सीरिया को मदद पहुंचाने के सिलसिले में तुर्की रवाना हुईं अमेरिकी राजदूत, रूस ने दिया था दखल

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत लिंडा थॉमस ग्रीनफील्ड. (रॉयटर्स फाइल फोटो)

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत लिंडा थॉमस ग्रीनफील्ड. (रॉयटर्स फाइल फोटो)

US Aid to Syrians: अमेरिकी राजदूत ग्रीनफील्ड की यात्रा ऐसे वक्त में हो रही है जब मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के आदेश की अवधि 10 जुलाई को समाप्त हो रही है.

  • ए पी
  • Last Updated: June 2, 2021, 12:00 PM IST
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संयुक्त राष्ट्र. संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत लिंडा थॉमस ग्रीनफील्ड यह सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार देर रात तुर्की रवाना हुईं कि विभिन्न सीमाओं से सीरिया तक मानवीय सहायता पहुंचायी जाए. दरअसल, रूस ने केवल एक सीमा से मानवीयता सहायता पहुंचाने पर जोर देते हुए कहा कि सीरिया सरकार को लाखों जरूरतमंदों को दी जाने वाली हर तरह की सहायता पर नियंत्रण रखना चाहिए.

ग्रीनफील्ड की यात्रा ऐसे वक्त में हो रही है जब मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के आदेश की अवधि 10 जुलाई को समाप्त हो रही है. अब यह मानवीय सहायता तुर्की से सीरिया के विद्रोहियों के कब्जे वाले उत्तर पश्चिम हिस्से में केवल एक सीमा से पहुंचायी जा रही है. यह सब सीरिया के करीबी सहयोगी रूस के दबाव के चलते हुआ.

यह यात्रा अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के 14 जून को ब्रसेल्स में नाटो शिखर सम्मेलन के इतर तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन के साथ पहली मुलाकात के मद्देनजर हो रही है. एक समय रणनीतिक साझेदार माने जाने वाले तुर्की और अमेरिका के बीच रिश्ते हाल के वर्षो में बिगड़ गए हैं. उनके बीच सीरिया, रूस के साथ तुर्की के सहयोग और पूर्वी भूमध्यसागर में तुर्की के नौसैन्य हस्तक्षेप को लेकर भी मतभेद हैं.

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के मिशन ने मंगलवार को घोषणा की कि ग्रीनफील्ड बुधवार से शुक्रवार तक तुर्की के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुलाकात कर ‘अमेरिका-तुर्की संबंध मजबूत करने, वैश्विक चुनौतियों से निपटने और सीरिया के मामले पर सहयोग बेहतर बनाने को लेकर हमारे नाटो सहयोगी के साथ काम करने के अवसरों पर चर्चा करेंगी’.

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