भारत-अमेरिका संबंधों पर नहीं पड़ेगा राष्ट्रपति चुनाव परिणाम का असरः विदेश मंत्रालय

फाइल फोटोः विदेश मंत्रालय (External Affairs Ministry) के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव
फाइल फोटोः विदेश मंत्रालय (External Affairs Ministry) के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव (US Presidential Election 2020) परिणाम का भारत-अमेरिका संबंधों (India-US relation) पर कोई असर नहीं पड़ेगा. दोनों देशों के रिश्तों की बुनियाद बेहद मजबूत है और भारत को अमेरिका में द्विदलीय समर्थन मिलता रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 6, 2020, 11:23 PM IST
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नई दिल्ली. भारत ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव (US Presidential Election 2020) के परिणाम का दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव (Anurag Shrivastava) ने कहा, 'आप सभी की तरह हम भी चुनाव परिणाम का इंतजार कर रहे हैं. हम सिर्फ इतना बता सकते हैं कि भारत-अमेरिका के संबंधों की बुनियाद बेहद मजबूत है. दोनों देशों की साझेदारी हरसंभव क्षेत्र में है, चाहे वो स्ट्रैटजिक हो, रक्षा हो या फिर दोनों देशों के नागरिकों के बीच की बात हो.'

उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिकी के रिश्तों की बुनियाद बहुत मजबूत है और रिपब्लिकन के साथ डेमोक्रेटिक पार्टी का भरपूर समर्थन मिलता रहा है.

श्रीवास्तव ने कहा कि भारत-अमेरिका की वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को अमेरिका में बहुत ही मजबूत द्विदलीय समर्थन मिलता रहा है. हर राष्ट्रपति और उनके प्रशासन ने दोनों देशों के बीच संबंधों के स्तर को ऊपर उठाया है.' विदेश मंत्रालय की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच ही ये खबर आई कि डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवार जो बिडेन ने निर्णायक राज्य पेंसिलवेनिया में बढ़त बना ली है.



विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के घनिष्ठ संबंधों के बारे में सवालों का जवाब दे रहे थे. डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार हैं और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से सितंबर 2019 में अमेरिकी राज्य ह्यूस्टन में आयोजित 'हाउडी मोदी' रैली में लगे नारे 'अब की बार ट्रंप सरकार' को लेकर भी सवाल पूछे गए.
अनुराग श्रीवास्तव से ये सवाल भी पूछा गया कि डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बिडेन की जीत से भारत और अमेरिका के रिश्तों पर क्या प्रभाव पड़ेगा? और क्या भारत सरकार को डेमोक्रेटिक प्रशासन के साथ अपने रिश्तों को बेहतर करने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी होगी.

तमाम सवालों के बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए अनियमितता के आरोपों पर कोई जवाब नहीं दिया.

भारत और अमेरिका के बीच पिछले महीने ही 2+2 मंत्री स्तर की बातचीत हुई और दोनों देशों के बीच बेसिक एक्सचेंज एंड को-ऑपरेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए. इस समझौते के तहत दोनों देश एक दूसरे के साथ क्लासीफाइड सैटेलाइट इमेज और एयरोनॉटिकल डाटा साझा कर सकेंगे. मीटिंग के बाद माइक पोम्पियो ने कहा कि भारत की संप्रभुता और अखंडता को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और ऐसी स्थिति में अमेरिका भारत के लोगों के साथ खड़ा है.

बीजिंग और वॉशिंगटन में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने भारत से क्वाड (भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका का समूह) में बड़ी भूमिका निभाने का आग्रह किया. पिछले महीने क्वाड के मंत्रियों ने अपनी दूसरी बैठक में स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए काम करने की प्रतिबद्धता जताई.
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