वुहान लैब में इंटर्न की गलती से लीक हुआ कोरोना वायरस

अमेरिकी चैनल का दावा- वुहान लैब में इंटर्न की गलती से लीक हुआ कोरोना वायरस
घरेलू माहौल में सोर्स कोव-2 अन्य कोरोना वायरयस की तुलना में तेजी से फैलता है.

अमेरिकी चैनल ने दावा किया कि जिस मार्केट से कोरोना वायरस (Coronavirus) के फैलने की बात कही जा रही है, वहां पर कभी चमगादड़ बेचे ही नहीं गए. चैनल के मुताबिक, चीन लैब से वायरस के निकलने की बात को छुपा रहा है.

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  • Last Updated: April 19, 2020, 10:58 AM IST
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वॉशिंगटन. चीन (China) से दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस (Coronavirus) का संक्रमण तेजी से फैल रहा है. ब्रिटेन, रूस और अमेरिका समेत दुनिया से कई देशों ने कोरोना वायरस को दुनियाभर में फैलाने का आरोप चीन पर लगाया है. इन सबके बीच अमेरिकी चैनल फॉक्स न्यूज (Fox News) ने दावा किया है कि कोरोना वायरस चीन के वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में काम करने वाली एक इंटर्न से गलती से लीक हुआ था. चैनल के इस दावे के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) में इस पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है.

चैनल में जो रिपोर्ट पेश की गई है, उसमें बताया गया है कि सूत्रों के मुताबिक दुनिया को भले ही लगे कि कोरोना वायरस प्राकृतिक है, लेकिन ऐसा नहीं है. यह वुहान के बायरोलॉजी लैब से निकला है. शोध के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन न करने के कारण यह वायरस लीक हो गया और इंटर्न खुद भी इससे संक्रमित हो गई. इसके बाद उसके संपर्क में आने से उसका बॉयफ्रेंड संक्रमित हुआ और बाद में यह वायरस तेजी से बढ़ता हुआ जानवरों के बाज़ार जा पहुंचा.

चैनल की ओर से दावा किया जा रहा है कि वेट मार्केट जहां से कोरोना वायरस के आने की बात कही जा रही है, वहां पर कभी चमगादड़ बेचे ही नहीं गए. चैनल के मुताबिक चीन लैब से वायरस के निकलने की बात को छुपा रहा है और जानबूझ कर वेट मार्केट को कसूरवार ठहरा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी दुनिया की प्रमुख पी-4 लेवल की लैब है. इस लै​ब में दुनियाभर के खतरनाक वायरस का परीक्षण किया जाता है.



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दो साल पहले ही अमेरिकी दूतावास ने दी थी जानकारी
वॉशिंगन पोस्ट के मुताबिक वुहान के वायोलॉजी लैब में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने की जानकारी अमेरिकी दूतावास ने चीन के अधिकारियों को दी थी. उन्होंने दो साल पहले ही इसके खतरे को भांपते हुए सख्त कदम उठाने को कहा था. यहां तक के गृह विभाग ने भी लैब में पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित टेक्निशियन न होने के बारे में चेतावनी दी थी. इसके बावजूद चीन की सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया.

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