अमेरिका का चुनाव कराने के लिए $100 मिलियन देंगे फेसबुक के सीईओ जुकरबर्ग और उनकी पत्नी प्रिसिला

फेसबुक सीईओ मार्क जुकरबर्ग (फाइल फोटो)
फेसबुक सीईओ मार्क जुकरबर्ग (फाइल फोटो)

US ELECTION 2020: फेसबुक (Facebook) के संस्थापक मार्ग जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) और उनकी पत्नी ​प्रिसिला चान Priscilla Chan ने कहा कि वे अमेरिका में तीन नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव करवाने के लिए 7,33,72,00,000 रुपये की और मदद देंगे.

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  • Last Updated: October 14, 2020, 12:13 PM IST
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वाशिंगटन. फेसबुक (Facebook) के संस्थापक मार्ग जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) और उनकी पत्नी ​प्रिसिला चान Priscilla Chan ने कहा कि वे अमेरिका में तीन नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव करवाने के लिए 7,33,72,00,000 रुपये की और मदद देंगे. वे यह आर्थिक मदद चुनाव अधिकारियों को समर्थन देने और चुनाव में खर्च के लिए देंगे. मार्क जुकरबर्ग और उनकी पत्नी ने प्रिसिल ने पहले भी कोविड-19 के कारण अमेरिकी चुनाव की चुनौतियों से लड़ने के लिए 22,01,10,00,000 रुपये की मदद दी थी.

जुकरबर्ग और उनकी पत्नी प्रिसिला ने पहले दिए 300 मिलियन डॉलर

जुकरबर्ग ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि हमने महसूस किया चुनाव कराने में जुटे अधिकारियों द्वारा वोटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने जितनी उम्मीद की थी उससे कहीं ज्यादा मदद की दरकार थी. यही वजह है कि हमने आज 100 मिलियन डॉलर की आर्थिक मदद की पेशकश की है. यह मदद सेंटर फॉर टेक एंड सिविक लाइफ (Center for Tech and Civic Life) को लोगों को सुरक्षित रखकर वोटिंग करवाने के लिए दिया जा रहा है.



जुकरबर्ग ने ​फेसबुक पर पोस्ट लिखकर दी जानकारी
उन्होंने लिखा कि 2,100 से ज्यादा चुनाव क्षेत्रों से सीटीसीएल को आर्थिक मदद के लिए आवेदन आ चुके हैं. सीसीटीएल शिकागो स्थित एक गैरलाभकारी संगठन है. सीसीटीएल की वेबसाइट के अनुसार, संगठन प्रजातंत्र को अधिक बेहतर बनाने और अमेरिकी चुनाव को अधिक आधुनिक बनाने में मदद करता है.

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जुकरबर्ग ने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा है कि उन्होंने धन के उपयोग को अवरुद्ध करने की कोशिश करने वाले मुकदमा करने वालों पर पलटवार करते हुए लिखा है कि हमारे द्वारा पहले मदद की पेश को लेकर कई मुकदमे किए गए. उनका मकसद हमारे द्वारा दी जा रही मदद की राशि के उपयोग पर रोक लगाना था और उनका कहना था कि दान हासिल करने वाले संगठनों का एक पक्षपातपूर्ण एजेंडा है. जाहिर सी बात है कि वे आरोप बिल्कुल निराधार और झूठे हैं.
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