US Elections Update: प्री-पोल बैलेट वोट ने तोड़ा रिकॉर्ड, ब्लैक लोगों ने बड़ी संख्या में की वोटिंग

अमेरिका में प्री-पोल बलेट वोटिंग ने तोड़ा रिकॉर्ड
अमेरिका में प्री-पोल बलेट वोटिंग ने तोड़ा रिकॉर्ड

US Elections Update: एक इंडिपेंडेंट वोट मॉनिटर के मुताबिक, 2020 में प्री इलेक्शन बैलट़स की संख्या 4 साल पहले हुए चुनाव में पड़े ऐसे वोटों से आगे निकल गई है. यह 3 नवंबर को होने वाली फाइनल वोटिंग से 9 दिन पहले का आंकड़ा है. इस रिपोर्ट के मुताबिक इस बार चुनाव में 15 करोड़ से ज्यादा लोग वोट डाल सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 27, 2020, 8:42 AM IST
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वाशिंगटन. अमेरिका (US Presidential Elections 2020) के राष्ट्रपति चुनाव में अब कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं और इस बार का ये चुनाव कई रिकॉर्ड तोड़ता भी नज़र आ रहा है. इस बार कोरोना माहामारी (Coronavirus) के चलते वोटिंग के ट्रेंड में भी बदलाव नज़र आ रहा है और करोड़ों की संख्या में वोटर्स बूथ पर जाकर वोटिंग करने से परहेज कर रहे हैं. इसी के मद्देनज़र प्री-पोल वोटिंग (Pre poll ballots) ने इस बार नया रिकॉर्ड भी बना दिया है. एक स्वतंत्र संस्था इंडिपेंडेंट यूएस इलेक्शन प्रोजेक्ट ने दावा किया कि रविवार तक 5.9 करोड़ से ज्यादा लोग वोट डाल चुके हैं, जिनमें ब्लैक वोटर्स की संख्या काफी ज्यादा हो सकती है.

CNN की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में ब्लैक जनता पुलिस हिंसा, नस्लवाद और व्हाइट सुपरमेसी जैसे मुद्दों पर बढ़-चढ़कर वोटिंग कर रही है. बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने Affordable Care Act से जुड़े फैसले को पलट दिया था जिसका सीधा नुकसान गरीबी में जीवन बिता रहे ब्लैक लोगों को ही हो रहा है. कोरोना महामारी के दौरान भी अमेरिका में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं. इन मौतों में बड़ी संख्या ब्लैक अमेरिकन्स की है. कोरोना से अभी तक करीब 2 लाख 23 हज़ार से ज्यादा ब्लैक अमेरिकन्स की मौत हो चुकी है. कई रिसर्च में सामने आया है कि ब्लैक और एशियन अमेरिकन्स की कोरोना से ज्यादा मौतें होने के पीछे स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की उपलब्धताओं में बड़ा अंतर है.

डेमोक्रेट्स को है फायदे की उम्मीद
एक इंडिपेंडेंट वोट मॉनिटर के मुताबिक, 2020 में प्री इलेक्शन बैलट़स की संख्या 4 साल पहले हुए चुनाव में पड़े ऐसे वोटों से आगे निकल गई है. यह 3 नवंबर को होने वाली फाइनल वोटिंग से 9 दिन पहले का आंकड़ा है. यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा की ओर से संचालित एक इंडिपेंडेंट यूएस इलेक्शन प्रोजेक्ट ने दावा किया कि रविवार तक 5.9 करोड़ से ज्यादा लोग वोट डाल चुके हैं. यूएस इलेक्शन असिस्टेंस कमीशन की वेबसाइट के अनुसार, पिछली बार कुल 5.7 करोड़ लोगों ने मेल के जरिए या पोलिंग से पहले वोट दिया था.
डेमोक्रेटिक पार्टी शुरुआत से ही प्री पोल वोटिंग को बढ़ावा दे रही है. इससे लग रहा है कि इसमें उन्हें बढ़त मिल सकती है. इसके उलट डोनाल्ड ट्रम्प महीनों से बिना किसी सबूत के दावा कर रहे हैं कि मेल से डाले जाने वाले वोट (मेल इन बैलट) धोखाधड़ी की वजह बनते हैं. इस वजह से रिपब्लिकन पार्टी के समर्थकों से चुनाव के दिन ही वोटिंग की उम्मीद की जाती है. यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा में पॉलिटिकल साइंस के प्रोफेसर माइकल मैक्डॉनाल्ड का कहना कि जिस तरह देश में कोरोना फैल रहा है, यह रणनीति ज्यादा जोखिम भरी है. माइकल एक इलेक्शन प्रोजेक्ट का प्रबंधन भी कर रहे हैं. उन्होंने ट्वीट किया कि क्या हो अगर उनके कुछ मतदाता वोट न डालने का फैसला कर लें या पोलिंग बूथ ही बंद हो जाए.





15 करोड़ लोग डाल सकते हैं वोट
इस रिपोर्ट के मुताबिक इस बार चुनाव में 15 करोड़ से ज्यादा लोग वोट डाल सकते हैं. 2016 के चुनाव में यह आंकड़ा 13.7 करोड़ रहा था. इनमें कुछ राज्य बहुत अहम साबित हो सकते हैं. यहां वोटिंग का आंकड़ा रिकॉर्ड तोड़ रहा है. इनमें टेक्सास भी शामिल है. बीते रविवार तक ही यहां 2016 के मुकाबले 80% वोट डाले जा चुके हैं. मैक्डोनाल्ड ने अपने ट्वीट में बताया कि टेक्सास में शुक्रवार तक प्री पोल वोटिंग जारी है. कोई शक नहीं कि फाइनल वोटिंग के दिन तक टेक्सास में 2016 से ज्यादा वोटिंग हो चुकी होगी. सवाल यही है कि ये कितनी ज्यादा होगी. टेक्सास पारंपरिक रूप से रिपब्लिकन पार्टी का गढ़ रहा है. यहां 1980 के बाद से ही रिपब्लिकन उम्मीदवारों को समर्थन मिला है.
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