US Elections 2020: बाइडेन ने पुएर्तो रिको और ट्रंप ने लुइसियाना प्राइमरी जीती

US Elections 2020: बाइडेन ने पुएर्तो रिको और ट्रंप ने लुइसियाना प्राइमरी जीती
बाइडेन ने पुएर्तो रिको और लुइसियाना जबकि ट्रंप ने लुइसियाना प्राइमरी जीती

डेमोक्रेटिक पार्टी के संभावित उम्मीदवार जो बाइडेन (Joe Biden) ने पुएर्तो रिको (Puerto Rico primary) में पार्टी का प्राइमरी चुनाव जीत लिया है. उधर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और पूर्व उपराष्ट्रपति जो बाइडेन ने लुइसियाना (Louisiana Primary) से प्राइमरी का चुनाव जीत लिया है.

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वाशिंगटन. अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के संभावित उम्मीदवार जो बाइडेन (Joe Biden) ने पुएर्तो रिको (Puerto Rico primary) में पार्टी का प्राइमरी चुनाव जीत लिया है. प्राइमरी चुनाव अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की पहली सीढ़ी है. विभिन्न राज्यों में प्राइमरी चुनाव के जरिए पार्टियां अपने प्रबल दावेदार का पता लगाती हैं. बाइडेन का मुकाबला सात अन्य उम्मीदवारों से था, लेकिन सभी ने खुद को पहले ही इस दौड़ से बाहर कर लिया है. उधर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और पूर्व उपराष्ट्रपति जो बाइडेन ने लुइसियाना (Louisiana Primary) से प्राइमरी का चुनाव जीत लिया है. इस सीट से प्राइमरी चुनाव पहले दो बार स्थगित हो गया था.

लुइसियाना सीट पर रिपब्लिकन पार्टी के किसी अन्य उम्मीदवार से ट्रंप को कड़ी टक्कर नहीं मिली. वहीं बाइडेन के सामने 13 अन्य डेमोक्रेट्स की चुनौती रही. हालांकि वह पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने के लिए अन्य राज्यों में पर्याप्त प्रतिनिधि जुटा चुके हैं. लुइसियाना देश की आखिरी प्रेसीडेंशियल प्राइमरी में से एक है. यहां पर सबसे पहले चार अप्रैल को चुनाव होना था लेकिन कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के कारण उसे टाल दिया गया. डेमोक्रेटिक पार्टी के यह प्राइमरी चुनाव मार्च में होने थे, लेकिन कोरोना वायरस के चलते इन्हें स्थगित कर दिया गया था और यह रविवार को हुए. पुएर्तो रिको के निवासी अमेरिकी नागरिक होते हैं लेकिन वे आम चुनाव में मतदान नहीं कर सकते. हालांकि डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन दल अपने-अपने राजनीतिक सम्मेलनों में इस क्षेत्र से डेलीगेट्स को आमंत्रित करते हैं.

चीन के खिलाफ खुद को मजबूती से पेश करने में जुटे ट्रंप और बाइडेन
अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए चीन एक शीर्ष चुनावी मुद्दा बनकर उभरा है. ऐसे में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेट जो बाइडेन चीन के खिलाफ जुबानी जंग में एक-दूसरे को पछाड़ने में लगे हुए हैं. दोनों ही यह दर्शाना चाहते हैं कि वे चीन संबंधित मामलों में बेहतर तरीके से निपट सकते हैं. ट्रंप के चुनावी अभियान प्रबंधकों ने इस तरह के विज्ञापन निकाले हैं, जिनमें बाइडेन चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आवभगत में लगे हुए हैं.
वहीं, दूसरी तरफ बाइडेन के चुनावी अभियान की ओर से ट्रंप को कोरोना वायरस को हल्के में लेते हुए महामारी के बारे में पारदर्शी रहने को लेकर चिनफिंग की सराहना करते हुए दिखाया गया है. जबकि, यह स्पष्ट है कि चीन ने महामारी के बारे में दुनिया के सामने विवरण देर से साझा किए. विज्ञापनों की समीक्षा करने वाले रिपब्लिकन पोल्स्टर फ्रैंक ने कहा, ' मुझे लगता है कि कांटे का टक्कर होगा लेकिन मुझे नहीं पता कि इसका फायदा किसे मिलने जा रहा है?' फ्रैंक का मानना है कि आने वाले राष्ट्रपति चुनाव में अर्थव्यवस्था और कोरोना वायरस से निपटने के कदमों के साथ ही चीन तीसरा सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा है.



मतदाताओं के बीच यह भी चर्चा का विषय रहेगा कि चीन के अनुचित व्यापार व्यवहार, बढ़ती वैश्विक नाराजगी और मानवाधिकार उल्लंघन के खिलाफ ट्रंप अथवा बाइडेन कौन सबसे मजबूत तरीके से अमेरिका को पेश कर सकता है? उन्होंने कहा, ' जो व्यक्ति चीनी नेताओं के अधीन नजर आएगा, चुनाव में वह सबसे ज्यादा नुकसान में रहेगा.' अमेरिका में कोरोना वायरस फैलने के बाद किए गए एक सर्वे में अमेरिकी नागरिकों का गुस्सा उभर कर चीन के खिलाफ सामने आया था. इसके मुताबिक, 66 फीसदी लोगों ने चीन के खिलाफ नकारात्मक प्रतिक्रिया दी थी. वर्ष 2005 के बाद से यह चीन के खिलाफ अमेरिकी लोगों की सबसे खराब प्रतिक्रिया रही. ऐसे में राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव में संभावित उम्मीदवार चीन के खिलाफ खुद को एक-दूसरे से बेहतर विकल्प साबित करने में लग गए हैं.
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