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    US Election 2020: राष्ट्रपति चुनाव के लिए कितने बजे शुरू होगी वोटिंग और कब आएगा रिज़ल्ट

    अमेरिकी चुनाव के लिए वोटिंग आज (फोटो साभार-AP)
    अमेरिकी चुनाव के लिए वोटिंग आज (फोटो साभार-AP)

    US Election 2020: अमेरिकी चुनावों में वोटिंग 6 EST यानी के भारतीय समयानुसार (3 नवंबर को भारतीय समयानुसार 3:30 PM IST बजे शुरू होगी. जबकि ये 4 नवंबर सुबह 6:30 बजे भारतीय समयानुसार ख़त्म हो जाएगी. हालांकि स्पष्ट नतीजे आने में देर लग सकती है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 3, 2020, 5:18 PM IST
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    वाशिंगटन. संयुक्त राज्य अमेरिका (US President Election 2020) अपने 45वें राष्ट्रपति को चुनने के लिए बस कुछ ही घंटों में वोट करेगा. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और उनके डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंदी जो बाइडन (Joe Biden) के बीच चुनाव प्रचार के दौरान कड़ी तकरार देखने को मिली है. कोरोना वायरस महामारी के बीच भी दोनों ने मतदाताओं को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. भारत के विपरीत जहां चुनाव आयोग विभिन्न दौर के मतदान के बाद अंतिम परिणाम घोषित करता है, अमेरिका में हर राज्य गणना करता है और मतदान समाप्त होने के बाद अपना परिणाम घोषित करता है.

    अमेरिकी चुनाव 2020 की तारीख और समय
    अमेरिका के अधिकांश राज्यों में सुबह 6 बजे इएसटी (भारतीय समयानुसार 3 नवंबर को 3:30 PM IST) मतदान शुरू होगा. हालांकि मतदान शुरू करने वाला पहला राज्य सुबह 5 बजे इएसटी (3 नवंबर को 2:30 PM IST) होगा. उधर न्यूयॉर्क और नॉर्थ डकोटा में 9 बजे इएसटी (6:30 AM, 4 नवंबर) तक मतदान की प्रक्रिया चलेगी. अमेरिका में सबसे पहले 7 बजे एएसटी (4:30 AM IST) को मतदान बंद होगा. यानी 4 नवंबर को सुबह 6 बजे के बाद से अमेरिकी चुनावों के स्पष्ट रुझान आपके सामने होंगे.

    कहां देखें नतीजे?
    अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों को सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टीवी समाचार चैनलों जैसे- बीबीसी, सीएनएन, अल जज़ीरा अंग्रेजी आदि पर प्रसारित किया जाएगा. अमेरिका में 25 करोड़ से अधिक लोग हैं जो 18 या उससे अधिक हैं और लगभग 24 करोड़ नागरिक इस वर्ष मतदान करने के लिए पात्र हैं. इसमें कहा गया है कि अब तक 16 सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी राज्यों में 54 प्रतिशत वोट डाले जा चुके हैं, जो चुनाव को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं कि इस साल राष्ट्रपति पद कौन जीतेगा.





    वोटों की गिनती
    3 नवंबर को वोटिंग ख़त्म होगी. इन्हें पॉपुलर वोट कहा जाता है, लेकिन ये सीधे तौर पर संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति का फैसला या चुनाव नहीं करते हैं, हालांकि वे यह जानने में मायने रखते हैं कि इलेक्टोरल कॉलेज के "इलेक्टर" किसे मतदान करेंगे.

    270 इलेक्टोरल कॉलेज जीतने होंगे
    कई सर्वे में बाइडन ट्रंप पर बढ़त बनाए हुए हैं. अर्ली वोटिंग और डाक मतपत्र के माध्यम से अब तक पौन दस करोड़ लोग वोट डाल चुके हैं. यह संख्या वर्ष 2016 में डाले गए वोटों का लगभग 68 फीसद है. खास बात यह है कि यहां जीत सिर्फ पॉपुलर वोट से नहीं होती है. राष्ट्रपति बनने के लिए दोनों प्रत्याशियों में से किसी एक को 538 इलेक्टोरल कॉलेज में से 270 में जीत हासिल करनी होगी. इलेक्टर कॉलेज भी एक तरह के प्रतिनिधि होते हैं, जिनका चुनाव होता है.

    कोरोना वायरस का ख़तरा
    इस साल चीजों को धीमा करने वाला सबसे बड़ा स्पष्ट कारक है. लाखों अमेरिकियों ने मतदान स्थल पर कोरोना वायरस को जोखिम में डालने के बजाय मेल द्वारा मतदान करने का फैसला किया. सामान्य तौर पर उन मेल मतपत्रों को गिनने में अधिक समय लगता है. चुनाव कार्यकर्ताओं को अपने लिफाफों से मतपत्रों को निकालना होगा, त्रुटियों की जांच करनी होगी, उन्हें छांटना होगा और उन्हें समतल करना होगा.





    यह संभव नहीं है कि 3 नवंबर की रात को 15 करोड़ मतपत्रों की गिनती हो जाए. एसोसिएटेड प्रेस सहित मीडिया संगठनों ने चुनाव परिणामों के आधार पर चुनाव की रात में हजारों रेसों में विजेताओं की घोषणा की, जो इसमें मतदाता सर्वेक्षण और अन्य राजनीतिक डाटा शामिल है. नजदीकी मुकाबले में एपी को विजेता कहने से पहले वोट की अधिक संख्या की आवश्यकता हो सकती है. राज्य चुनाव से 22 दिन पहले अपने चुनाव कार्यालयों को डाक मतपत्रों को कार्यविधि करने की अनुमति देता है. यह सबसे बड़ा स्विंग स्टेट भी है. अगर ट्रंप ने फ्लोरिडा को खो दिया, तो उनके लिए 270 उपचुनाव तक पहुंचने के लिए बहुत मुश्किल होगी. दो अन्य दक्षिणी राज्य उत्तरी कैरोलिना और जॉर्जिया भी जल्द डॉक मतपत्रों की गिनती शुरू कर सकते हैं. ये दोनों राज्य ट्रंप के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं.
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